5/06/2026

मनी लांड्रिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्‍ट, बुजुर्ग से लाखों की ठगी

वाराणसी: रोहनिया थाना क्षेत्र के काशीपुर , कुरहुआ के रहने वाले बुजुर्ग योगेन्द्र तिवारी के साथ साइबर ठगी की घटना सामने आई है. इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट करके 12.50 लाख रुपए ट्रांसफर कराने वाले जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. भुक्‍तभोगी का आरोप है कि 27 फरवरी को मोबाइल पर फोन आया कि मैं दूर संचार विभाग (ट्राई) से विजय शर्मा बोल रहा हूँ. आपके नाम से एक शिकायत है . जिसका दुसरे मोबाइल पर वाट्सएप काल पर जानकारी कर लीजिए कि आपके नाम क्या शिकायत है.

*सम्पत्ति और खातों की होगी जाँच*

योगेंद्र ने जब उस नंबर से वीडियो काल किया तो द्वारा बताया गया कि मैं दिल्ली पुलिस स्टेशन से विजय खन्ना बात कर रहा हूँ. आपके नाम नरेश गोयल मनी लान्ड्रिंग का केस है. आपके नाम से एक और नंबर चलता है जो उस खाते से जुड़ा हुआ है. इसलिए आपकी सम्पत्ति और खातों की जाँच की जाएगी.

इसके बाद लगातार वीडियो काल पर ही रखकर ग्रुप के माध्यम से बात करने लगे और रात में सर्विलांस आपरेटर धीरज चौधरी के नाम से पूरी रात बात करता. बात करने वालों ने इतना डरा दिया कि इसकी जानकारी आप किसी को भी नही देंगे, नही तो इसका मुख्य आरोपी भाग जाएगा तो आप ही पकड़ लिए जाएंगे. जिसके बाद कठोर सजा होगी. इसके बाद मोबाइल के माध्यम से ही कोर्ट में न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया.

इस दौरान निशा पटेल जो ईडी विभाग के नाम पर कोर्ट का सारा केस और फाईल के बारे में बात करती थी. इसके बाद बताया गया कि आपकी सम्पत्ति और खातो की जाँच के लिए डिटेल दिया जा रहा है जिसमें 1250000/रु. आरटीजीएस के माध्यम से भेज दीजिए. जिसके बाद 6 मार्च को दिए गए खाते में साढ़े बारह लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए. उसके बाद सभी नंबर बंद हो गए. तब जालसाजी का एहसास हुआ तो 1930 पर शिकायत किए.

वाराणसी में मनीष सिंह हत्याकांड पर तनाव :- न्याय जुलूस से पहले एयरपोर्ट-बड़ागांव के रास्ते सील, 3 IPS समेत 500 पुलिसकर्मी तैनात


वाराणसी में व्यापारी मनीष सिंह हत्याकांड के विरोध में प्रस्तावित न्याय जुलूस को लेकर पुलिस ने कड़ा पहरा लगा दिया है। हत्या के बाद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित परिजनों ने जुलूस निकालने का ऐलान किया है, जिसके बाद प्रशासन ने घमहापुर क्षेत्र की सीमाएं सील कर दी हैं।

पुलिस ने पहले परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति को देखते हुए सुबह से ही मनीष सिंह के घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जुलूस में शामिल होने वाले लोगों को घरों में ही नजरबंद किया गया है।

*10 किलोमीटर का इलाका किया गया लॉक*

कई गांवों से सैकड़ों लोगों के शामिल होने की आशंका को देखते हुए लगभग 10 किलोमीटर के क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए लॉकडाउन जैसी स्थिति लागू कर दी गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 3 IPS और 8 PPS अधिकारियों समेत 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। बाबतपुर बाजार में पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है। डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार खुद फोर्स के साथ लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।

*पांच आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की तैयारी*

मनीष हत्याकांड में पांच आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलेगा। तहसील प्रशासन ने कार्रवाई में जुट गया है। सीमांकन के दौरान चार आरोपियों के पक्के मकान नवीन परती में तो एक ने घूर गड्ढे में बनाया है। तहसीलदार कुलवंत सिंह के नेतृत्व में घमहापुर में आरोपियों के बने मकानों की गोपनीय जांच की गई।

मनीष, आशीष, दीपक व हरिश्चंद्र राजभर का घर नवीन परती में बना मिला। अजय राजभर ने घूर गड्ढे के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बनाया है। जांच में पुष्टि के बाद बेदखली की प्राथमिकी दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है।

एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि पूरी प्रक्रिया अपनाने के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जाएगी। उधर, मनीष की पत्नी अंकिता व परिजन पुलिस के मुठभेड़ से संतुष्ट नहीं है। अंकिता ने प्रशासन को वादा याद दिलाया कि क्षेत्रीय विधायक व पुलिस प्रशासन ने कड़ी सजा के साथ काउंटर करने की बात कही थी।

*50 हजार के इनामियों को शरण देने वाले चार आरोपी गिरफ्तार*

मनीष हत्याकांड में 50 हजार के इनामी आरोपियों को शरण देने वाले चार अन्य को फूलपुर पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया। एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों में दानगंज कपिसा निवासी शिवचंद प्रसाद, घमहापुर निवासी मुकुंद लाल राजभर, करखियांव फूलपुर निवासी किशन और पुरा रघुनाथपुर बाबतपुर निवासी गणेश कुमार राजभर हैं। अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 50-50 हजार के इनामी तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच और फूलपुर पुलिस दबिश दे रही है।

बारात के झगड़े में युवक की पीट-पीट कर हत्‍या, परिजनों संग ग्रामीणों ने किया चक्‍काजाम


वाराणसी: बारात में झगड़े के बाद युवक की पीट-पीट कर हत्या किए जाने से सनसनी फैल गई. घटना सिंधोरा थाना क्षेत्र में हुई. युवक को बारात से लौटते समय आरोपी युवकों ने पत्थर से सिर और चेहरा कूंच दिया. इसके बाद सड़क किनारे शव फेंककर फरार हो गए. बुधवार सुबह ग्रामीणों ने शव देखा तो पुलिस को जानकारी दी. इस दौरान आसपास के लोगों ने युवक की पहचान रोहित राजभर (25) के रूप में की. वह मूल रूप से चंदवक थाना क्षेत्र का रहने वाला था. इन दिनों रोहित अपने ननिहाल कस्तमपुरा (सारनाथ) में रह रहा था. हत्या की सूचना पर परिजनों के साथ आसपास के ग्रामीण पहुंचे. सभी ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया.

*हमलावरों ने रोहित को लाठी-डंडों से पीटा*

परिजनों ने बताया कि रोहित 5 मई को एक बारात में गया था, जहां उसका किसी से विवाद हो गया था. रात में जब वह वापस लौट रहा था, तभी बसंतपुर (चकदुल्ला) के पास कुछ अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया. आरोप है कि हमलावरों ने रोहित को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया और उसकी बाइक भी तोड़कर फरार हो गए.

*सड़क किनारे पड़ा मिला शव*

बुधवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि रोहित का शव सड़क किनारे पड़ा है. सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे. गुस्साए परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया. इससे यातायात बाधित हो गया और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई.

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मृतक रोहित के भाई किशन राजभर ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई है. तहरीर में किशन राजभर ने कहा- मेरे भाई की हत्या साजिश के तहत की गई है. घटना से पहले रोहित को वाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए कई बार धमकियां मिल चुकी थीं. पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है. जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर लिया जाएगा.

जिलों में स्मार्ट मीटर योजना के विरोध को देखते हुए सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं। प्रीपेड सिस्टम, पोस्टपेड की तरह करेंगे काम


लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में स्मार्ट मीटर योजना के विरोध को देखते हुए सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं। अब यह योजना ठंडे रास्ते में डाल दी गई है और प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदल दिया जाएगा। प्रदेश सरकार के इस कथन से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। प्रदेश में अब तक 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। लेकिन लगाने के साथ ही समस्याएं भी सामने आने लगीं। जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। सपा और आम आदमी पार्टी ने भी स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन किया।

*2027 में होने हैं विधानसभा चुनाव*

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। योगी सरकार भी अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी कर रही है। जिसमें स्मार्ट मीटर योजना बाधक बनने जा रही थी। इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हो रहा था। स्मार्ट मीटर में बैलेंस कम होते ही बिजली ऑटोमेटिक कट हो जाती थी। उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि मीटर भी तेज चल रहा है और बकाया जमा करने के बाद भी ऑटोमेटिक लाइट नहीं आती थी। इन तकनीकी खामियों को लेकर जबरदस्त विरोध हो रहा था।

*सोमवार को स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की घोषणा*

शुरुआत में स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही शिकायतों को सरकार ने राजनीति से प्रेरित बताया। लेकिन बाद में इस पर गंभीरता से मंथन हुआ, समीक्षा के लिए बैठकें की गई। इसके बाद बीते सोमवार को स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की घोषणा की गई। प्रदेश सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना को लागू करके हो रहे राजनीतिक नुकसान को नियंत्रित करना चाहती है।

*केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण स्मार्टमीटर की अनिवार्यता हटाई*

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद प्रदेश में अनिवार्य प्रीपेड प्रणाली के रूप में स्मार्ट मीटर योजना लागू की गई। पिछले डेढ़ साल से प्रदेश में बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। शुरुआत में उपभोक्ताओं ने भी सहयोग किया। लेकिन बाद में स्मार्ट मीटर में बड़ी खामियां निकल कर सामने आईं। इसके बाद केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 2026 में अधिसूचना जारी करके 'प्रीपेड मोड' की अनिवार्यता को हटा दिया।

*मानकों का पालन नहीं किया गया*

इधर प्रदेश में हो रहे विरोध को देखते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने भी समीक्षा शुरू की और बिजली कंपनियों से जवाब मांगा। ‌जिसमें माना गया कि मानकों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया और बताया गया कि स्मार्ट मीटर योजना को समाप्त नहीं किया गया है केवल अनिवार्य प्रीपेड व्यवस्था को हटाकर पोस्टपेड कर दिया गया है। अब स्मार्ट मीटर पहले की तरह ही काम करेंगे। ‌

बड़ागांव थाना क्षेत्र में मंगलवार को दहेज उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है विवाहिता को गर्म-तवे से दागा, छत से फेंकने का आरोप


वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में मंगलवार को दहेज उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है। इसमें एक विवाहिता को अतिरिक्त दहेज और चारपहिया वाहन की मांग को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप है। पीड़िता के जौनपुर निवासी पिता अजय कुमार पाण्डेय की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस को दी गई तहरीर में अजय पांडेय ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी चारू की शादी 26 फरवरी 2024 को बड़ागांव के पुवारी कला खुर्द निवासी राहुल दूबे से की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में कार की मांग को लेकर चारू को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता को कई बार पीटा गया और एक बार उसे छत से नीचे फेंकने का भी आरोप है।

पीड़िता के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। आरोप है कि उसे गर्म तवे से दागा गया और सिगरेट से जलाया जाता था। परिजनों ने यह भी बताया कि जब भी वे अपनी बेटी से मिलने ससुराल पहुंचे, उन्हें गाली देकर भगा दिया जाता था और पीड़िता का मोबाइल भी तोड़ दिया गया था।

यह मामला 1 मई को तब सामने आया जब पीड़िता के चाचा और चाची उसके ससुराल पहुंचे। उन्होंने चारू को घायल अवस्था में देखा। विरोध करने पर उन्हें भी अपमानित कर भगा दिया गया। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ससुराल पक्ष ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद बड़ागांव थाने की टीम ने हस्तक्षेप किया और पीड़िता को थाने लाकर परिजनों को सौंपा।

पीड़िता का इलाज पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में कराया गया। सिर की चोट के चलते सीटी स्कैन और अन्य जांचें की गईं। डॉक्टरों ने रीढ़ की चोट को देखते हुए एमआरआई (MRI) कराने की भी सलाह दी है।

- *" बड़ागांव के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है*