6/06/2026

जन समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को लेकर शनिवार को पिंडरा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई.


वाराणसी | जन समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को लेकर शनिवार को पिंडरा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, कृषि, खाद्य एवं रसद, पंचायतीराज, विद्युत, सिंचाई और लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 143 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 9 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान के लिए भेजा गया।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भूमि विवाद से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करे और निष्पक्ष रूप से मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि हर नागरिक की समस्या का पूरी प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और न्यायोचित तरीके से समाधान करना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्राथमिक स्तर पर ही समस्याओं का समाधान करें ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कार्यक्रम में एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन ने सभी विभागों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं।

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा थाना सिगरा क्षेत्रान्तर्गत वाराणसी जंक्शन के सामने पुलिस सहायता केन्द्र का उद्घाटन किया गया।

वाराणसी पुलिस सहायता केन्द्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाते हुए नागरिकों, यात्रियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

वाराणसी जंक्शन के आसपास प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है, जिसके दृष्टिगत त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने हेतु यह केन्द्र स्थापित किया गया।

सहायता केन्द्र पर तैनात पुलिसकर्मी क्षेत्र में सतत निगरानी रखेंगे तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्राप्त होने पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करेंगे।

यह पुलिस सहायता केन्द्र महिला सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता तथा यात्रियों के मार्गदर्शन संबंधी सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाएगा।
पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस सहायता केन्द्र के संचालन से अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन तथा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

आज दिनांक 06.06.2026 पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा थाना सिगरा क्षेत्रान्तर्गत वाराणसी जंक्शन के सामने स्थापित पुलिस सहायता केन्द्र का उद्घाटन किया गया। इस सहायता केन्द्र की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए नागरिकों, यात्रियों एवं व्यापारियों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। वाराणसी जंक्शन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन को देखते हुए यह केन्द्र सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पुलिस आयुक्त ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए नागरिकों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सहायता केन्द्र पर तैनात पुलिसकर्मी क्षेत्र में सतत निगरानी रखेंगे तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। यह केन्द्र महिला सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता तथा यात्रियों के मार्गदर्शन को और अधिक सुलभ बनाएगा। साथ ही अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं जनसुरक्षा संबंधी चुनौतियों के प्रभावी समाधान में भी सहायक सिद्ध होगा। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त श्री शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री गौरव बंशवाल, सहायक पुलिस आयुक्त श्री शुभम कुमार, प्रभारी निरीक्षक सिगरा सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

तीन घरेलू गैस सिलेंडरों के साथ महिला गिरफ्तार


वाराणसी कैंट पुलिस ने तीन घरेलू गैस सिलेंडरों के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान सरीता गुप्ता निवासी हुकुलगंज, थाना लालपुर-पांडेयपुर के रूप में हुई है।

पुलिस ने महिला को टीएस कंपाउंड के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से तीन घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इस संबंध में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक राज किशोर पांडेय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सत्य यादव, कांस्टेबल अतुल कुमार पांडेय तथा महिला कांस्टेबल श्वेता पांडेय और साक्षी द्वारा की गई।

इंस्टाग्राम का विज्ञापन बना जाल! वाराणसी के कारोबारी से लाखों की ठगी, 'कस्टम विभाग' का डर दिखाकर साइबर गिरोह ने लगाया चूना


वाराणसी। सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा करना अब भारी पड़ सकता है। वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र में एक कारोबारी को इंस्टाग्राम पर गारमेंट्स का विज्ञापन देखना इतना महंगा पड़ गया कि साइबर ठगों ने उसे लाखों रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने पहले ऑर्डर, फिर रिफंड और आखिर में कस्टम विभाग का डर दिखाकर शातिर तरीके से रकम ऐंठ ली।

*इंस्टाग्राम पर दिखा विज्ञापन, शुरू हुआ ठगी का खेल*

राजातालाब निवासी और मूल रूप से कानपुर देहात के रहने वाले *कारोबारी सर्वेश कुमार* ने इंस्टाग्राम पर *"कबीर गारमेंट्स"* का विज्ञापन देखा। बेहतर व्यापारिक लाभ की उम्मीद में उन्होंने कंपनी से संपर्क कर माल का ऑर्डर दे दिया। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह पूरा नेटवर्क साइबर ठगों का है।

*पहले ऑर्डर, फिर अतिरिक्त माल और रिफंड का झांसा*

ठगों ने सबसे पहले ऑर्डर बुकिंग के नाम पर 32,600 रुपये जमा कराए। दो दिन बाद फोन कर बताया कि गलती से 58 हजार रुपये का माल भेज दिया गया है, इसलिए अतिरिक्त राशि और डिलीवरी शुल्क के नाम पर 26,400 रुपयेऔर मांग लिए।

इसके बाद ठगों ने नया खेल खेला। उन्होंने कहा कि पुराना ऑर्डर ही भेजा गया है और अतिरिक्त राशि वापस की जाएगी। कारोबारी के खाते में 39 हजार रुपये भेजे गए, लेकिन कुछ देर बाद फोन कर कहा गया कि गलती से 35 हजार रुपये ज्यादा ट्रांसफर हो गए हैं। ईमानदारी दिखाते हुए सर्वेश ने वह रकम वापस कर दी।

 *कस्टम विभाग' का डर दिखाकर मांगे 70 हजार रुपये*

जब कई दिनों तक माल नहीं पहुंचा तो ठगों ने अपना आखिरी दांव चला। फोन कर कहा गया कि उनका सामान कस्टम विभाग में फंस गया हैऔर उसे छुड़ाने के लिए 70 हजार रुपये की पेनाल्टी जमा करनी होगी। बार-बार पैसे मांगने पर कारोबारी को शक हुआ और तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं।

 *साइबर थाने में मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस*

पीड़ित की शिकायत पर वाराणसी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

*सावधान! सोशल मीडिया के विज्ञापनों पर भरोसा करने से पहले करें जांच*

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलने वाले फर्जी विज्ञापनों के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। किसी भी ऑनलाइन ऑर्डर से पहले कंपनी की वैधता, वेबसाइट, जीएसटी नंबर और ग्राहक समीक्षा की जांच जरूर करें।

*"एक क्लिक का लालच, लाखों का नुकसान बन सकता है!"*

BHU के बाद अब ट्रॉमा सेंटर में भी मिलेगी डायलिसिस की सुविधा, 4 राज्यों के मरीजों को होगा फायदा, कम होगा सर सुंदरलाल अस्पताल का लोड


वाराणसी काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के बाद आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भी किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीज के लिए डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि यहां डायलिसिस यूनिट इसी महीने से शुरू हो जाएगा और इसका काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद वाराणसी और पूर्वांचल समेत चार राज्यों के मरीजों को यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

आईएमएस बीएचयू के ट्रामा सेंटर में किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा शुरू होने जा रही है। अब तक यह सुविधा सर सुंदरलाल अस्पताल में उपलब्धि थी, लेकिन अब इसे ट्रॉमा सेंटर में भी शुरू किया जा रहा है। इसके बाद सर सुंदरलाल अस्पताल का लोड कम हो जाएगा और मरीजों की डायलिसिस ट्रॉमा सेंटर में भी की जाएगी।

*इन राज्यों से आते हैं मरीज*

दरअसल, वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ वाराणसी के ही नहीं बल्कि पूर्वांचल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के मरीज भी इलाज करने पहुंचते हैं। ऐसे में सर सुंदरलाल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में काफी ज्यादा मरीज आने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब ट्रॉमा सेंटर में डायलिसिस यूनिट शुरू होने के बाद इसका लोड कम हो जाएगा।

ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉ सौरभ सिंह ने बताया कि यहां शुरू हो रही डायलिसिस यूनिट अलग से काम करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक सिर्फ वेंटिलेटर पर ही डायलिसिस की सुविधा ट्रॉमा सेंटर में उपलब्ध थी, लेकिन अब इस यूनिट के लगने के बाद मरीज की नियमित डायलिसिस भी यहां हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अब तक मरीज सिर्फ नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में ही एडमिट होते थे, लेकिन हमारे पास डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

*इसी महीने से मिलेगी सौगात*

उन्होंने बताया कि यदि मरीज ट्रॉमा सेंटर में एडमिट होता था तो उसके डायलिसिस के लिए मरीज को सर सुंदर लाल अस्पताल भेजना पड़ता था। लंबी कतार होने की वजह से मरीज को काफी देर इंतजार भी करना पड़ता था। ऐसे में पत्र लिखकर यहां डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की मांग की गई थी। इसके बाद इसे स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट का काम पूरा हो चुका है और इसी महीने से मरीजों को इसकी सौगात मिलेगी।

उन्होंने बताया कि किडनी रोग से ग्रसित मरीजों के लिए डायलिसिस अत्यंत आवश्यक होती है। शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालने का एकमात्र जरिया डायलिसिस ही है। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर में डायलिसिस की काफी जरूरत थी। उन्होंने बताया कि वाराणसी समेत विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में इसकी सुविधा उपलब्ध है, लेकिन मरीज अत्यधिक होने के कारण काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में इसकी सौगात मिलने से लाखों मरीजों को फायदा होगा।