5/25/2026

ग़ाज़ी मियां की फिर लौटी बारात, मेले में उमड़ा दोनों वर्ग का जनसैलाब

वाराणसी  बड़ी बाजार स्थित हज़रत सैयद सालार मसूद (गाजी मियां) की दरगाह पर शनिवार को शुरू हुआ मेला इतवार अपने शबाब पर पहुंच गया। मेले में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। इस दौरान सुल्तान क्लब के मेम्बर्स लोगों की खिदमत में जुटे दिखाई दिए। लोगों का हुजूम देर रात तक अस्थाई दुकानों पर खरीदारी करने जुटा हुआ था।
देर रात सनाउल्लाह के मकान से बारात निकली जो विभिन्न रास्तों से होकर सलारपुर बड़ी बाजार पहुंची, दरगाह में बारात आते ही लोगों ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। शादी की रस्म शुरू हुई थी कि किसी बात को लेकर औरतों से बारतियों की बहस हो गई तभी पास में रखा हुआ मटका टूट गया और बात बढ़ गई। लोगों ने बीच बचाव किया, समझाया मगर बाराती नहीं माने तेज हवाएं चलने लगी, शादी टूट गई, बारात वापस लौट गयी।
बारात में हिंदू और मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली

इस मौके पर लगे मेले में पूर्वांचल भर से हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। सदर हाजी सेराजुददीन व गद्दीनशीं हाजी एजाजुद्दीन हाशमी कमेटी के लोगों के साथ व्यवस्था संभाले हुए थे। हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि मेले की मान्यता है कि जिस किसी भी जायरीन की मुराद पूरी होती है, वो इस मेले में आकर चादर, मलीदा वगैरह चढ़ाते हैं। मेले में पूरे पूर्वांचल भर से लोग आते हैं। समाचार लिखे जाने तक गाजी मियां के दर पर दोनों मज़हब का जमावड़ा था

मना हज़रत अल्वी शहीद का उर्स


इससे पहले हज़रत अल्वी शहीद रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स भी सालारपुर में मनाया गया। इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। जो गाजी मियां को चादर चढ़ाने आया वो हज़रत अल्वी शहीद के दर पर भी हाजिरी लगाता दिखा। हज़रत अल्वी शहीद पहुंचे हुए वली है। बादशाह महमूद गजनवी के दौर में वो हिन्दुस्तान दीन की तहरीर करने आए थे। उन्होंने बड़ी बाजार बनारस को अपना मरकज़ बनाया। हज़रत अल्वी शहीद के नाम पर ही उस इलाके का नाम अलईपुरा पड़ा।


सुल्तान क्लब का निःशुल्क शिविर

सामाजिक संस्था " सुल्तान क्लब " द्वारा एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन रविवार को बड़ी बाजार में संस्था अध्यक्ष डॉक्टर की अध्यक्षता में एवं सचिव मुस्लिम जावेद अख्तर के संचालन में संपन्न हुई। इस अवसर पर बच्चे, पुरुष एवं महिलाओं को स्वास्थ्य की जांच कर निशुल्क दवाई वितरित की गई एवं हीट स्ट्रोक से बचाव और जनगणना 2027 में सहयोग के लिए एवं साफ सफाई पर विशेष जोर देकर जागरूक किया गया।

प्रातः 8 बजे शिविर का उद्घाटन करते समय डॉ एहतेशामुल हक ने कहा कि दोपहर 11:00 से शाम 4:00 के बीच बाहर निकलने से बचें, बाहर निकलते समय शरीर को पूरा ढककर हल्के रंग के कपड़े पहन कर निकले तथा समय-समय पर नींबू पानी, ओआरएस इत्यादि का घोल का अधिक सेवन करते रहें। फास्ट फूड से परहेज करें,नियमित व्यायाम करें। चिकित्सा शिविर में अधिक संख्या में पेट के मरीज पाए गए। शिविर में 55 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरित की गई।
एक दूसरा कैम्प बुनकर मार्केट बड़ी बाजार में हमदर्द दवा एवं सुल्तान क्लब के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया जिसमें सैकड़ों लोगों शरबत पिलाया गया।

ज्ञात हो कि सुल्तान क्लब द्वारा विगत 31 वर्षों से लगातार इस प्रकार का शिविर विशेष अवसरों पर वर्ष में कई बार लगाती रही है हर वर्ष मई या जून माह में बड़ी बाजार में इस प्रकार का शिविर लगाती है।

चिकित्सा शिविर को कामयाब बनाने में डॉ एहतेशामुल हक, डॉ इकबाल, डॉ साजिद, अजय कुमार वर्मा, मुख्तार अहमद, जावेद अख्तर, एच हसन नन्हें, महबूब आलम, अब्दुर्रहमान, मुहम्मद इकराम, मौलाना अब्दुल्लाह, हाफिज मुनीर, इत्यादि का सराहनीय योगदान रहा है।

महंगाई का इंजन हुआ तेज, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर उछाल

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी की गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि की है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। 

15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल मिलाकर करीब ₹7.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया में तनाव और रुपये की कमजोरी के कारण तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है, जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। 

ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। 

ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से बाबा विश्वनाथ के दर्शन प्राप्त हो सके


वाराणसी: पूरे प्रदेश के साथ ही देश के अलग अलग राज्यों में भी गर्मी ने अपना असर दिखना शुरू कर दिया है। इसी बीच नौतपा की शुरुआत भी हो चुकी है। नौतपा यानी 9 दिनों तक भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही लोगों को गर्मी से बचने के लिए उपाय भी बताए गए हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से बाबा विश्वनाथ के दर्शन प्राप्त हो सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

*मंदिर परिसर के बाहर भी इंतजाम*

25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है और 2 जून तक इसका प्रभाव उत्तर प्रदेश के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिलेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कई व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर न्यास द्वारा परिसर के बाहर जहां श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें होती हैं, वैसे स्थान को चिन्हित कर जर्मन हैंगर और कैनोपी की व्यवस्था कराई गई है। इसके साथ ही जर्मन हैंगर और टेंसाईल स्ट्रक्चर के भीतर मिस्ट फैन (पानी की फुहार वाले पंखे) स्थापित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को शीतलता का अनुभव होगा।

*बच्चों के लिए भी की गई व्यवस्था*

चुकी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर निर्माण के समय पत्थरों का इस्तेमाल हुआ था, इसकी वजह से सूर्य की तपिश किसी अन्य स्थान के मुकाबले मंदिर परिसर में कहीं ज्यादा है। इसको ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने लोगों के पैर ना जलें इसके लिए मैट की व्यवस्था की है और उन पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मंदिर न्यास ने बताया कि अपने परिवार के साथ आने वाले छोटे बच्चों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उनके लिए बिस्कुट वितरण की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर ओआरएस का घोल, ग्लूकोज़ और गुड़ की भी उपलब्धता कराई गई है। इसके साथ ही ठंडे पानी का वितरण भी किया जा रहा है, ताकि इस भयंकर गर्मी में श्रद्धालु निर्जलीकरण के शिकार ना हो सकें।

*कुल 29 स्थानों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था*

मंदिर न्यास ने बताया कि पूरे धाम में कुल 19 स्थान को चिन्हित किया गया है, जहां पर शुद्ध और शीतल पेयजल के लिए वाटर कूलर और 10 ऐसे स्थान भी चिन्हित किए गए हैं जहां पर पोर्टेबल वॉटर काउंटर की व्यवस्था कराई गई है। यही नहीं श्रद्धालुओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले झूठ के मैट बिछाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को फर्श पर गर्मी से राहत मिल सके। मंदिर न्यास ने बताया है कि नौतपा के दौरान बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार और अभिषेक विभिन्न फलों के रस और शीतल पेय पदार्थ से किया जाएगा और यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा के अनुसार ही होगा। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि प्रशासन और मंदिर कर्मियों द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।

सुल्तान क्लब द्वारा बड़ी बाजार में लगे निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 55 लोगों ने लाभ उठाया


(जनगणना 2027 में सहयोग व हीट वेव से बचाव के लिए जागरूक भी किया गया)

वाराणसी। सामाजिक संस्था " सुल्तान क्लब " द्वारा एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन रविवार को बड़ी बाजार में संस्था अध्यक्ष डॉक्टर की अध्यक्षता में एवं सचिव मुस्लिम जावेद अख्तर के संचालन में संपन्न हुई। इस अवसर पर बच्चे, पुरुष एवं महिलाओं को स्वास्थ्य की जांच कर निशुल्क दवाई वितरित की गई एवं हीट स्ट्रोक से बचाव और जनगणना 2027 में सहयोग के लिए एवं साफ सफाई पर विशेष जोर देकर जागरूक किया गया। प्रातः 8 बजे शिविर का उद्घाटन करते समय डॉ एहतेशामुल हक ने कहा कि दोपहर 11:00 से शाम 4:00 के बीच बाहर निकलने से बचें, बाहर निकलते समय शरीर को पूरा ढककर हल्के रंग के कपड़े पहन कर निकले तथा समय-समय पर नींबू पानी, ओआरएस इत्यादि का घोल का अधिक सेवन करते रहें। फास्ट फूड से परहेज करें,नियमित व्यायाम करें। चिकित्सा शिविर में अधिक संख्या में पेट के मरीज पाए गए। शिविर में 55 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरित की गई।
         
ज्ञात हो कि सुल्तान क्लब द्वारा विगत 31 वर्षों से लगातार इस प्रकार का शिविर वर्ष में कई बार लगाती रहती है, प्रत्येक वर्ष मई या जून माह में बड़ी बाजार में इस प्रकार का शिविर लगाती है। चिकित्सा शिविर को कामयाब बनाने में डॉ एहतेशामुल हक, डॉ इकबाल, डॉ साजिद, अजय कुमार वर्मा,मुख्तार अहमद, जावेद अख्तर,एच हसन नन्हें, महबूब आलम, अब्दुर्रहमान, मुहम्मद इकराम, मौलाना अब्दुल्लाह,हाफिज मुनीर, इत्यादि का सराहनीय योगदान रहा है।

आज यानी 25 मई से नौतपा शुरू हो गया हैनौतपा क्या है?


‘नौतपा’ मतलब नौ दिनों की भीषण तपिश। ये साल के सबसे गर्म 9 दिन माने जाते हैं। इस साल 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहेगा। 2911

*ये 9 दिन कैसे तय होते हैं?*
ज्योतिष के अनुसार ज्येष्ठ मास में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा शुरू होता है। 2911

रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं जो शीतलता के प्रतीक हैं। सूर्य के आने से उनकी शीतलता कम हो जाती है। साथ ही इस दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है। सूरज की किरणें सीधी और तेज पड़ती हैं, इसलिए धरती खूब तपती है। 2911

सूर्य 15 दिन रोहिणी नक्षत्र में रहता है, लेकिन शुरुआती 9 दिन सबसे ज्यादा गर्म होते हैं, इसलिए इन्हें नौतपा कहते हैं। 2911

*इसी दौरान सबसे भीषण गर्मी क्यों?*
1. *खगोलीय कारण*: सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब आ जाता है। मई अंत-जून शुरुआत में सूरज मध्य भारत के ऊपर होता है और किरणें सीधे पड़ती हैं। 85b48649
2. *मौसम विभाग*: इस अवधि में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहता है और लू का प्रकोप बढ़ जाता है। 2911

*मानसून से कनेक्शन*

मान्यता है जितनी तेज नौतपा में गर्मी पड़ेगी, मानसून उतना ही अच्छा होगा। गर्मी से समुद्र का पानी ज्यादा गर्म होता है, बादल बनने की प्रक्रिया तेज होती है। पुरानी कहावत है: 'तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय'। 2911641e

*नौतपा में क्या करें*
धूप से बचें, पानी खूब पिएं। तरबूज, खीरा, लस्सी, नींबू पानी लें। धार्मिक मान्यता में सूर्य को जल देना, जरूरतमंदों को शरबत-पानी पिलाना पुण्यदायी माना जाता है। 679f2911

25 मई से नौतपा शुरू हो चुका है, तो अगले 9 दिन गर्मी से बचकर रहिए।