वाराणसी :- धर्म नगरी काशी में सोमवार की शाम मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली। चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान लोगों को उस समय राहत मिली, जब शहर और ग्रामीण इलाकों में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ हुई तेज बारिश ने शहर की फिजा बदल दी और पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई।
वाराणसी में पिछले छह दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब बारिश हुई है। इससे पहले 29 अप्रैल को आई भीषण आंधी और बारिश ने गर्मी के तेवर नरम कर दिए थे। तब से ही नम पुरवा हवाओं और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सोमवार सुबह से ही धूप का असर कम था और हवा में नमी बनी हुई थी।
शाम करीब 6:30 बजे अचानक तेज आंधी शुरू हुई, जिसके बाद शहर के प्रमुख इलाकों जैसे लहुराबीर, सिगरा, महमूरगंज, नदेसर, चौकाघाट, लहरतारा, मंडुवाडीह और लंका में हल्की से तेज बारिश का दौर चला। करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर हुई इस बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
बीएचयू के प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वायुमंडल में नमी और स्थानीय सिस्टम के सक्रिय होने के कारण अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आने वाले 72 घंटों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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