5/24/2026

काशी के नमो घाट पर गार्ड और बाउंसरों की गुंडागर्दी, सोनभद्र के किशोर को पीट-पीटकर मार डाला, कई लोग घायल



वाराणसी: नमो घाट पर एक बार फिर प्राइवेट गार्ड और बाउंसरों की गुंडागर्दी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सोनभद्र से आए युवकों को बाउंसर और गार्ड ने जमकर मारा पीटा। मारपीट की इस घटना में एक किशोर की मौत हो गई जबकि कई युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं, मारपीट की इस घटना के बाद आदमपुर पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, घायलों को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वाराणसी के नमो घाट पर आए दिन गार्ड और बाउंसरों की गुंडागर्दी सामने आती है। रविवार की सुबह सोनभद्र से आए कुछ युवक घाट पर पहुंचे। इसके बाद बाउंसर के साथ उनकी कहासुनी हुई और गार्ड व बाउंसरों ने मिलकर युवकों के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है की मारपीट की इस घटना में सोनभद्र के 17 वर्षीय राजेंद्र उर्फ चिंटू की मौत हो गई।

*दवा लेने वाराणसी आए थे पीड़ित*

किशोर के साथ वाराणसी पहुंचे बृजेश ने बताया कि परिवार के एक सदस्य बीमार हैं, जिनके लिए दवा लेने सभी लोग वाराणसी पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें परिवार के एक अन्य सदस्य से भी मुलाकात करनी थी, जिसके बाद सभी घूमने के लिए नमो घाट पहुंचे। बृजेश ने बताया कि जब वे नमो घाट पहुंचे तो वहां मौजूद प्राइवेट गार्ड्स और बाउंसरों ने उन्हें घाट पर जाने से रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी।

बृजेश ने बताया कि इसी दौरान बाउंसर ने उन्हें गालियां दी, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। वही शोर सुनकर 10-12 की संख्या में लाठी डांडों से लैस सुरक्षा गार्ड और बाउंसर पहुंचे और बिना पूछे ही उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इसी दौरान राजेंद्र को चोट लगी और वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद सभी लोग मिलकर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

*मौके पर पहुंची पुलिस ने 4 को उठाया*

घटना के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। इसके बाद मौके पर पहुंची आदमपुर पुलिस ने चार बाउंसर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष ने बताया है कि घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाएगी तो सारी सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। वहीं, आदमपुर पुलिस ने बताया है कि मारपीट की घटना में किशोर की मौत हो गई है। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस मारपीट की घटना में घायल हुए सभी लोगों का कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया है कि चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

गर्म हवाओं के थपेड़ों से लू का अहसास बना रहा

वाराणसी। पूर्वांचल सह‍ित वाराणसी में मौसम का रुख लगातार गर्मी की ओर बना हुआ है। जबक‍ि नौतपा का रुख भी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। माना जा रहा है क‍ि चार द‍िनों तक के ल‍िए जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद वातावरण का रुख वर्तमान हालातों के जैसा ही बने रहने का अनुमान जताया जा रहा‍ है।लेक‍िन 27 मई के बाद लो‍कल हीट‍िंंग के बाद मौसम का रुख बदलने का अनुमान है और तापमान में कुछ कमी भी आएगी। वहीं मानसून भी व‍िगत चौबीस घंटों में कुछ आगे बढ़ा है।
रव‍िवार की सुबह वातावरण का रुख गर्म रहा और आर्द्रता में भी कमी बनी रही। हालांक‍ि सुबह दस बजे के बाद तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से लू का अहसास बना रहा। दोपहर दो बजे तल्‍ख धूप और इसके बाद शाम तक गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। इसके साथ ही रातें भी पर्याप्‍त गर्म हो रही हैं। आने वाले द‍िनों में मौसम का रुख बदलने का अनुमान है और कुछ द‍िनों में वातावरण का रुख उतार चढ़ाव भरा बना रह सकता है। वातावरण में गर्म हवाओं का रुख बदलेगा तो बादलों की सक्र‍ियता भी हो सकती है।
बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 44.1°C दर्ज कि‍या गया जो सामान्‍य से 3.1 ड‍िग्री अध‍िक दर्ज क‍िया गया। न्‍यूनतम तापमान 28.0°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 1.6 ड‍िग्री अध‍िक रहा। आर्द्रता न्‍यूनतम 16% दर्ज क‍िया गया वहीं अध‍िकतम 37% दर्ज क‍िया गया। माना जा रहा है क‍ि आने वाले द‍िनों में वातावरण का रुख बदल सकता है, लोकल हीट‍िंंग की वजह से बादलों की सक्र‍ियता का रुख भी हो सकता है। हालांक‍ि नौतपा के शुरुआती द‍िनों में गर्म हवाओं का रुख प्रभाव‍ित हो सकता है। जबक‍ि चार द‍िनों के ऑरेंज अलर्ट की वजह से आने वाले समय में लोकल हीट‍िंंग बादलों की सक्र‍ियता करा सकता है।

वाराणसी में बना यूपी का पहला पेपरलेस एनिमल ट्रैकिंग केंद्र, डॉग्स के गले में लगाई जा रही डिजिटल चिप, जानें क्या है उद्देश्य


वाराणसी: नगर निगम में शहर को हाईटेक बनाने की कवायद तेज कर दी है। यहां एक अत्याधुनिक एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निर्माण किया गया है, जिसमें कुत्तों का नि:शुल्क बंध्याकरण और रेबीज बीमारी को लेकर टीकाकरण भी किया जा रहा है। इसके साथ ही वाराणसी में उत्तर प्रदेश का पहला पेपरलेस एनिमल ट्रैकिंग केंद्र भी बन चुका है। यहां शहर के अलग-अलग क्षेत्र से पकड़े गए कुत्तों के गले में हाईटेक चिप लगाई जा रही है, जिससे उनके मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी सिर्फ एक क्लिक पर लोगों को मिल जाएगी।

*केंद्र पर टीकाकरण की व्यवस्था भी उपलब्ध*

नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया है कि शहर में बनाए गए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में बीमार और बेसहारा कुत्तों को लाकर उनका इलाज किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें एंटी रेबीज का टीका भी दिया जा रहा है और बंध्याकरण भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन कुत्तों को इलाज के बाद उनके गले में एक चिप लगाई जा रही है जिससे इन कुत्तों की मेडिकल हिस्ट्री को आसानी से लोग जान पाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें सिर्फ आवारा और बेसहारा पशुओं को ही नहीं बल्कि पेट डॉग्स को भी शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बीमार और हिंसक कुत्तों को लाकर उनका ट्रीटमेंट करना है। उन्होंने बताया कि इन कुत्तों को शिकायत मिलने के बाद पकड़ कर केंद्र में लाया जाता है और उनका इलाज करके वापस उन्हें इस स्थान पर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि संबंधित कुत्तों का इलाज किए जाने के बाद इन्हें 4 से 5 दिन सेंटर में रखा जाता है और इन पर कड़ी निगरानी की जाती है, ताकि उनके स्वास्थ्य में हो रहे सुधार पर नजर रखी जा सके।

*संस्था के साथ किया गया अनुबंध*

संदीप ने बताया कि एढ़े गांव में अत्याधुनिक एनिमल बर्थ कंट्रोल का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही नगर निगम ने मेदांता ग्रुप के साथ 15 वर्ष का अनुबंध किया है और इसका संचालन पूरी तरह से नि:शुल्क होगा और संस्था ही इसे चलाएगी। उन्होंने बताया कि लोगों को काटने वाले कुत्तों को पकड़ कर इन सेंटर्स पर ले जाया जाएगा और वहां पर उनके बंध्याकरण और एंटी रेबीज टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि कुत्तों को इलाज के बाद उनके गले में एक चिप डाल दिया जाएगा और उसे चिप में एक बारकोड होगा, जिसे फोन के माध्यम से स्कैन करते ही कुत्ते की फोटो और उसके मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी खुलकर सामने आ जाएगी।

*50 कुत्तों के गले में डाली गई चिप*

उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था केवल आवारा कुत्तों के लिए ही नहीं बल्कि पालतू कुत्तों के लिए भी है। यदि कुत्तों के मालिक उनके कुत्ते से संबंधित मेडिकल हिस्ट्री को डिजिटल करना चाहते हैं तो वह भी इसका लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि शहर में घूम रहे कुत्ते बीमार या लोगों को काटते हैं तो उनकी जानकारी टोल फ्री नंबर 1533 पर दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद नगर निगम की एक टीम तत्काल ही उस स्थान पर पहुंचेगी और उन कुत्तों को ट्रेस करके पकड़ कर केंद्र में लाएगी और उनके इलाज की व्यवस्था करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक 300 कुत्तों का बंध्याकरण किया गया है और करीब 50 कुत्तों के गले में इस चिप को इंस्टॉल किया जा चुका है।

*की जाती है ब्लड जांच*

संदीप ने बताया कि यह केंद्र पूरी तरीके से डिजिटल है और इसमें किसी भी प्रकार की कागजी कार्रवाई नहीं की जाती। यह प्रदेश का पहला अत्याधुनिक एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर है। जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस केंद्र में लाये गए कुत्तों के ब्लड सैंपल लिए जाते हैं, जिनमें उनके सीबीसी, केएफटी और एलएफटी इत्यादि की जांच होती है। उन्होंने बताया है कि नगर निगम ने इन कुत्तों के इलाज के लिए डॉक्टर के साथ-साथ एंबुलेंस की व्यवस्था की है।

बनारस में मां ने नाबालिग बेटी का साड़ी के बदले किया सौदा, खरीदार ने दुष्कर्म कर छोड़ा, ऑटो चालक ने भी बनाया हवस का शिकार


वाराणसी: सारनाथ पुलिस ने नाबालिक बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता को उसकी मां ने पैसे और साड़ी के लालच में एक व्यक्ति को बेच दिया, जिसके बाद आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसे छोड़ दिया। वहीं एक ऑटो चालक ने भी बच्ची को अकेला पाकर हवस का शिकार बनाया। इसके बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए बच्ची की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

*10 साड़ी और 16 हजार में बेचा*

पुलिस ने बताया है कि 12 वर्षीय नाबालिक बच्ची को उसकी मां ने चंदौली के रहने वाले 40 वर्षीय लहरु यादव को 16 हजार रुपए और 10 साड़ियों के लालच में बेच दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान लहरु यादव ने बच्ची के साथ गांव के ही मंदिर में जाकर शादी की और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा। वहीं, जब उसका मन बच्ची से भर गया तो उसने बच्ची को वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर लाकर छोड़ दिया और वहां से फरार हो गया।

कैंट रेलवे स्टेशन पर बच्ची को अकेला और रोता हुआ देखकर झारखंड के रहने वाले रवि वर्मा ने उसे उसके घर पहुंचने की बात कह कर ऑटो में बैठाया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि रवि झारखंड का रहने वाला है और वाराणसी के पहाड़िया इलाके में किराए के मकान में रहता है। आरोप है कि उसने बच्ची को दुष्कर्म के बाद सोना तालाब इलाके में छोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस की नजर अकेली रोती हुई बच्ची के ऊपर पड़ी।

*ट्रेन में हुई थी लहरु से मुलाकत*

पुलिस बच्ची को अपने साथ लेकर थाने पहुंची तो बच्ची ने रोते हुए उसके साथ हुई सारी वारदात को बता दिया। बच्ची ने पुलिस को बताया है कि उसकी मां ट्रेन में घूम घूमकर भीख मांग कर अपना जीवन यापन करती है। इसी दौरान ट्रेन में उसकी मुलाकात लहरु यादव से हुई थी। उसकी मां ने पैसों और साड़ी के लालच में लहरु को उसे बेच दिया। बच्ची ने बताया है कि लहरु की पत्नी का देहांत हो चुका है। इसके बाद उसकी मां लहरु के झांसे में आ गई थी।

सारनाथ थाना अध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया है कि इस मामले में पीड़िता की मां, लहरु और रवि वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया की लहरु और रवि को फरीदपुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया है, जबकि पीड़िता की मां को सारनाथ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

काशी विश्वनाथ मन्दिर में स्पर्श दर्शन कराने के नाम पर ठगी करने वाले दलालों को पुलिस ने किया सलाखों के पीछे

वाराणसी। काशी विश्वनाथ मन्दिर में स्पर्श दर्शन कराने के नाम पर ठगी करने वाले दलालों को पुलिस ने सलाखों के पीछे रवि‍वार को भेज दिया है। वाराणसी के एसीपी ने नए रंगरूटों की इसमें मदद ली ता‍क‍ि दलाल स्‍थानीय पु‍ल‍िस और इनमें फर्क ना कर सकें।इस कार्रवाई से तमाम चेहरे सामने आ गए।

श्री काशी विश्वनाथ धाम, जो न केवल देश बल्कि विदेशों से भी आने वाले भक्तों के आकर्षण का केंद्र है, यहाँ प्रतिदिन सुबह 4 से 5 बजे और शाम 4 से 5 बजे तक निशुल्क स्पर्श दर्शन की व्यवस्था की जाती है। लेकिन कुछ अवैध दलाल इस अवसर का लाभ उठाकर भक्तों से पैसे मांगते थे, उन्हें सुगम दर्शन का झांसा देकर ठगते थे। इस संबंध में वाराणसी कमिश्‍नरेट के दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इन शिकायतों के आधार पर एसीपी ने एक विशेष ऑपरेशन की योजना बनाई। आज वाराणसी पुलिस ने चौक थाना क्षेत्र से 22 और दशाश्वमेध थाना क्षेत्र से तीन सहित कुल 25 अवैध दलालों को गिरफ्तार किया। एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि भोर में पुलिस के नए रंगरूट, जिनमें महिला सिपाही भी शामिल थीं, को दर्शनार्थी के रूप में श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 पर तैनात किया गया था। जब अवैध दलाल उन्हें स्पर्श दर्शन का झांसा देकर पैसे मांग रहे थे, तब उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इससे पहले भी इस मामले में कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। एसीपी ने बताया कि भक्तों से अवैध धन उगाही की शिकायतें पहले भी मिली थीं। इस जागरूकता के लिए मंदिर से लेकर नंदी चौक और मैदागिन तक पुलिस ने दलालों से सावधान रहने के लिए बोर्ड लगाए थे। इस कार्रवाई के बाद कई भक्तों ने बोर्ड पर दिए गए नंबर पर फोन कर अवैध दलालों की सूचना दी थी। पिछले कुछ समय में चौक और दशाश्वमेघ थाने में क्रमशः 26 और 22 दलालों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से इस सिण्डिकेट ने दर्शन के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेना बंद कर दिया था। लेकिन हाल ही में जब ये दलाल फिर से सक्रिय हो गए और शिकायतें मिलीं, तो आज 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार, अब तक कुल 73 अवैध दलालों को गिरफ्तार किया जा चुका है।