4/20/2026

धुआंधार बैटिंग करने के बाद रिंकू सिंह बाबा दरबार में लगाएंगे हाजिरी, होने वाले ससुराल में भी होगा स्वागत


वाराणसी। एक दिन पूर्व कोलकाता में टी-20 मैचों का रूख चंद मिनटों में कैसे बदल जाता है, इसका एक और उदाहरण रविवार को ईडन गार्डेंस स्टेडियम में कोलकाता-राजस्थान के मैच में देखने को मिला। इस मैच में कोलकाता को 156 रनों का लक्ष्य हासिल करने के लिए उतरा था, लेकिन एक समय पर उसकी स्थिति बेहद खराब हो गई थी।

कोलकाता के छह विकेट मात्र 85 रनों पर गिर गए थे। इस कठिन परिस्थिति में रिंकू सिंह ने फिनिशर की भूमिका निभाते हुए अपनी टीम को चार विकेट से जीत दिलाई। लंबे समय बाद रिंकू उसी फॉर्म में नजर आए, जिसमें क्रिकेट प्रेमी उन्हें हमेशा देखना पसंद करते हैं।

मैच के अंतिम ओवर में कोलकाता को जीत के लिए नौ रन की आवश्यकता थी। रिंकू ने बृजेश शर्मा की पहली दो गेंदों पर चौका लगाकर स्कोर को बराबरी पर ला दिया। उनकी बल्लेबाजी से स्पष्ट था कि वे मैच को अपने अंदाज में समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने तीसरी गेंद पर एक रन लेने का प्रयास नहीं किया, जबकि अनुकूल क्रीज से बाहर आ गए थे। रिंकू ने चौथी गेंद पर विकेटों के पीछे छक्का जड़कर मैच को समाप्त किया और इस तरह उन्होंने इस सत्र में अपना पहला अर्धशतक भी पूरा किया। 34 गेंदों में उनकी पारी में पांच चौके और दो छक्के भी शामिल रहे।

फार्म में लौटने के बाद रिंकू स‍िंंह अब सोमवार को काशी पहुंच रहे हैं, जहां वे बाबा काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए बाबा दरबार में हाजिरी भी लगाएंगे। इसके बाद वे अपनी होने वाली पत्नी और मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज के घर जाएंगे, जहां उनका पारंपरिक स्वागत होगा। इस स्वागत के बाद वे भोजन करेंगे और फिर होटल लौटकर विश्राम करेंगे। इसके बाद, अगले मैच के लिए वे वापस लौट जाएंगे।

रिंकू सिंह की इस शानदार पारी ने न केवल उनकी टीम को जीत दिलाई, बल्कि उनके फॉर्म में लौटने की भी उम्मीद जगाई है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक सुखद क्षण था, क्योंकि रिंकू ने अपनी पुरानी पहचान को फिर से जीवित किया। उनकी बल्लेबाजी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और यह साबित कर दिया कि वे किसी भी परिस्थिति में मैच को अपने पक्ष में मोड़ने की क्षमता रखते हैं।

कोलकाता की इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। रिंकू सिंह की फिनिशर की भूमिका में वापसी ने न केवल उन्हें, बल्कि पूरी टीम को नई ऊर्जा दी है। अब सभी की नजरें अगले मैच पर हैं, जहां रिंकू और उनकी टीम एक बार फिर से अपनी क्षमता को साबित करने के लिए तैयार हैं। पर‍िजनों के अनुसार बाबा पर र‍िंकू का काफी व‍िश्‍वास है, इसी भावना के साथ ही वह बाबा दरबार में हाज‍िरी लगाने पहुंच रहे हैं। वहीं अब उनके समर्थकों को उनकी शादी की डेट सामने आने का इंतजार है।

वाराणसी समेत पूर्वांचल में चार द‍िन तक लगातार हीट वेव का अलर्ट जारी


वाराणसी। पूर्वांचल में मौसम का रुख अब पूरी तरह से तल्‍खी पर है। मौसम व‍िभाग ने लगातार चार द‍िनों तक हीट वेव का अलर्ट जारी कर लोगों को चेताया भी है। बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 42.6°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 3.0 ड‍िग्री अध‍िक रहा। न्‍यूनतम तापमान 23.0°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 0.6 ड‍िग्री अध‍िक रहा। न्‍यूनतम आर्द्रता 17% दर्ज की गई जबक‍ि अध‍िकतम 31% रही। वहीं बादलों की सक्र‍ियता नहीं होने की वजह से द‍िन का धूप आंच बनकर बरस रहा है। 

सोमवार की सुबह ठंड में घुली रही लेक‍िन सुबह नौ बजे के बाद सूरज का ताप अध‍िक प्रभावी नजर आने लगा और द‍िन चढ़ने के साथ ही वातावरण में लू के थपेड़ों का अहसास शुरू होने के साथ ही गर्म का प्रचंड स्‍वरूप साफ नजर आने लगा। मौसम व‍िभाग ने चार द‍िनों का लगातार अलर्ट जारी कर लोगों को चेताया भी है। माना जा रह है क‍ि अब नौ ताप माह भर बाद शुरू होगा तो इसके साथ ही प्री मानसूनी बरसात ही अब लोगों को पर्याप्‍त राहत दे सकती है। जबक‍ि 20 जून के पूर्व तक मौसम का रुख गर्मी से भरा होगा।  

वहीं माना जा रहा है क‍ि अब वैशाख अपने वेश में आ चुका है। सूरज धधकने लगा है, पछुआ अंगार लिए चल रही है और दिशाएं तपने लगी हैं। पूरा जनपद रविवार को गर्म लू के थपेड़ों से झुलस रहा था तो बाहर निकलते ही वातावरण गर्म भट्ठी की आंच का आभास करा रहा था। बनारस पूरे प्रदेश में दूसरा तो देश में छठां सबसे गर्म शहर रहा। रविवार को चार साल बाद अप्रैल के तीसरे सप्ताह में अधिकतम तापमान कुछ जगहों पर 44 के पार तक जा पहुंचा। इसके पूर्व वर्ष 2022 में 18 अप्रैल को ही तापमान 45.2 तक चला गया था। इस संबंध में येलो अलर्ट जारी करते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी की है कि यह उष्ण लहर (लू) अभी अगले तीन-चार दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगी।

सोवार की सुबह से ही सूर्य किरणें वातावरण को तपाने लगी थीं। इनकी प्रचंडता शरीर में चुभन का आभास करा रही थी। सुबह आठ बजते-बजते तापमान 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। दोपहर होते-होते इसमें तापमान की और भी वृद्धि हुई और यह सामान्य से अध‍िक तक पहुंचने लगा। दोपहर तक 24 किमी प्रतिघंटा का वेग धारण करने के साथ ही प्रचंड तापमान के साथ मिलकर पछुआ हवाओं ने लू का रूप धारण किया तो पूरा वातावरण भट्ठी के समान तपने लगा। फिर तो दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और हमेशा चहल-पहल रहने वाले घाटों पर सन्नाटा पसर गया।

वाराणसी: बागेश्वर सरकार का काशी में भव्य स्वागत, महिला आरक्षण बिल पर बोले धीरेंद्र शास्त्री- 'नारी निंदा मत करो, नारी रत्न की खदान'



वाराणसी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को एक निजी प्रतिष्ठान के उद्घाटन के लिए धर्मनगरी वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरते ही उनके अनुयायियों ने 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में आचार्य ने महिला आरक्षण बिल और मातृशक्ति के महत्व पर बेबाकी से अपनी राय रखी।

महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत की भूमि आदिकाल से ही मातृशक्ति की पूजक रही है। उन्होंने संस्कृत के श्लोक का संदर्भ देते हुए कहा, "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता"।

आचार्य ने जोर देकर कहा, "देश की असली शक्ति मातृशक्ति ही है। यदि मातृशक्ति की ताकत बढ़ेगी, तो निश्चित रूप से देश की शक्ति में भी इजाफा होगा।" उन्होंने आगे मार्मिक अंदाज में कहा, "नारी निंदा मत करो, नारी रत्न की खान है। नारी से ही नर उपजे हैं, चाहे वो ध्रुव हों या प्रह्लाद।"

आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का वाराणसी दौरा काफी संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली रहा। एयरपोर्ट से लेकर रथयात्रा स्थित कार्यक्रम स्थल तक जगह-जगह उनके अनुयायियों ने स्वागत की जोरदार तैयारी कर रखी थी। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी से ही हाथ हिलाकर अनुयायियों का अभिवादन स्वीकार किया। सड़कों पर खड़े हजारों भक्त अपने गुरु की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे।

जैसे ही आचार्य का काफिला रथयात्रा क्षेत्र में पहुंचा, पूरा इलाका 'जय श्री राम' और 'बागेश्वर सरकार की जय' के नारों से गूंज उठा। निजी प्रतिष्ठान के उद्घाटन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, बावजूद इसके भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। आचार्य ने काशी की महिमा और यहाँ के लोगों के प्रेम की सराहना की।

फूल विक्रेता की पीट-पीटकर हत्या, सक्का घाट पर खूनी खेल मामला, परिवार वालो का हंगामा

वाराणसी: धर्म नगरी काशी के आदमपुर थाना क्षेत्र में रविवार की देर रात वर्चस्व की जंग ने खूनी रूप ले लिया। सक्का घाट पर माला-फूल की दुकान लगाने के पुराने विवाद में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। इस संघर्ष में 18 वर्षीय युवक नीरज केवट की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में परिजनों ने पुलिसिया लापरवाही के खिलाफ जमकर हंगामा काटा।

सक्का घाट निवासी स्वर्गीय गोपाल केवट का पुत्र नीरज केवट (18) अपने परिवार के साथ घाट पर ही माला-फूल की दुकान चलाता था। परिजनों के मुताबिक, इसी व्यवसाय को लेकर पड़ोस के ही रवींद्र केवट और उसके परिवार से काफी समय से रंजिश चल रही थी। रविवार रात मामूली कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे।

- प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मारपीट के दौरान नीरज के सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ प्रहार किया गया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी सांसें थमने लगीं।

घटना की सूचना मिलते ही आदमपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल नीरज को मंडलीय अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने उसे 'ब्रॉट डेड' (मृत) घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। मृतक के भाई धीरज केवट और परिजनों ने आदमपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:

- विवाद की शिकायत पहले भी कई बार चौकी और थाने में की गई थी।
- पुलिस ने शिकायतों को अनसुना किया, जिसका नतीजा आज इस हत्या के रूप में सामने आया।
- परिजनों का आरोप है कि इस पूरे विवाद के पीछे क्षेत्र के एक रसूखदार नौका संचालक की शह है।

मृतक के परिवार ने रवींद्र केवट, किशन, बसंत, कन्हैया, कल्लू, भरत, टकालू, रंजिता और सुमन समेत अन्य लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत की है। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।

थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल सक्का घाट पर तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

काशी में जमीन के विवाद पर आक्रोशित युवक BSNL टावर पर चढ़ा, पुलिस उतारने की मशक्कत में जुटी

वाराणसी के नदेसर क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक बीएसएनएल के करीब 100 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ गया और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि युवक ने खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी के बीच पुलिसकर्मी युवक को समझाने-बुझाने में जुटे रहे। स्थिति की 

गंभीरता को देखते हुए उसके परिजनों को भी मौके पर बुला लिया गया है

कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र ने बताया कि टावर पर चढ़े युवक की पहचान 35 वर्षीय राजेश के रूप में हुई है, जो चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव का निवासी है। पुलिस ने उससे फोन पर संपर्क स्थापित किया है और लगातार उसे नीचे उतरने के लिए समझाया जा रहा है।

प्राथमिक पूछताछ में राजेश ने बताया कि वह जमीन से जुड़े विवाद के कारण मानसिक तनाव में है। पुलिस के अनुसार, राजेश ने अपनी जमीन का करीब पांच लाख रुपये में सट्टा (एडवांस डील) कर दिया था और वह पैसा खर्च भी कर चुका है। जब परिजनों ने जमीन बेचने का विरोध किया, तो 

उसने जमीन वापस लेने की कोशिश शुरू कर दी। वहीं, जिस व्यक्ति से सट्टा किया गया था, वह अब अपने पैसे वापस मांग रहा है।

इसी आर्थिक और पारिवारिक दबाव के चलते राजेश ने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस और फायर टीम उसे सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में लगी हुई है। स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।