5/07/2026

काशी में देश की पहली डिजिटल जनगणना-2026 का शंखनाद गुरुवार को हो गया सबसे पहले महापौर ने दर्ज कराया अपना विवरण

वाराणसी: काशी में देश की पहली डिजिटल जनगणना-2026 का शंखनाद गुरुवार को हो गया. अभियान के पहले दिन नगर के प्रथम नागरिक महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सिगरा स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की. इस दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही. विवरण दर्ज करने के बाद महापौर ने कहा कि डिजिटल जनगणना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि देश के भविष्य और विकास योजनाओं को तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्व-गणना कर ली है.

काशीवासियों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे भी आगे आएं और अपनी जानकारी पोर्टल पर साझा करें. इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त संगम लाल, जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्र सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे. अधिकारियों ने महापौर को डिजिटल पोर्टल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

*विधायक सौरभ ने भी दर्ज की स्व-गणना*

डिजिटल जनगणना-2026 के महापर्व में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी शुरू कर दी है. इस क्रम में पहले दिन कैंट विधानसभा के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने शिवाजी नगर स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर 'स्व-गणना' की. इस दौरान नगर निगम के कर अधीक्षक जय कुमार मौजूद रहे. विधायक ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए जनता से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की.

*मकान गणना का शुभारंभ*

दूसरी ओर कोतवाली जोन में भी जनगणना के प्रथम चरण (मकान गणना और नंबरिंग) का औपचारिक शुभारंभ हुआ. यहां इस कार्य की शुरुआत शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. शिव सुन्दर गांगुली (एक्जीक्यूटिव मेम्बर, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी व पूर्व डिप्टी चीफ वार्डेन, सिविल डिफेंस) के आवास संख्या के.65/48 से की गई. इस प्रक्रिया के दौरान सहायक चार्ज अधिकारी सुश्री दिलशाद हिदायत और नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार, न्यूमरेटर केशव कृष्ण कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे.

*21 मई तक खुद भर सकेंगे फॉर्म*

जनगणना के इस पहले चरण में नागरिकों को यह विशेष सुविधा दी गई है कि वे 21 मई तक आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं. मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से ओटीपी सत्यापन होने के बाद 33 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने होंगे. फॉर्म सबमिट होते ही एक 11 अंकों की एसई आईडी जेनरेट होगी. नगर निगम प्रशासन के अनुसार, जो परिवार खुद विवरण भरेंगे, उन्हें 22 मई से घर-घर आने वाले प्रगणकों को केवल यह आईडी दिखानी होगी. इससे उन्हें दोबारा लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा.

*दो चरणों में संपन्न होगा महाभियान, गोपनीयता का पूरा ध्यान*

वाराणसी में जनगणना का यह पहला चरण (हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग) जून तक चलेगा. इसके बाद वर्ष 2027 के प्रारंभ में दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या व जातिगत आंकड़े जुटाए जाएंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर साझा की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय हैं. प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक से बैंक विवरण या व्यक्तिगत दस्तावेज नहीं मांगे जा रहे हैं. नगर निगम ने जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान भी तेज कर दिया है.

"काशी को स्मार्ट और विकसित बनाने के लिए हर नागरिक का विवरण महत्वपूर्ण है. डिजिटल माध्यम से जनगणना की यह पहल सुरक्षा और सुगमता का संगम है. सभी शहरवासी इस राष्ट्रीय अभियान में अपना सहयोग दें." -अशोक कुमार तिवारी, महापौर

नगर निगम की ओर से गुरुवार को चितईपुर और कैंट के अलावा वरूणा पार इलाके से अतिक्रमण के खिलाफ तगडा अभियान चलाया

वाराणसी: नगर निगम की ओर से गुरुवार को चितईपुर और कैंट के अलावा वरूणा पार इलाके से अतिक्रमण के खिलाफ तगडा अभियान चलाया जा रहा है. अतिक्रमण हटाने के साथ नगर निगम की ओर से लैंडबैंक बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. अब तक 550 बीघे सरकारी जमीन से कब्जा हटवाया जा चुका है. पिछले दिनों हुए सर्वे में 1400 बीघे से अधिक सरकारी जमीनों को चिह्नित किया गया था. पहले उन जमीनों से कब्जा हटवाया जाएगा, जहां कोई विवाद नहीं है. टीन शेड लगाकर कब्जा करने वालों को हटवाया जाएगा.

*जमीन से कब्जा हटवाकर*

कब्जा हटवाने के बाद जमीन को तारों से घेरकर नगर निगम अपना बोर्ड लगाएगा. इनका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं के विकास में किया जाएगा. इन पर कम्युनिटी सेंटर, बरातघर, पार्क आदि का विकास किया जाएगा. इन पर बीते कई वर्षों से लोगों का कब्जा है. इनकी कीमत तकरीबन 700 करोड़ रुपये के आसपास होगी. कुछ जमीन से कब्जा हटवाकर वहां पिलर लगाए गए हैं. कुछ जगहों पर निगम ने अपना बोर्ड और तारों का घेरा बनवाकर इसे पूरी तरह से अपनी संपत्ति घोषित कर दिया है.

*1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा*

नवविस्तारित इलाकों के सर्वे में 79 गांव ऐसे मिले हैं, जहां पर 1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा था. लंबे वक्त से ग्राम सभाओं का वर्चस्व होने के कारण लोगों ने मनमाने तरीके से कब्जा करके रखा था. सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि नगर निगम की ओर से सरकारी जमीन से कब्जा हटवाया जा रहा है. इसे नगर निगम की ओर से विकास कार्य कराए जाएंगे.नगर निगम के इस बुल्‍डोजर कार्रवाई से इलाके में अफरा तफरी की स्थिति देखी जा रही है. इस दौरान बडी संख्‍या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई.

*कैंट स्‍टेशन पर रेलवे ने चलाया अभियान*

उत्तर रेलवे के वाराणसी जंक्शन स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल, स्वास्थ्य एवं यातायात निरीक्षकों तथा सीईओ केंटोनमेंट द्वारा नियुक्त की गई संयुक्त टीम द्वारा वाराणसी कैंट जंक्शन स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर अवैध रूप से खड़े होने वाले ठेलों एवं अतिक्रमण को हटाया गया.

इस संबंध में स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता एवं सीईओ केंटोनमेंट सत्यम मोहन ने संयुक्त अभियान चलाए जाने के लिए रणनीति बनाई थी जिसमें कैंटोनमेंट क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाले भूखंड पर चल रहे अवैध ठेले और अतिक्रमण को आज विशेष दस्ते का सहयोग लेकर इस प्रक्रिया के तहत क्रियान्वित किया गया.

अवैध ठेलों के खड़े रहने से जहां एक और स्टेशन का मार्ग अवरुद्ध होता था तो दूसरी और उनके द्वारा फैलाए जा रहे कचरे से सफाई प्रबंधन में भी बाधा उत्पन्न होती थी जिस से यात्रियों को असुविधा के साथ साथ रेल एवं कैंटोनमेंट प्रशासन दोनों की छवि भी धूमिल होती थी. इसका संज्ञान लेते हुए जनहित एवं यात्री सेवा को सर्वोपरि रखते हुए यह आवश्यक कार्यवाही आज सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई.

कैंट रेलवे स्टेशन पर देर रात एक बड़ा हादसा हो गया. प्लेटफार्म नंबर 5 पर राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से ट्रेन मैनेजर गंभीर रूप से घायल हो गए.

वाराणसी: कैंट रेलवे स्टेशन पर देर रात एक बड़ा हादसा हो गया. प्लेटफार्म नंबर 5 पर राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से ट्रेन मैनेजर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

*डॉक्टरों की निगरानी में घायल का इलाज*

जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 20503 राजधानी एक्सप्रेस निर्धारित समय से देरी से बुधवार देर रात करीब 2 बजकर 19 मिनट पर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 पर पहुंची थी. इसी दौरान ट्रेन के रुकने के समय ट्रेन मैनेजर पंकज कुमार श्रीवास्तव अचानक ट्रेन की पिछली बोगी के नीचे रेलवे ट्रैक की तरफ चले गए और राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए. हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों में हड़कंप मच गया. तत्काल रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने घायल ट्रेन मैनेजर को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से ट्रॉमा सेंटर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है.

सूत्रों के अनुसार हादसे में ट्रेन मैनेजर पंकज कुमार श्रीवास्तव का दाहिना हाथ गंभीर रूप से चोटिल हो गया है, जिसे काटने की नौबत आ गई. फिलहाल उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं. घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता समेत रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और चिकित्सकों से घायल कर्मचारी की स्थिति की जानकारी ली. रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर ट्रेन मैनेजर अचानक ट्रैक के नीचे कैसे पहुंचे.

*घटनाक्रम की जांच में जुटा पुलिस प्रशासन*

हादसे के बाद राजधानी एक्सप्रेस करीब 36 मिनट तक प्लेटफार्म नंबर 5 पर खड़ी रही. परिचालन विभाग ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए दूसरे ट्रेन मैनेजर एमजी खान को ड्यूटी पर लगाया, जिसके बाद रात 3 बजकर 3 मिनट पर ट्रेन को रवाना किया गया. रेलवे स्टेशन पर देर रात हुए इस हादसे के बाद कर्मचारियों में भी चिंता का माहौल देखने को मिला. फिलहाल रेलवे प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटा हुआ है.

जनगणना-2027 का शुभारंभ, पहली बार होगी डिजिटल और जातीय गणना


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के संकल्प के साथ मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य शुरू किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि समग्र और समावेशी विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी लोग जनगणना में सक्रिय सहभागिता करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

07 से 21 मई तक मिलेगा स्वगणना का विकल्प
इस बार आमजन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है। 7 मई से 21 मई 2026 तक लोग ऑनलाइन स्वगणना कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे।

*पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना*

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। इस बार जातीय गणना और वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

5.47 लाख कार्मिक करेंगे कार्य
करीब 25 करोड़ 70 लाख आबादी वाले उत्तर प्रदेश में जनगणना कार्य के लिए 5.47 लाख कार्मिक तैनात किए गए हैं। इनमें 4.50 लाख प्रगणक, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार अधिकारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सटीक जनगणना से ही विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।

दशाश्वमेध क्षेत्र के मान मंदिर घाट पर बुधवार देर रात साथियों के नाव पर फोटो लेने के दाैरान गंगा में डूबने से मौत हो गई।


वाराणसी। दशाश्वमेध क्षेत्र के मान मंदिर घाट पर बुधवार देर रात साथियों के साथ काशी आए ग्रेटर नोएडा के 27 वर्षीय युवक की नाव पर फोटो खिंचवाने के दाैरान गंगा में डूबने से मौत हो गई। अचानक हुए हादसे से साथियों में हड़कंप मच गई।

साथियों ने रात में ही पुलिस व युवक के स्वजन को घटना की जानकारी दे दी।

स्थानीय लोगों ने रात में ही डूबे युवक को खोजने का प्रयास किया लेकिन नदी में बहाव अधिक होने से उसका पता नहीं चला। सुबह एनडीआरएफ की टीम ने अथक प्रयास से डूबे युवक को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। गौतम बुद्ध नगर जनपद के ग्रेटर नोएडा अंतगर्त सुपरटेक इको विलेज-2 निवासी हर्षवर्धन ठाकुर पुत्र संदीप सिंह बुधवार काे अपने चार-पांच साथियों के काशी घूमने आए थे। देर रात एक बजे सभी दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के मान मंदिर घाट पहुंचे।

इसके बाद घट पर ही सभी नाव पर फोटो खिंचवाने लगे। इसी दौरान हर्षवर्धन ठाकुर का संतुलन बिगड़ने से वह गंगा नदी में गिरकर डूबने लगा । जब तक सभी साभी शोर मचाते वह पानी के तेज बहाव में डूब गया था। स्थानीय लोगों ने उसे खोजने का प्रयास किया लेकिन गंगा में अधिक बहाव व अंधेरा होने से उसका पता नहीं चला। सूचना पर दशाश्वमेध पुलिस और जल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और रात में ही तलाश शुरू की।

गुरुवार सुबह एनडीआरएफ की टीम भी उसकी खोजबीन में शामिल हुई। कई घंटों की मशक्कत के बाद एनडीआरएफ, जल पुलिस और दशाश्वमेध पुलिस की संयुक्त टीम ने शव को गंगा से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही स्वजन में कोहराम मच गया।
अन्य साथियों में जौनपुर जनपद के सिकरारा थाना अंर्तगत सेवरा निवासी कुशाग्र सिंह, गौतम बुद्ध नगर के सुपरटेक इको विलेज-2 का दुर्गेश रुद्र प्रताप सिंह, नोएडा के परथला खेजपुर निवासी विपुल कुमार, नई दिल्ली के त्रिलोकपुरी के ब्लाक-13 के होम नंबर 316 निवासी जीत सिंह व नोएडा के सेक्टर 122 अंतर्गत परथला खंजरपुर निवासी ललित कुमार शामिल हैं।