Sunday, 21 April 2019

श्रीलंका धमाका: 3 भारतीयों 35 विदेशी समेत 215 लोगों की मौत, करीब 500 घायल, 12 घंटे के लिए कर्फ्यू -




सरफ़राज़ अहमद


श्रीलंका में सीरियल बम धमाकों में 3 भारतीयों समेत 35 विदेशी नागरिकों की मौत



श्रीलंका में रविवार को हुए सिलसिलेवार 8 बम धमाकों में 3 भारतीय नागरिक भी मारे गए हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। इन बम धमाकों में अब तक 207 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 400 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं।

विदेश मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने तीन भारतीयों की मौत की जानकारी दी है। मृतकों के नाम लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश हैं। तीनों मृतकों के बारे में अभी और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।

इस बीच सुषमा स्वराज ने बताया कि उन्होंने श्रीलंका के विदेश मंत्री से बात कर उन्हें हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। यही नहीं जरूरत पड़ने पर भारत मेडिकल टीम भेजने की भी बात कही है।

सुषमा स्वराज ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'मैंने अभी श्रीलंका के विदेश मंत्री तिलक मारापाना से बात की। उन्होंने बम धमाकों में 207 लोगों की मौत और 450 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की है।

लोकसभा चुनाव 2019: साइबर योद्धाओं ने संभाली चुनाव की कमान



सरफ़राज़ अहमद


राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने, अपनी नीतियां प्रचारित-प्रसारित करने, विपक्षी पार्टियों की पोल खोलने के लिए सोशल मीडिया की पूरी टीम तैयार कर ली है। पिछले आम चुनाव में सोशल मीडिया पर एक्टिव रही भाजपा के साथ ही इस बार कांग्रेस और महागठबंधन भी इसमें पीछे नहीं हैं। लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रवार युवा कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर सभी को जिम्मेदारी दे दी गई है।

भाजपा

काशी क्षेत्र के सोशल मीडिया प्रभारी शशि कुमार हैं। काशी क्षेत्र के सभी 14 संसदीय क्षेत्रों की पार्टी की सोशल मीडिया टीम की निगरानी यहीं से हो रही है। 14 संसदीय क्षेत्रों के लिए 15 सदस्य हैं। हर लोकसभा क्षेत्र में एक सक्रिय सदस्य के साथ ही विधानसभा क्षेत्र स्तर पर तीन-तीन सदस्यों की टीम काम कर रही है। मंडल स्तर पर पांच-पांच सदस्य अलग से काम कर रहे हैं। वाराणसी संसदीय क्षेत्र के लिए 30 कार्यकर्ताओं की टीम है।

कांग्रेस

वाराणसी लोकसभा के लिए पार्टी की ओर से सोशल मीडिया की जिम्मेदारी अरुण सोनी को दी गई है। अरुण सोनी ने बताया कि लोकसभा वार 22 लोगों की टीम काम कर रही है। विधानसभा क्षेत्र स्तर पर एक-एक कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी गई है। उनके निर्देशन में आठ अन्य कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। लोकसभा स्तर पर अभिषेकधर दुबे, अमित त्रिपाठी, सरिता पटेल और श्रीश मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता काम कर रहे हैं।

सपा-बसपा गठबंधन

सपा के प्रदेश सचिव प्रदीप जायसवाल को वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में सोशल मीडिया से प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। समाजवादी युवजन सभा और समाजवादी छात्र सभा के पांच सक्रिय सदस्यों के नेतृत्व में 50 युवा कार्यकर्ताओं की टीम बनी है। बहुजन समाज पार्टी की ओर से कोई सोशल मीडिया विंग नहीं है। जिलाध्यक्ष लक्ष्मण राम एडवोकेट के मुताबिक कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहकर पार्टी के कैंपेन को ही शेयर करने के निर्देश हैं।

वार रूम से सोशल मीडिया पर निगहबानी

पार्टियों ने सोशल मीडिया पर निगहबानी के लिए वार रूम बनाया है। गुलाबबाग स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर सोशल मीडिया का वार रूम है, हालांकि यह अभी चुनाव कार्यालय में शिफ्ट होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा के मुताबिक मैदागिन स्थित महानगर कार्यालय और सपा के प्रदीप जायसवाल ने बताया कि उनके आवास पर वार रूम तैयार किया जा रहा है।

फेक पोस्ट का कैसे जवाब दें, इस पर ज्यादा फोकस

तीनों दलों के सोशल मीडिया प्रभारी के मुताबिक आम तौर पर फेसबुक और ह्वाट्सएप यूजर ज्यादा हैं, इसलिए सक्रियता इन्हीं दोनों पर ज्यादा है। इसमें अपनी पार्टियों के पक्ष में पोस्ट शेयर करने से लेकर विपक्षी दलों के पोस्ट पर नजर रखने की जिम्मेदारी अलग-अलग कार्यकर्ताओं को दी गई है। खासतौर से फेक पोस्ट का कैसे

सालों तक गृह युद्ध की दहशत में जीने के बाद, आज दोबारा श्रीलंका ने देखा वही मंजर



सरफ़राज़ अहमद


ईस्टर संडे के दिन रविवार को श्रीलंका में कई जगह बम धमाके हुए। अभी तक मरने वालों की संख्या 167 से अधिक हो चुकी है। वहीं 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन धमाकों से श्रीलंका के लोगों में वही पुराना डर दिखा, जो आज से कई साल पहले तक दिखा करता था। यहां करीब 25 सालों तक गृह युद्ध चला। जिसमें आए दिन लोगों की जान जाती थी।

हजारों सैनिकों की मौत

इस गृह युद्ध की शुरुआत वेलुपिल्लई प्रभाकरण ने की थी। उसने कुछ साथियों के साथ मिलकर 'लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम' लिट्टे नाम का एक संगठन बनाया था। लिट्टे 1980 का दशक आते आते सबसे बड़ा और मजबूत तमिल आतंकवादी संगठन बन चुका था। लिट्टे ने कई सामूहित हत्याओं को अंजाम दिया था। इस संगठन ने श्रीलंका को कई बार बम धमाकों से दहलाया।

निहायती खतरनाक व्यक्ति

लिट्टे के संस्थापक प्रभाकरण को श्रीलंका में अभी तक का सबसे खतरनाक आदमी माना जाता है। उसने सैकड़ों राजनीतिक हत्याओं, कई आत्मघाती हमलों, हजारों लोगों और सैनिकों की मौत को अंजाम दिया था। एक मीडिया रिपोर्ट पर आधारित आंकड़े बताते हैं कि 25 साल तक चले गृह युद्ध में लाखों लोगों की जान गई।

राजीव गांधी की हत्या

वो प्रभाकरण ही था, जिसके इशारे पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर आत्मघाती हमला कर उनकी हत्या की गई। भारतीय पुलिस भी राजीव गांधी की हत्या का जिम्मेदार प्रभाकरण को ही मानती है। मई 1991 में राजीव गांधी की हत्या प्रभाकरण के इशारे पर ही की गई थी।

ऐसा माना जाता है कि भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर 1980 के दशक में श्रीलंका में शांति रक्षक बल भेजने के राजीव गांधी के फैसले से प्रभाकरण नाराज था। और उनसे बदला लेने के लिए उसने उनकी हत्या करवा दी। प्रभाकरण श्रीलंका के राष्ट्रपति की हत्या का प्रयास भी कर चुका था।

श्रीलंका में अमेरिका जैसा हमला

प्रभाकरण के लोगों ने राजधानी कोलंबो में भीड़ भरे इलाके में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर नाम की प्रतीकात्मक इमारत पर 1997 में हमला कर दिया था। जबकि इसी नाम की इमारत पर अमेरिका में 2001 में हमला हुआ था। प्रभाकरण ने तमिल राष्ट्रवाद के नाम पर अपने संगठन में लोगों की संख्या 50 से 10 हजार तक कर ली थी।

प्रभाकरण का अंत

श्रीलंका में 19 मई, 2009 वो दिन था, जिसके बाद यहां शांति कायम हुई। इसी दिन प्रभाकरण की मौत हुई और सालों से चला आ रहा गृह युद्ध समाप्त हुआ। अपने जीवन की आखिरी लडा़ई में प्रभाकरण मारा गया। उस आखिरी लड़ाई में उसे श्रीलंकाई सैनिकों ने चारों ओर से घेर लिया था। उसके माथे में गोली लगी, जिसके कुछ सेंकेंड बाद उसकी मौत हो गई।

प्रभाकरण की मौत के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने वहां की संसद में एलान किया कि अब श्रीलंका में कोई अल्पसंख्यक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब श्रीलंका में केवल दो लोग होंगे, एक वो जो अपने देश को प्यार करते हैं और दूसरे वो जिन्हें अपने जन्म स्थान से कोई प्यार नहीं है।

श्रीलंका में कब-कब हुए हमले?

जुलाई, 1983- उत्तरी श्रीलंका में चरमपंथी हमले कर रहे तमिल अलगाववादियों ने 13 सैनिकों की जान ले ली। इसके बाद राजधानी कोलंबो में तमिल विरोधी दंगे हुए, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई।

1987- भारतीय सेना का भारतीय शांति रक्षा दल 1987 से 1990 के मध्य तक श्रीलंका में शांति स्थापना ऑपरेशन क्रियान्वित कर रहा था। लिट्टे ने शांति से साफ इनकार कर दिया। इन तीन सालों के दौरान करीब एक हजार भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।

1991- लिट्टे के संदिग्ध आत्मघाती हमलावर ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दक्षिण भारत में हत्या कर दी। इसके दो साल बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति राणासिंघे प्रेमदासा की एक अन्य आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई। दोनों में ही लिट्टे जिम्मेदार था।

1995- राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा विद्रोहियों के साथ बातचीत के लिए सहमत हुईं। लेकिन फिर भी बात नहीं बनी। इसी साल कोलंबो सेंट्रल बैंक में आत्मघाती धमाका हुआ। जिसमें करीब 100 लोगों की मौत हो गई।

15 अक्तूबर, 1997- कोलंबो स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ। जिसमें 15 लोगों की मौत हुई।

2008- इस साल बसों और रेलवे स्टेशनों सहित कई जगहों पर लिट्टे ने हमलों को अंजाम दिया। जिसमें करीब 65 लोगों की मौत हुई। गृह युद्ध में आए दिन विद्रोहियों और सेना के बीच भी गोलीबारी चलती थी। जिसमें सैनिकों सहित आम नागरिकों की भी मौत हुईं।

आपके लिए- श्रीलंका में आतंकवादी संगठन लिट्टे ने बड़ी संख्या में आम नागरिकों और राजनेताओं की हत्या की। कई जगहों पर आत्मघाती हमले किए गए। जिस कारण 25 सालों तक ये देश गृह युद्ध की चपेट में रहा। श्रीलंका में इस आतंकी संगठन (लिट्टे) के संस्थापक की 2009 में मौत के बाद शांति स्थापित हुई। लेकिन रविवार को एक बार फिर श्रीलंका में बम धमाके हुए। यहां चर्च सहित अन्य स्थानों पर अब तक आठ बम धमाके हो चुके हैं।

साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान, कहा- "बाबरी मस्जिद" गिराए जाने पर हमें गर्व है, मंदिर वही बनाएंगे



सरफ़राज़ अहमद


मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे का अपमान करने के बाद प्रज्ञा ने एक और विवदित बयान दिया है। साध्वी (Sadhvi pragya) ने कहा बाबरी मस्जिद (babri masjid) को गिराए जाने पर हमे गर्व है। वह कहती हैं कि, श्री राम के मंदिर पर कुछ तत्व थे उनको हमने हटा दिया। जाहिर है शहीद का अपमान करने के बाद देश में पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है।

दरअसल साध्वी ने बाबरी मस्जिद को गिराए जाने को लेकर कहा कि, वह इस बात पर गर्व महसूस करती हैं। उन्हें बाबरी मस्जिद की गिराए जाने पर दुःख नहीं है। जाहिर है शहीद करकरे का अपमान करने पर साध्वी की जमकर आलोचना हो रही है और चुनाव आयोग ने उनको नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

बाबरी मस्जिद गिराने पर गर्व, मंदिर वहीँ बनाएंगे

लंबे समय से भाजपा सरकार में अयोध्या मामला

 (Ayodhya)चर्चा में रहा है। वहीं यह मुद्दा अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है और इसके पीछे की वजह है भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार और विवादित बयान। जी हां शहीद करकरे को देशद्रोह और उनका अपमान करने के बाद अब बाबरी मस्जिद (babri masjid) को गिराए जाने पर गर्व जताया है। आज तक के साथ बातचीत में प्रज्ञा ने कहा कि, उन्हें बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर हमे बिलकुल भी दुःख नहीं है, बल्कि हम गर्व करते हैं। यही नहीं प्रज्ञा ने मंदिर निर्माण के सवाल पर बात करते हुए कहा कि, हम मंदिर वहीं बनाएंगे।

आपको बता दें कि, साध्वी प्रज्ञा पर मालेगांव ब्लास्ट में मारे गए 6 लोगों और कई घायलों के आरोप में बेल मिली हुई हैं। बहरहाल अब चुनाव में यह मदद जबरदस्त चर्चा में है। इसके इतर यूंहोने अपनी उम्मीदवारी पर बात करते हुए कहा कि, जनता उनके साथ है और वह बड़ी जीत हासिल करेंगी।

बाबरी मस्जिद पर चढ़कर उसको तोड़ा

साध्वी ने फिर बड़बोला बयान देते हुए बाबरी मस्जिद का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘राम मंदिर जरूर बनेगा। एक भव्य मंदिर बनेगा। प्रज्ञा ने कहा ‘हम मंदिर वहीं बनाएंगे। आखिरकार, हम ढांचे को ध्वस्त करने के लिए गए थे।’ बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने में अपनी भूमिका पर रोशनी डालते हुए साध्वी ने कहा, ‘मैंने ढांचे पर चढ़कर उसे तोड़ दिया। प्रज्ञा ने कहा कि, मुझे काफी गर्व है कि भगवान ने मुझे यह मौका दिया और मुझे शक्ति प्रदान की। साथ ही इस दौरान प्रज्ञा ने मंदिर राजनीति को लेकर कहा कि, राम मंदिर भाजपा का मुद्दा नहीं है।

सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखने की शिकायत पर सीएमएस की लगी क्लास



सरफ़राज़ अहमद


वाराणसी। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों द्वारा मरीजों को बाहर की दवा लिखने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को श्रम एवं स्वास्थ्य के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा के निरीक्षण के दौरान खामियां खुलकर सामने आ गईं। मरीजों ने चिकित्सकों पर बाहर से दवाएं लिखने का आरोप लगाया। शिकायत मिलने पर प्रमुख सचिव भड़क उठे। उन्होंने तत्काल अस्पताल के सीएमएस की जमकर क्लास लगाई और सभी को चेतावनी दी।

दीनदयाल अस्पताल में प्रमुख सचिव ने 40 मिनट तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।

इस दौरान बाहर से दवा लिखने, लावारिस मरीजों पर अस्पताल प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने को उन्होंने गंभीरता से लिया। ओपीडी में सबसे अधिक शिकायत तो बाहर से दवा लिखे जाने की मिली। सीएमएस से जब उन्होंने जवाब तलब किया तो उन्होंने बताया कि स्टेट डिपो पर दवाएं नहीं उपलब्ध हो रही हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने रिपोर्ट बनाकर भेजने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अब तक भेजे गए इंडेंट की कॉपी भी मांगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, आईपीडी, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, इमरजेंसी वार्ड, डायलिसिस व आयुष्मान भारत की भी जानकारी ली।