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संकट
वाराणसी: अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के 90 निर्धारित मानकों के आधार पर वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की चिकित्सा इकाइयों की समीक्षा की गई। पूर्वांचल के प्रतिष्ठित एसपीजी डिवीजनल हॉस्पिटल ने प्रदर्शन के मामले में अग्रणी स्थान प्राप्त किया।
अपर मुख्य सचिव ने वर्तमान तेल संकट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पेट्रोल-डीजल की बचत करने तथा अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, पोषण मेला, पोषण जागरूकता अभियान और जल संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को भोजन में वसा का कम उपयोग करने और संतुलित आहार के लिए डाइटिशियन से परामर्श लेने की सलाह भी दी गई।
बैठक में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ नरेंद्र देव शर्मा, सीएमओ डॉ राजेश प्रसाद, एसएसपीजी के सीएमएस डॉ बृजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे।
काशी में शुरू हुआ ‘नो फ्यूल डे’: अब हर शनिवार बिना पेट्रोल-डीजल चलेगा नगर निगम महापौर अशोक तिवारी का बड़ा संकल्प — “तेल संकट खत्म होने तक पैदल जाऊंगा दफ्तर”
- मोहम्मद रिजवान
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत अभियान का असर अब काशी में भी दिखाई देने लगा है। वाराणसी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लेते हुए हर शनिवार को ‘नो फ्यूल डे’ मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर निगम के जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पेट्रोल और डीजल से चलने वाले निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे।
नगर निगम मुख्यालय में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में पार्षदों के साथ हुई बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया। निर्णय के अनुसार अब सभी पार्षद शनिवार को निगम कार्यालय आने-जाने के लिए पैदल, साइकिल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट या इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।
बैठक में महापौर अशोक तिवारी ने खुद उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की कि जब तक तेल संकट बना रहेगा, तब तक वह अपने घर से नगर निगम कार्यालय तक का सफर पैदल तय करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विदेशी मुद्रा बचाने और ईंधन की खपत कम करने के लिए किए गए आह्वान को देखते हुए नगर निगम ने यह पहल शुरू की है।
हालांकि, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों और अन्य जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है, क्योंकि नगर निगम आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आता है।
महापौर ने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करें। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बैठक में सुरेश चौरसिया, श्याम आसरे मौर्य, अतुल पांडेय, मदन मोहन तिवारी, इर्देश कुमार, बलराम कन्नौजिया, अशोक मौर्या, प्रवीण राय, सुरेश गुप्ता योगी, मदन मोहन दुबे सहित कई पार्षद मौजूद रहे।



