4/24/2026

बरेली में उर्स-ए-ताजुश्शरिया शुरू :- लाखों जायरीन की भीड़, प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती

बरेली में 24 और 25 अप्रैल को उर्स-ए-ताजुश्शरिया का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में लाखों जायरीनों के जुटने की उम्मीद है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। यह आयोजन भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक कुशलता की भी एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

पिछले साल हुई हिंसक घटना के बाद यह पहला बड़ा अवसर है जब शहर इतनी बड़ी भीड़ को संभालेगा। इसे देखते हुए पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की भारी तैनाती की गई है। हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

आला अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर मोर्चा संभालने की रणनीति बनाई है। इसके साथ ही, हर स्तर पर जवाबदेही भी तय कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

उर्स के मुख्य आयोजन दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित जमीयतुर रजा में होंगे। 24 अप्रैल को 'कुल शरीफ' की रस्म अदा की जाएगी। देश-विदेश से आने वाले जायरीन इस मौके पर दुआ और इबादत में शामिल होंगे।

बरेली में उर्स और होमगार्ड परीक्षा :- ट्रैफिक प्लान लागू, 24 से 27 अप्रैल तक शहर में रहेगा डायवर्जन मोड


बरेली में 24 और 25 अप्रैल को उर्स ताजुश्शरिया तथा 25 से 27 अप्रैल तक होमगार्ड्स इनरोलमेंट परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान लाखों जायरीन और हजारों परीक्षार्थियों के आगमन की संभावना के कारण शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं।

24 अप्रैल दोपहर 3 बजे से 25 अप्रैल रात 12 बजे तक मिनी बाईपास, झुमका तिराहा और मथुरापुर की ओर जाने वाले सभी चार पहिया वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और टेम्पो पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। वाहन चालकों को इन मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

शहर में भारी वाहनों का प्रवेश सीमित कर दिया गया है। रामपुर, मुरादाबाद, नैनीताल, पीलीभीत, बदायूं और लखनऊ से आने-जाने वाले ट्रकों और बसों को बड़ा बाईपास, विल्वा, विलयधाम, फरीदपुर और बुखारा मोड़ जैसे बाहरी मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा।

24 और 25 अप्रैल को पुराना रोडवेज बस स्टैंड पूरी तरह बंद रहेगा। इस अवधि में सभी रोडवेज बसें सैटेलाइट बस स्टैंड से संचालित होंगी। दिल्ली और रामपुर से आने वाली बसों का मार्ग भी बदलकर झुमका तिराहा-विल्वा-डेलापीर-सैटेलाइट किया गया है।

इसके अतिरिक्त, कुदेशिया अंडरपास, श्यामतगंज, पटेल चौक, किला, चौपला और कुतुबखाना जैसे कई प्रमुख शहर मार्गों पर ई-रिक्शा और ऑटो के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा।

होमगार्ड परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को यातायात जाम से बचने के लिए समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से सीबीगंज, मिनी बाईपास, किला क्रॉसिंग और बिहारीपुर क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने को कहा गया है।

बरेली कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भीड़ नियंत्रण के लिए परीक्षार्थियों के लिए पश्चिमी गेट और स्टाफ के लिए पूर्वी गेट से प्रवेश की व्यवस्था की गई है।

ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों से उर्स में भारी भीड़ को देखते हुए सहयोग करने, वैकल्पिक मार्ग अपनाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

ताजुश्शरिया उर्स पर सुरक्षा का पहरा, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद पुलिस :- ड्रोन से घरों की छतों पर ईंट-पत्थरों की जांच, वालंटियर्स ने संभाला मोर्चा



सुन्नी बरेलवियों की आस्था के केंद्र आला हजरत खानदान के 8वें उर्से ताजुश्शरिया को लेकर शहर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। दुनियाभर से आने वाले जायरीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

कोतवाली पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए बिहारीपुर ढाल से लेकर मलूकपुर चौकी और आजमनगर जैसे संवेदनशील इलाकों में ड्रोन उड़ाकर छतों की निगरानी की। इस दौरान छतों पर रखे ईंट-पत्थरों की जांच की गई और संबंधित मकानों को चिन्हित किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

*सुरक्षा और सुविधा के कड़े बंदोबस्त*

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि उर्से ताजुश्शरिया के साथ-साथ होमगार्ड भर्ती परीक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। नगर निगम ने जायरीनों की सुविधा के लिए अस्थाई टॉयलेट और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की है।

यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शहर में तीन दिनों तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी और ड्रोन से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

*वालंटियर्स को सौंपी गई जिम्मेदारी*

उर्स के सफल आयोजन के लिए जामियातुर्रज़ा में वालंटियर्स की अहम बैठक संपन्न हुई। उर्स प्रभारी सलमान मियां और जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने वालंटियर्स को पहचान पत्र वितरित किए। बैठक में जोर दिया गया कि जायरीनों की सेवा और अनुशासन बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वालंटियर्स को निर्देशित किया गया है कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें। ताकि भीड़ प्रबंधन में कोई चूक न हो।

*सेवा और समर्पण का संकल्प*

कोर टीम के सदस्य डॉ. मेहंदी हसन और शमीम अहमद ने कहा कि उर्स के दौरान हर जायरीन को बेहतर मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में मौलाना ज़ैद मरकज़ी, हाफिज इकराम और मोइन खान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बरेली में उर्स और होमगार्ड परीक्षा :- ट्रैफिक प्लान लागू, 24 से 27 अप्रैल तक शहर में रहेगा डायवर्जन मोड


बरेली में 24 और 25 अप्रैल को उर्स ताजुश्शरिया तथा 25 से 27 अप्रैल तक होमगार्ड्स इनरोलमेंट परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान लाखों जायरीन और हजारों परीक्षार्थियों के आगमन की संभावना के कारण शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं।

24 अप्रैल दोपहर 3 बजे से 25 अप्रैल रात 12 बजे तक मिनी बाईपास, झुमका तिराहा और मथुरापुर की ओर जाने वाले सभी चार पहिया वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और टेम्पो पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। वाहन चालकों को इन मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

शहर में भारी वाहनों का प्रवेश सीमित कर दिया गया है। रामपुर, मुरादाबाद, नैनीताल, पीलीभीत, बदायूं और लखनऊ से आने-जाने वाले ट्रकों और बसों को बड़ा बाईपास, विल्वा, विलयधाम, फरीदपुर और बुखारा मोड़ जैसे बाहरी मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा।

24 और 25 अप्रैल को पुराना रोडवेज बस स्टैंड पूरी तरह बंद रहेगा। इस अवधि में सभी रोडवेज बसें सैटेलाइट बस स्टैंड से संचालित होंगी। दिल्ली और रामपुर से आने वाली बसों का मार्ग भी बदलकर झुमका तिराहा-विल्वा-डेलापीर-सैटेलाइट किया गया है।

इसके अतिरिक्त, कुदेशिया अंडरपास, श्यामतगंज, पटेल चौक, किला, चौपला और कुतुबखाना जैसे कई प्रमुख शहर मार्गों पर ई-रिक्शा और ऑटो के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा।

होमगार्ड परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को यातायात जाम से बचने के लिए समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से सीबीगंज, मिनी बाईपास, किला क्रॉसिंग और बिहारीपुर क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने को कहा गया है।

बरेली कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भीड़ नियंत्रण के लिए परीक्षार्थियों के लिए पश्चिमी गेट और स्टाफ के लिए पूर्वी गेट से प्रवेश की व्यवस्था की गई है।

ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों से उर्स में भारी भीड़ को देखते हुए सहयोग करने, वैकल्पिक मार्ग अपनाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।


ईरान के सुप्रीम लीडर पूरी दुनिया के शिया मुसलामानों के रहबर थे। 28 अप्रैल को अमेरिका के हमले में उनकी शहादत के बाद पूरी दुनिया में प्रोटेस्ट हुआ। इंडिया में भी शिया मुसलमानों ने प्रोटेस्ट किया। वहीं अब जबकि ईरान और अमेरिका के बीच सीज फायर हो चुका है। आयतुल्लाह खामेनाई की याद में जगह-जगह मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी के दालमंडी से सटे चहमामा मोहल्ले में स्थित शिया मस्जिद मीर नादे अली में आयतुल्लाह अली खामेनाई की याद में मजलिस का आयोजन किया गया।

गुरुवार देर रात तक चली इस मजलिस का आयोजन अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने किया था। मजलिस को मौलाना सैयद युसूफ मशहदी ने खेताब किया। उन्होंने कहा आयतुल्लाह सैयद अली खामेनाई की शहादत ने ईरान को खत्म करने के बजाए दुनिया के आगे और बलन्द किया है। इस मजलिस के बारे में अंजुमन के अध्यक्ष अब्बास मुर्तुजा शम्सी और सेक्रेटरी नायब रजा ने जानकारी दी।

*दुनिया के सामने सुर्खरू हुआ ईरान*

मस्जिद मीर नादे अली में मजलिस को खेताब करते हुए मौलाना सैयद युसूफ मशहदी ने कहा- अमेरिका और इजरायल ने जिस मंसूबे के साथ रहबर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनाई पर हमला किया और उन्हें शहीद किया। वो मंसूबा फेल साबित हुआ है। दोनों ही मुल्क ये च्चते थे कि ईरान अपने घुटनों के बल उनसे अपनी सुरक्षा का भीख मांगेगा पर उलटा हुआ और ईरान ने ईंट का जवाब पत्थर से दिया। 23 दिन चली जंग ने बता दिया कि अली को मने वाले कभी गलत के साथ नहीं रहेंगे और न उसका साथ देंगे भले ही अपना सिर हुसैन की तरह कटा देंगे।

*इमाम हुसैन की तरह मैदान में डटे रहे*

मौलाना युसूफ मशहदी ने कहा- जब आज से 1400 हिजरी सन पहले यजीद ने पैगंबर साहब के नवासे इमाम हुसैन ने बैयत ( रजामंदी/सहमति) लेनी चाहि थी। उन गलत कामों के लिए जो पवित्र कुरआन में हराम बताई गयी है। तो उन्होंने कहा था मुझ जैसा तुझ जैसे की बैयत नहीं कर सकता। आज ईरान भी इसी बात पर कायम है कि मुझ जैसा तुझ जैसे की बैयत नहीं कर सकता। इजराइल ने जिस तरह फिलिस्तीन में बच्चों को मारा, ईरान में मिनाब स्कूल में 180 बच्चियों को मारा। वह इंसानियत का कत्ल है। मौलाना ने आयतुल्लाह की जिंदगी पर प्रकाश डाला और लोगों से कहा कि रहबर ने अपनी जिंदगी से जो दर्स दिया है उसे हर दिलों में कायम रखना होगा।

*लियाकत अली और साथियों ने पढ़ी सोज*

मजलिस शुरू होने से पहले लियाकत अली और उनके साथियों ने सोज के साथ शुरुआत की। जिसके बाद मौलाना हाफिज हसन राजा बनारसी और आतश बनारसी ने पेशख्वानी की और बाकर बलियावी ने संचालन किया। बाद मजलिस अंजुमन गुलजार ए अब्बासिया बनारस ने नौहा व मातम किया।