4/22/2026

वाराणसी में हाई अलर्ट 25से 27 अप्रैल तक 45 केंद्रों पर सख्त निगरानी में होगी होमगार्ड भर्ती परीक्षा DM सत्येंद्र कुमार के निर्देश


वाराणसी। उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स एनरोलमेंट परीक्षा-2025 को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। बुधवार को यातायात पुलिस लाइन सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में सभी संबंधित अधिकारियों की अहम ब्रीफिंग आयोजित की गई। यह परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक जिले के 45 केंद्रों पर दो पालियों में कराई जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। इस दौरान कुल 20,112 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। ओएमआर शीट, पैकेजिंग और परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इस पर विशेष जोर दिया गया। परीक्षा पूरी तरह उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की एसओपी के अनुरूप कराई जाएगी।

केंद्र व्यवस्थापकों को स्कूलों की सफाई, कक्ष निरीक्षकों की ब्रीफिंग, सीसीटीवी निगरानी और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में फोटोस्टेट की दुकानें बंद रहेंगी और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

अभ्यर्थियों की सख्त चेकिंग और फ्रिस्किंग होगी। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इसके लिए क्लॉक रूम की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही डीवीआर के माध्यम से निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

डीएम ने कहा कि हर परीक्षा में चुनौतियां आती हैं, लेकिन समन्वय और सतर्कता से इन्हें पार किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश पुस्तिका का गहन अध्ययन करने और पूर्व अनुभवों का लाभ उठाते हुए परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का आह्वान किया।

बैठक में एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, नम्रता श्रीवास्तव सहित प्रशासन और पुलिस के तमाम अधिकारी, मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे।

धर्म की नगरी काशी में विश्व पृथ्वी दिवस पर प्लास्टिक कचरे से पृथ्वी और गंगा को बचाने का दिया संदेश


वाराणसी :- विश्व पृथ्वी दिवस पर बुधवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में नमामि गंगे ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर कपड़े के झोले का वितरण करने के साथ प्लास्टिक कचरे से पृथ्वी और गंगा को बचाने का संदेश भी दिया।

नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने, गंगा को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनमानस से व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। लोगों से अपील की गई कि हम पृथ्वी के संरक्षण के लिए जीवनशैली में बदलाव लाएं, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कहें “ना” और जूट या कपड़े के थैलों को कहें “हाँ”।

विश्व को प्लास्टिक कचरे से बचाने के लिए की गई जागरूकता के दौरान इटली से पधारे पर्यटकों ने भी अभियान में हिस्सा लिया। जागरूकता के दौरान घाटों पर प्लास्टिक और अन्य कूड़े को साफ कर पॉलीथिन मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि पृथ्वी को संरक्षित करने के लिए प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त एक ‘स्वच्छ और निर्मल’ भविष्य जरूरी है। गंगा सिर्फ नदी नहीं, हमारी आत्मा है, जिसे प्लास्टिक और रसायनों से बचाना अनिवार्य है।

गंगा को स्वच्छ रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। गंगा के किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को प्लास्टिक व अन्य कचरा न फैलाने का संदेश वर्तमान परिवेश में न केवल अनिवार्य है बल्कि अपरिहार्य है। जागरूकता के दौरान प्रमुख रूप से महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, शिखा तिवारी, शगुन तिवारी सहित नमामि गंगे के स्वयंसेवक शामिल रहे।

मंडलीय अस्पताल में बनने वाले 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास PM मोदी करेंगे

वाराणसी। कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में बनने वाले पांच सौ बेड के मल्टी सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को करेंगे। इसमें 47 बेड का आईसीयू होगा। मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए कैफेटेरिया भी होगा। मल्टी सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में ओपीडी, आईपीडी, प्राइवेट वार्ड, मोर्चरी, आइसोलेशन वार्ड, पैलेटिव केयर वार्ड, लॉन्ड्री, किचन, कैफेटेरिया, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, ब्लड बैंक और स्किल्ड लैब की सुविधा होगी। इसमें 14 बेड का बर्न वार्ड, 15 बेड का डे केयर, 20 बेड का डायलिसिस, 30 बेड का एनआरसी पोषण पुनर्वास केंद्र, पांच ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथैरेपी कक्ष, फेमिली मेडिसिन, पीएसी, डेंटल, आयुष, जीरियाट्रिक मेडिसिन, न्यूट्रीशन, एनसीडी क्लिनिक, मानसिक रोग और डरमेटोलाजी ओपीडी की सुविधा रहेगी।मंडलीय
अस्पताल के एसआईसी डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि मल्टी सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में छह सौ वाहनों की पार्किंग व्यवस्था होगी। वह आधुनिक और यांत्रिक प्रणाली पर आधारित होगा। सीमित स्थानों पर लिफ्ट के जरिए कई वाहन पार्क हो सकेंगे। हाइड्रोलिक या मैकेनिकल लिफ्ट से गाड़ियां ऊपर-नीचे की जा सकेंगी।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के र‍िजल्‍ट का उत्साह चरम पर, नोट कर लें कब और क‍ितने बजे आ रहा बोर्ड परीक्षा का परिणाम


यूपी बोर्ड के 10वीं-12वीं की परीक्षा में शामिल हुए करीब 52 लाख विद्यार्थियों का इंतजार आखिरकार अब समाप्त हो गया है।यूपी बोर्ड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर रिजल्ट कल जारी करने की जानकारी दी है। पोस्ट में लिखा है कि सूचित किया जाता है कि वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा का परीक्षाफल दिनांक 23-04-2026 को सायं 04:00 बजे माध्यमिक शिक्षा परिषद्, मुख्यालय, प्रयागराज से घोषित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बीते वर्ष 25 अप्रैल को बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, जबकि इस बार रिजल्ट उससे दो दिन पहले यानी 23 अप्रैल को जारी किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुताबिक वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें हाईस्कूल परीक्षा के लिए 27 लाख 50 हजार 945 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं शामिल रहीं। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए कुल 24 लाख 79 हजार 352 विद्यार्थियों ने आवेदन किया।

2026 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। हाईस्कूल में 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं रहीं। वहीं, इंटरमीडिएट में 24 लाख 79 हजार 352 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

बोर्ड परीक्षाएं उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बनाए गए 8033 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गईं। परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू हुईं और 12 मार्च 2026 तक चलीं। परीक्षा दो पालियों में कराई गई, ताकि सभी विषयों की परीक्षाएं सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।

इस बार परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित भी रहे। कुल 2.87 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें हाईस्कूल के 1.61 लाख परीक्षार्थी और इंटरमीडिएट के 1.26 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हैं। अब लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों को रिजल्ट जारी होने का इंतजार है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सजा ‘काशी कला कुंभ-2026’: कला, संस्कृति और सृजन का अद्भुत संगम.

वाराणसी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय कला मंच द्वारा आयोजित “काशी कला कुंभ - 2026” का भव्य शुभारंभ पंडित ओंकारनाथ प्रेक्षागृह में हुआ। दो दिवसीय यह आयोजन गुरुवार को संपन्न होगा, जिसमें कला, संस्कृति और भारतीय परंपरा की विविध झलक देखने को मिल रही है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं मधुमिता भट्टाचार्य ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन कला के विभिन्न आयामों को मंच प्रदान करते हैं और उनकी गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाते हैं।

राष्ट्रीय कला मंच के अखिल भारतीय प्रमुख अंकित शुक्ला ने मंच की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कला की अभिव्यक्ति को सरल और व्यापक बनाना है। उन्होंने युवाओं से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

*विशिष्ट अतिथि आनंद*

 श्रीवास्तव ने लोक कलाओं की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि ये समाज में नवचेतना और सकारात्मक बदलाव का संदेश देती हैं।

प्रसिद्ध कथावाचक पलक किशोरी ने भारतीय ज्ञान परंपरा को “अनहद नाद” बताते हुए युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का संदेश दिया।

काशी प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि कला प्रकृति के हर तत्व में विद्यमान है और यह समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने युवाओं से स्क्रीन टाइम कम कर रचनात्मक गतिविधियों में जुड़ने की अपील की।

प्रदेश ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा ने कहा कि कला चारों पुरुषार्थों की पूर्ति करती है और समाज को दिशा देती है।

मुख्य अतिथि और सांसद मनोज तिवारी ने अपने संबोधन में काशी और BHU से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच हैं। उन्होंने अपनी पंक्तियों —
“गांव गए भी हुए महीनों, खुद ही खुद से मिला नहीं हूं” — के जरिए आधुनिक जीवन की व्यस्तता पर भी विचार रखे और कला की बढ़ती प्रासंगिकता पर जोर दिया।

इस दौरान डॉ. अपराजिता मिश्रा की पुस्तक “वेदकालीन आध्यात्मिक महिलाएं” का विमोचन भी किया गया।

उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया। अयोध्या और ग्वालियर घराने के संगीतज्ञों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

यह आयोजन न केवल कला के विविध रूपों को मंच दे रहा है, बल्कि युवाओं में सृजनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक संवेदनशीलता को भी मजबूत कर रहा है।