6/27/2026

विश्वकर्मा मार्शल आर्ट्स के पांच प्रतिभागियों को मिला ब्लैक बेल्टप्रशिक्षक रमाशंकर विश्वकर्मा को भी किया गया सम्मानित

वाराणसी। विश्वकर्मा मार्शल आर्ट्स (दानियालपुर, सोनातलाब) के तत्वावधान में रविवार 28 जून 2026 को कॉम्बैट कराटे प्रतियोगिता के तहत पांच सीनियर प्रतिभागियों को ब्लैक बेल्ट प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा (विभागाध्यक्ष, ललित कला विभाग), डॉ. मेजर अरविंद कुमार सिंह, कारगिल योद्धा अजय कुमार सिंह एवं स्थानीय पार्षद जितेंद्र कुशवाहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
संस्था के निदेशक रमाशंकर विश्वकर्मा ने संस्था की गतिविधियों और उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। वहीं उपाध्यक्ष गोविंद विश्वकर्मा ने बच्चों के कठिन परिश्रम और प्रशिक्षण के दौरान किए गए प्रयासों से सभी को अवगत कराया।
इस अवसर पर सीनियर खिलाड़ियों ने मार्शल आर्ट की विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा दिखाई। संस्था के खिलाड़ियों पलक विश्वकर्मा, साधना गुप्ता, खुशी राजभर, करन भारद्वाज और रेहान अंसारी को अतिथियों द्वारा ब्लैक बेल्ट एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद जितेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और संस्था को बधाई देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कारगिल योद्धा अजय कुमार सिंह ने बच्चों को कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत बनाए रखने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मेजर अरविंद कुमार सिंह ने समय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी मेहनत का परिणाम ब्लैक बेल्ट के रूप में सामने है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन विवेक विश्वकर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन गोविंद विश्वकर्मा ने दिया। इस दौरान संस्था के सभी सीनियर-जूनियर खिलाड़ी, अभिभावक एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

काशी से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ पहला जत्था, सेवादारों ने संभाली सेवा की कमान

वाराणसी। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही धर्मनगरी काशी से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रविवार को रवाना हो गया। श्री काशी विश्वनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में सेवादारों और श्रद्धालुओं का पहला दल वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से हावड़ा-अमृतसर मेल के माध्यम से कश्मीर के लिए प्रस्थान किया।

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी काशी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। समिति के अनुसार, काशी से हजारों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। श्रद्धालु पहले अमृतसर पहुंचेंगे, जहां से जम्मू होते हुए पहलगाम तक का सफर तय करेंगे। इसके बाद पवित्र गुफा तक की यात्रा पैदल पूरी की जाएगी।

श्री काशी विश्वनाथ सेवा समिति पिछले 26 वर्षों से अमरनाथ यात्रियों की सेवा में जुटी हुई है। समिति की ओर से यात्रा के दौरान लगभग 300 श्रद्धालुओं के रहने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष भी समिति द्वारा बड़ी संख्या में यात्रियों को दर्शन कराने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

समिति के सेवादार दिलीप सिंह ‘बंटी’ ने बताया कि 80 से 90 सेवादारों का दल यात्रा पर जा रहा है। इनमें 10 सेवादारों का समूह उनके, विवेक श्रीवास्तव और कुलदीप त्यागी के नेतृत्व में पंजाब जाएगा, जबकि लगभग 70 सेवादार बेगमपुरा एक्सप्रेस से सीधे जम्मू होते हुए चंदनबाड़ी पहुंचेंगे और वहां से सेवा कार्यों में जुटेंगे।

उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए समिति पूरी तरह तैयार है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

समिति के इस सेवा अभियान को जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। आयोजन में महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, मंत्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’, शांति लाल जैन सहित कई गणमान्य लोगों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। वहीं श्रद्धालुओं के लिए पान और मिठाई की व्यवस्था छक्कन दादा, राजेश चौरसिया और नंदनी परिवार की ओर से की जाएगी।

6/26/2026

अमरनाथ यात्रियों की सेवा में काशी का 26वां विशाल भंडारा, चंदनबाड़ी में होगा आयोजन300 यात्रियों के ठहरने की

 व्यवस्था, बनारसी कचौड़ी-जलेबी, ठंडाई और पान का मिलेगा स्वाद
28 जून को दिलीप सिंह बंटी व विवेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में रवाना होगा दूसरा जत्था, लक्सा से निकलेगी बाइक रैली
वाराणसी। श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में जम्मू-कश्मीर स्थित अमरनाथ यात्रियों की सेवा के लिए काशी का 26वां विशाल भंडारा चंदनबाड़ी आधार शिविर में आयोजित किया जाएगा। यह भंडारा यात्रा अवधि से रक्षाबंधन तक चलेगा।
समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि 28 जून को सेवादारों का दूसरा जत्था जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना होगा। पहला जत्था पहुंचकर चंदनबाड़ी में कैंप लगाने की तैयारियों में जुट चुका है।
उन्होंने बताया कि चंदनबाड़ी कैंप में करीब 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। यात्रियों को बनारसी कचौड़ी, पूरी-जलेबी, दाल-चावल, पावभाजी, इडली, मसाला डोसा, दूध, ठंडाई सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा कंबल, जूता, मोजा, मास्क, टोपी, स्वेटर और शॉल की भी व्यवस्था रहेगी।
दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि चंदनबाड़ी से अमरनाथ गुफा की करीब 36 किलोमीटर की यात्रा शेष रहती है। इस बार यात्रियों की संख्या पहले से अधिक होने की संभावना है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से मजबूत की गई है।
उन्होंने बताया कि 28 जून को सुबह 7:30 बजे लक्सा स्थित निवास स्थान से बाइक रैली निकाली जाएगी। 300-400 बाइक के काफिले के साथ निकलने वाली रैली लक्सा, भेलूपुर, शिवाला, सोनारपुरा, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, मैदागिन, लहुराबीर होते हुए वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचेगी। रैली में बाबा बर्फानी स्वरूप शिवलिंग और डमरू दल भी शामिल रहेगा।
दूसरा जत्था दिलीप सिंह बंटी और विवेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में 70 सेवदारों के साथ बेगमपुरा एक्सप्रेस से रवाना होगा। दल में हलवाई, इलेक्ट्रिशियन, पान और ठंडाई की व्यवस्था संभालने वाले सेवक भी शामिल रहेंगे।
समिति के अनुसार गुजरात से भी सेवदारों का दल गुजराती भोजन सामग्री लेकर 10 जुलाई को भंडारे में पहुंचेगा।
इस अवसर पर समिति ने सभी शिव भक्तों से अपील की है कि 28 जून को सुबह 7:30 बजे पहुंचकर सेवदारों को विदाई दें और उनका उत्साह बढ़ाएं।
इस सेवा कार्य में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न मंडलों का सहयोग मिल रहा है।

6/25/2026

मुहर्रम की नौवीं तारीख यानी गुरुवार की रात सैकड़ों साल पुरानी रवायतों के साथ आग पर दूल्हे का कदीमी जुलूस दौड़ेगा।


 या हुसैन, या हुसैन...की सदाओं संग आग पर दौड़ेगा दूल्हे का जुलूस

 बनारस में मुहर्रम की नौवीं तारीख यानी गुरुवार की रात सैकड़ों साल पुरानी रवायतों के साथ आग पर दूल्हे का कदीमी जुलूस दौड़ेगा। शहीदाने कर्बला की याद में इस तरह का दुनिया में इकलौता 'दूल्हे का जुलूस' अपनी अलग रवायत और खास पहचान रखता है। दूल्हा कमेटी के सदर परवेज कादिर खान की मानें तो इमाम हुसैन के भतीजे हजरत कासिम के घोड़े की नाल के साथ 'दूल्हा' नंगे पांव 30 टन से ज्यादा लकड़ियों के लाल अंगारों पर से होकर गुजरता है इस दौरान ‘या हुसैन, या हुसैन’ की सदाएं बुलंद होती है। दूल्हे के वापस इमामबाड़ा पहुंचने के बाद ही ताजियों के जुलूस उठाएं जाते हैं। 72 अलाव व 60 ताजिये को सलामी देकर रात को उठा यह जुलूस सुबह वापस इमामबाड़े लौटता है।

दूल्हा कासिम नाल कमेटी के सदर परवेज कादिर खान बताते हैं कि  हजरत कासिम की शादी तय थी लेकिन कर्बला की जंग का ऐलान होने और जंग में उनके शहीद होने के कारण शादी नहीं हुई। क्यों की उन्होंने शादी के बजाय जंग में शहीद होना पसंद किया। इसलिए उनकी याद में ही सैकड़ों साल पुरानी रवायतों को बनारस के लोग निभाते चले आ रहे हैं। हजरत कासिम के घोड़े की नाल को पकड़ने वाले को दूल्हा कहा जाता है और उस पर इमाम हुसैन की सवारी आती है।

इमामबाड़े में रखी है कदीमी "नाल"
शिवाला के जिस इमामबाड़े से दूल्हे का जुलूस उठता है वहां हजरत कासिम के घोड़े की नाल सुरक्षित रखी हुई है। इसे सिर्फ इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नौवीं मुहर्रम और 10 वीं को ही बाहर निकाला जाता है। इमामबाड़ा की दीवारों पर प्रतीकात्मक रूप से खून के छींटे कर्बला के मंजर की बयां करते हैं।

दूल्हे का जुलूस जुमेरात की रात 10 बजे शिवाला से उठेगा जो भदैनी, अस्सी दुर्गाकुंड, बाराती बेगम के इमामबाड़े, गौरीगंज, भेलूपुर, रेवड़ी तालाब, नई सड़क होते हुए माध्यरात्रि के बाद फातमान पहुंचेगा। 12 किलोमीटर लंबे रास्ते में जगह-जगह लोग जुलूस आने के पहले ही दस-दस मन लकड़ी के अलाव जलाएंगे। इस दौरान पहले दूल्हा अंगारों पर दौड़ता है और फिर सब उसके पीछे-पीछे दौड़ते हैं।

हिन्दूओं ने सौंपी थी मुस्लिमों को "नाल

दूल्हा कासिम नाल कमेटी के पूर्व सेक्रेटरी सलीम शिवालवी बुजुर्गों की सुनी बताते हैं कि इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनके घोड़े की नाल गंगा में स्नान कर रहे पंडित रामफल को मिली थी। नेपाली रियासत के रामफल को वो नाल आकर्षित कर रही थी इसलिए उन्होंने एक लोहे के बक्से में उसे रख दिया। सलीम शिवालवी बताते हैं कि मोहर्रम आने पर उस नाल से या हुसैन, या हुसैन... की सदाओं निकलती। इसे देखते हुए पंडित रामफल ने नाल का इस्लामिक महत्व समझते हुए उसे शिवाला के मुस्लिमों को दे दिया। तब से लगातार मोहर्रम की 9 व 10 तारीख को दूल्हे का जुलूस उठाया जा रहा है।

प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा

'दूल्हे' को अंगारों पर चलते देखने के लिए दूर-दूर से लोगों के आने के चलते भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा खास इंतजाम रखा जाता हैं। जुलूस से पूर्व ही तैयारियों की समीक्षा बैठक की जाती है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।

पिछले दिनों पीस कमेटी की बैठक डायमंड होटल परिसर में हुई। बैठक में मोहर्रम पर्व ताजिया जुलूस विश्व विख्यात शिवाला दुल्हे का जुलूस 25 जून 2026 को रात्रि में निकाले जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा वार्तालाप महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजर रखते हुए उपस्थित थाना भेलूपुर क्षेत्र से आए सम्मानित जनमानस, ताजियादार, दूल्हा कमेटी के समस्त पदाधिकारी स्वयंसेवक समाज संगठन सोसाइटी परिवार के पदाधिकारी स्वयंसेवक इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहकर जुलूस को सकुशल संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान पर चर्चा की।

बैठक की अध्यक्षता गौरव कुमार (सहायक पुलिस आयुक्त सर्किल भेलूपुर), संचालन मुख्तार अहमद (प्रदेश प्रवक्ता समाज संगठन सोसाइटी), धन्यवाद दुर्गा सिंह (प्रभारी निरीक्षक थाना भेलूपुर) व स्वागत परवेज कादिर खान ने किया।

रेवड़ी तालाब, मदनपुरा व नवाबगंज से निकला जुलूस

थाना भेलूपुर क्षेत्र में रेवड़ी तालाब के अशफ़ाक नगर में 24 जून 2026 को रात्रि 11:00 बजे परंपरागत रेवड़ी तालाब दूल्हा कमेटी के द्वारा  जुलूस भारी भीड़ के साथ निकाला गया जो विभिन्न रास्तों से होते हुए पांडेय हवेली स्थित इमाम चौक परिसर में भोर में वापस सम्पन्न हुआ। ऐसे ही मदनपुरा थाना दशाश्वमेध क्षेत्र में प्रातः काल जुलूस सकुशल संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण जुलूस में गौरव कुमार (सहायक पुलिस आयुक्त सर्किल भेलूपुर ज़ोन काशी पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी) दुर्गा सिंह (प्रभारी निरीक्षक थाना भेलूपुर) संतोष कुमार सिंह (थाना अध्यक्ष थाना दशाश्वमेध) विशाल विक्रम सिंह, शिवम श्रीवास्तव आदि ने महत्वपूर्ण जुलूस में शामिल थे।



समाज संगठन रही मुस्तैद 
समाज संगठन सोसाइटी परिवार सर्किल भेलूपुर शाखा चेतगंज शाखा जैतपुरा, शाखा चौक, शाखा दशाश्वमेध, शाखा सिगरा, शाखा लक्सा के समस्त पदाधिकारी इस महत्वपूर्ण जुलूस में उपस्थित रहकर  शांति व्यवस्था में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते दिखे। प्रदेश प्रवक्ता समाज संगठन सोसाइटी मुख्तार अहमद द्वारा नवाबगंज से रात्रि 10:00 बजे निकलने वाले दुल्हे के जुलूस का नेतृत्व किया गया। जुलूस नवाबगंज से होकर दुर्गा कुंड स्थित इमामबाड़े में जाकर समाप्त हुआ है।

6/24/2026

वाराणसी में भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग, महिला ने पुलिस आयुक्त से लगाई गुहारबाउण्ड्रीवाल पर कब्जे और धमकी देने का आरोप, मुकदमा दर्ज कर कब्जा मुक्त कराने की मांग

वाराणसी। महमूरगंज क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपनी पुस्तैनी जमीन की बाउण्ड्रीवाल पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी से शिकायत की है। महिला जलपा देवी पत्नी स्व. रामजी निवासी रानीपुर, महमूरगंज ने दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी संपत्ति पर कब्जे की नीयत से बाउण्ड्रीवाल का ताला तोड़कर वहां कैमरा लगा दिया और चारपहिया वाहन खड़ा कर दिया।
शिकायत के अनुसार, महिला कुछ समय के लिए अपनी बच्ची को लेकर शहर से बाहर गई थीं। वापस आने पर दिनांक 22 जून 2026 को उन्होंने देखा कि विपक्षीगण द्वारा उनकी बाउण्ड्रीवाल पर कब्जा कर लिया गया है। विरोध करने पर गाली-गलौज, धमकी और धक्का देकर भगाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता ने बताया कि घटना की सूचना महमूरगंज चौकी और थाना भेलूपुर पुलिस को दी गई, लेकिन अभी तक उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी लगातार उन्हें और उनके परिवार को धमकी दे रहे हैं, जिससे परिवार भयभीत है।
पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि आरोपितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जाए और बाउण्ड्रीवाल को कब्जा मुक्त कराया जाए। मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।