6/30/2026

सेशेल्स के राष्ट्रपति को भेंट की गई मुरादाबादी पीतल की कछुआ प्रतिमा


भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मुरादाबादी पीतल की कछुआ प्रतिमा सेशेल्स के राष्ट्रपति को भेंट की गई। यह विशेष उपहार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की विश्वप्रसिद्ध पीतल शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे भारत की "ब्रास सिटी" के नाम से जाना जाता है।

कुशल शिल्पकारों द्वारा हस्तनिर्मित यह प्रतिमा मुरादाबाद की धातु ढलाई, नक्काशी और फिनिशिंग की उत्कृष्ट परंपरा को प्रदर्शित करती है। इसकी बारीक नक्काशी, आकर्षक चमक और कलात्मक डिजाइन पीढ़ियों से चली आ रही भारतीय शिल्पकला की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं।

भारतीय दर्शन में कछुआ ज्ञान, स्थिरता, धैर्य, दीर्घायु और दृढ़ता का प्रतीक माना जाता है। यही गुण सेशेल्स की प्राकृतिक विरासत से भी गहराई से जुड़े हैं, जहां विश्व प्रसिद्ध एल्डाब्रा जायंट टॉर्टॉइज़ (Aldabra Giant Tortoise) प्राकृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। यह कछुआ दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे अधिक आयु तक जीवित रहने वाली कछुआ प्रजातियों में से एक है।

ऐसे में मुरादाबादी पीतल की कछुआ प्रतिमा केवल भारत की उत्कृष्ट हस्तशिल्प कला का परिचायक ही नहीं, बल्कि सेशेल्स के लिए विशेष सांस्कृतिक महत्व रखने वाला उपहार भी है। यह भारत और सेशेल्स के बीच प्रगाढ़ मित्रता, साझा मूल्यों तथा प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की भावना का प्रतीक है।

6/29/2026

आम लदी डीसीएम की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत, बेटा गंभीर


 परिजन व क्षेत्रीय लोगों ने लगाया 3 घंटो तक  जाम

शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्धिपुर बाईपास (हनुमान मंदिर के पास) पर सोमवार तड़के करीब 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार आम लदी डीसीएम ने मिट्टी के कुल्हड़ बेचने जा रहे पिता-पुत्र को रौंद दिया। हादसे में हटिया (बसकडा) निवासी 65 वर्षीय छेदी लाल प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। उनका 35 वर्षीय बेटा काशी गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। ​हादसे का कारण चौराहे के पास एक मकान निर्माण के लिए मुख्य सड़क पर मिट्टी गिराई गई थी। तेज रफ्तार डीसीएम इसी मिट्टी पर चढ़कर अनियंत्रित हुई और पलट गई। यह घटना सीसीटीवी (CCTV) में भी कैद हुई है। मृतक के बड़े बेटे बनारसी की भी 3 महीने पहले ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। इस नए हादसे के बाद 10 लोगों के परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गिलट बाजार-बाबतपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने ₹1 करोड़ मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे एसडीएम नितिन सिंह और एसीपी अपूर्व पांडेय ने परिजनों को उचित सरकारी मुआवजा और न्याय दिलाने का भरोसा दिया, जिसके बाद करीब 3 घंटे से लगा जाम सुबह 9:30 बजे समाप्त हुआ।

6/27/2026

विश्वकर्मा मार्शल आर्ट्स के पांच प्रतिभागियों को मिला ब्लैक बेल्टप्रशिक्षक रमाशंकर विश्वकर्मा को भी किया गया सम्मानित

वाराणसी। विश्वकर्मा मार्शल आर्ट्स (दानियालपुर, सोनातलाब) के तत्वावधान में रविवार 28 जून 2026 को कॉम्बैट कराटे प्रतियोगिता के तहत पांच सीनियर प्रतिभागियों को ब्लैक बेल्ट प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा (विभागाध्यक्ष, ललित कला विभाग), डॉ. मेजर अरविंद कुमार सिंह, कारगिल योद्धा अजय कुमार सिंह एवं स्थानीय पार्षद जितेंद्र कुशवाहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
संस्था के निदेशक रमाशंकर विश्वकर्मा ने संस्था की गतिविधियों और उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। वहीं उपाध्यक्ष गोविंद विश्वकर्मा ने बच्चों के कठिन परिश्रम और प्रशिक्षण के दौरान किए गए प्रयासों से सभी को अवगत कराया।
इस अवसर पर सीनियर खिलाड़ियों ने मार्शल आर्ट की विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा दिखाई। संस्था के खिलाड़ियों पलक विश्वकर्मा, साधना गुप्ता, खुशी राजभर, करन भारद्वाज और रेहान अंसारी को अतिथियों द्वारा ब्लैक बेल्ट एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद जितेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और संस्था को बधाई देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कारगिल योद्धा अजय कुमार सिंह ने बच्चों को कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत बनाए रखने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मेजर अरविंद कुमार सिंह ने समय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी मेहनत का परिणाम ब्लैक बेल्ट के रूप में सामने है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन विवेक विश्वकर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन गोविंद विश्वकर्मा ने दिया। इस दौरान संस्था के सभी सीनियर-जूनियर खिलाड़ी, अभिभावक एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

काशी से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ पहला जत्था, सेवादारों ने संभाली सेवा की कमान

वाराणसी। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही धर्मनगरी काशी से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रविवार को रवाना हो गया। श्री काशी विश्वनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में सेवादारों और श्रद्धालुओं का पहला दल वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से हावड़ा-अमृतसर मेल के माध्यम से कश्मीर के लिए प्रस्थान किया।

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी काशी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। समिति के अनुसार, काशी से हजारों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। श्रद्धालु पहले अमृतसर पहुंचेंगे, जहां से जम्मू होते हुए पहलगाम तक का सफर तय करेंगे। इसके बाद पवित्र गुफा तक की यात्रा पैदल पूरी की जाएगी।

श्री काशी विश्वनाथ सेवा समिति पिछले 26 वर्षों से अमरनाथ यात्रियों की सेवा में जुटी हुई है। समिति की ओर से यात्रा के दौरान लगभग 300 श्रद्धालुओं के रहने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष भी समिति द्वारा बड़ी संख्या में यात्रियों को दर्शन कराने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

समिति के सेवादार दिलीप सिंह ‘बंटी’ ने बताया कि 80 से 90 सेवादारों का दल यात्रा पर जा रहा है। इनमें 10 सेवादारों का समूह उनके, विवेक श्रीवास्तव और कुलदीप त्यागी के नेतृत्व में पंजाब जाएगा, जबकि लगभग 70 सेवादार बेगमपुरा एक्सप्रेस से सीधे जम्मू होते हुए चंदनबाड़ी पहुंचेंगे और वहां से सेवा कार्यों में जुटेंगे।

उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए समिति पूरी तरह तैयार है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

समिति के इस सेवा अभियान को जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। आयोजन में महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, मंत्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’, शांति लाल जैन सहित कई गणमान्य लोगों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। वहीं श्रद्धालुओं के लिए पान और मिठाई की व्यवस्था छक्कन दादा, राजेश चौरसिया और नंदनी परिवार की ओर से की जाएगी।

6/26/2026

अमरनाथ यात्रियों की सेवा में काशी का 26वां विशाल भंडारा, चंदनबाड़ी में होगा आयोजन300 यात्रियों के ठहरने की

 व्यवस्था, बनारसी कचौड़ी-जलेबी, ठंडाई और पान का मिलेगा स्वाद
28 जून को दिलीप सिंह बंटी व विवेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में रवाना होगा दूसरा जत्था, लक्सा से निकलेगी बाइक रैली
वाराणसी। श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में जम्मू-कश्मीर स्थित अमरनाथ यात्रियों की सेवा के लिए काशी का 26वां विशाल भंडारा चंदनबाड़ी आधार शिविर में आयोजित किया जाएगा। यह भंडारा यात्रा अवधि से रक्षाबंधन तक चलेगा।
समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि 28 जून को सेवादारों का दूसरा जत्था जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना होगा। पहला जत्था पहुंचकर चंदनबाड़ी में कैंप लगाने की तैयारियों में जुट चुका है।
उन्होंने बताया कि चंदनबाड़ी कैंप में करीब 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। यात्रियों को बनारसी कचौड़ी, पूरी-जलेबी, दाल-चावल, पावभाजी, इडली, मसाला डोसा, दूध, ठंडाई सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा कंबल, जूता, मोजा, मास्क, टोपी, स्वेटर और शॉल की भी व्यवस्था रहेगी।
दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि चंदनबाड़ी से अमरनाथ गुफा की करीब 36 किलोमीटर की यात्रा शेष रहती है। इस बार यात्रियों की संख्या पहले से अधिक होने की संभावना है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से मजबूत की गई है।
उन्होंने बताया कि 28 जून को सुबह 7:30 बजे लक्सा स्थित निवास स्थान से बाइक रैली निकाली जाएगी। 300-400 बाइक के काफिले के साथ निकलने वाली रैली लक्सा, भेलूपुर, शिवाला, सोनारपुरा, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, मैदागिन, लहुराबीर होते हुए वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचेगी। रैली में बाबा बर्फानी स्वरूप शिवलिंग और डमरू दल भी शामिल रहेगा।
दूसरा जत्था दिलीप सिंह बंटी और विवेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में 70 सेवदारों के साथ बेगमपुरा एक्सप्रेस से रवाना होगा। दल में हलवाई, इलेक्ट्रिशियन, पान और ठंडाई की व्यवस्था संभालने वाले सेवक भी शामिल रहेंगे।
समिति के अनुसार गुजरात से भी सेवदारों का दल गुजराती भोजन सामग्री लेकर 10 जुलाई को भंडारे में पहुंचेगा।
इस अवसर पर समिति ने सभी शिव भक्तों से अपील की है कि 28 जून को सुबह 7:30 बजे पहुंचकर सेवदारों को विदाई दें और उनका उत्साह बढ़ाएं।
इस सेवा कार्य में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न मंडलों का सहयोग मिल रहा है।