5/12/2026

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन


अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के सिविल अस्पताल में मौत की पुष्टि हुई है। बता दें कि प्रतीक यादव सपा मुखिया अखिलेश यादव के छोटे भाई हैं। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक उनकी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं है।
प्रतीक यादव की उम्र सिर्फ 38 साल थी। उन्हें सुबह 6 बजे के आसपास लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। प्रतीक का राजनीति से कोई वास्ता नहीं था और वह रियल एस्टेट व फि’टनेस के कारोबार से जुड़े थे।

*लग्जरी कारों के शौकीन थे प्रतीक*

प्रतीक साल 2017 में उस समय चर्चा में आए थे जब वह अपनी लेंबॉर्गिनी कार लेकर निकले थे। दरअसल, लखनऊ की सड़कों पर उनकी नीली रंग की लैंबॉर्गिनी कार खूब दौड़ी थी और विपक्ष ने इसी को लेकर यादव परिवार पर तंज कसा था। प्रतीक यादव ने सफाई देते हुए कहा था कि यह उनका 10 साल पुराना सपना था और उनका सपना 14 दिसंबर 2016 को पूरा हुआ था। प्रतीक ने बताया था कि कारों को लेकर उनका शौक है और वह 10 साल से लैंबॉर्गिनी कार का सपना पाले हुए थे।

*राजनीति में नहीं थी दिलचस्पी*

उन्होंने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी। एक इंटरव्यू में प्रतीक ने बताया था कि उनकी फिटनेस में काफी रुचि है। वह अपने बिजनेस पर ध्यान देना चाहते हैं।

मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने BJP से जुड़ी हैं। प्रतीक से कई मौकों पर जब राजनीति में होने को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने दो-टूक कहा कि उनकी सियासत में खास दिलचस्पी नहीं है।

विकास प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी की टीम ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार को भी की दालमंडी में 17 नए भवन ध्‍वस्‍त, मदरसे पर भी चला हथौड़ा


वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के अंतर्गत मंगलवार को विकास प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी की टीम ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 17 नए भवनों को ध्वस्त किया. इस कार्रवाई में तीन बुलडोजर और कई मजदूरों की टीम शामिल थी. ध्वस्तीकरण के दौरान किसी प्रकार का विरोध नहीं हुआ, जिससे प्रशासन को कार्रवाई में आसानी हुई.

सूत्रों के अनुसार, मुसाफिरखाना क्षेत्र में भवन स्वामियों को रजिस्ट्री के बाद 12 दिन का समय दिया गया था. निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आरंभ की. पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केके सिंह ने बताया कि अब तक दालमंडी चौड़ीकरण में लगभग 60% ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है. विभाग का लक्ष्य 31 मई तक इस पूरे अभियान को समाप्त करने का है. इस दौरान मदरसे पर भी हथौड़ा चला.

*दालमंडी क्षेत्र में यातायात समस्या को हल करना*

इस चौड़ीकरण अभियान का उद्देश्य दालमंडी क्षेत्र में
यातायात की समस्या को हल करना और क्षेत्र के विकास को गति देना है. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में सभी कानूनी पहलुओं का ध्यान रखा जाए. इसके साथ ही, प्रभावित भवन स्वामियों को उचित समय दिया गया ताकि वे अपनी संपत्तियों के संबंध में आवश्यक कदम उठा सकें.

दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे उनकी संपत्ति के लिए खतरा मानते हैं. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रक्रियाएँ पारदर्शिता के साथ की जाएंगी और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान किया जाएगा. इस अभियान के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियाँ कर ली हैं. 31 मई तक अभियान को पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं.

जमीन की फर्जी दस्तावेज बनाकर हड़पने का खेल बेनकाब, वाराणसी में महिला आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, कुटुंब रजिस्टर और अन्य कागजात तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला मु0अ0सं0 079/2026 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने 16 मार्च 2026 को न्यायालय के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने कूटरचना कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन अपने नाम करा ली। मामले में रोहनिया थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

जांच के दौरान रोहनिया पुलिस टीम ने रविवार को मिशन शक्ति केंद्र, थाना रोहनिया क्षेत्र से करीब 44 वर्षीय महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।

इस कार्रवाई को पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत अंजाम दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह, उपनिरीक्षक पवन कुमार, महिला कांस्टेबल रोशनी गुप्ता और कांस्टेबल काजल शामिल रहीं।

वाराणसी डीएम हुए सख्त शिक्षा व्यवस्था पर तीन खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोका


वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को राइफल क्लब में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कर स्कूल चलो अभियान और विभिन्न शैक्षिक योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में बच्चों के नामांकन, ट्रांजिशन रेट और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।

डीएम ने कक्षा 5 से 6 और कक्षा 8 से 9 में बच्चों के नामांकन की समीक्षा के दौरान पाया कि चिरईगांव, काशी विद्यापीठ और नगर क्षेत्र में प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कक्षा 5 और 8 पास करने वाले सभी बच्चों का अगले वर्ग में दाखिला सुनिश्चित कराया जाए।

बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में वाशिंग मशीन और जनरेटर की खरीद तत्काल करने, रिक्त पदों पर जून तक नियुक्तियां पूरी करने तथा ईसीसीई एजुकेटर की भर्ती प्रक्रिया जल्द समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

डीएम ने डीबीटी के तहत अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही 1200 रुपये की धनराशि के सदुपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की मदद से स्कूलों में स्टॉल लगाकर यूनिफॉर्म सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा निपुण भारत मिशन, समग्र शिक्षा अभियान, दिव्यांग बच्चों के मेडिकल कैंप और विद्यालय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल चलो अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव समेत शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री की अपील पर काशी के सर्राफा बाजार की चिंता बढ़ी, कारोबारियों ने कही ये बात


वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वर्ष तक जरूरी न हो तो सोना न खरीदने की अपील ने सर्राफा बाजार में बेचैनी है. कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है. कारोबारियों का कहना है कि इस तरह की अपील से हजारों परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आ सकता है. जब कोई सोना नहीं खरीदेगा तो इस व्यापार से जुड़े व्यापारी, कारीगर, छोटे-बड़े सराफा कारोबारी कहां जाएंगे. काशी में इस मुद्दे को लेकर सराफा कारोबारियों में रोष है. विवाह, त्योहार, अन्य शुभ उत्सवों या निवेश के लिए सोने की खरीदारी में आने वाले दिनों में बड़ी गिरावट की संभावना है.

व्यापारी अभिनव सेठ ने कहा, "जब सोने का भाव कम था, उसी समय आह्वान करते तो आज सोना डेढ़ लाख के भाव पर है तो नहीं खरीदने की अपील क्यों. सोना खरीद कौन रहा है. जो अमीर हैं, वही खरीदारी कर रहे हैं. छोटे सराफा कारोबारियों का कारोबार तो ऐसे बड़े शोरूम वाले खा गए हैं. जो व्यापारी पूंजी लगाकर बैठे हैं, उनका क्या होगा." संतोष कुमार ने बताया कि अपील को जनता कई नजरिए से देख रही है. सराफा बाजार पर इसका बड़ा असर आने वाले दिनों में दिखाई पड़ेगा. सोना पहले से ही महंगा है और ऊपर से न खरीदने की अपील छोटे व्यापारियों व कारीगरों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर देगी. परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा. कारोबारी गोपी नाथ ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे बयान से सीधे व्यापार पर असर पड़ने वाला है. सराफा कारोबारियों के लिए यह बहुत कष्टदायक बात है.

कारोबारी मनोज कुमार ने बताया, "मोदी जी ने कहा है कि जितनी आवश्यकता हो उतनी ही खरीदारी करें, जरूरत न हो तो सोना न खरीदें. इसके पीछे कोई बड़ी वजह होगी. उनकी बातें राष्ट्रहित को लेकर हैं. इसलिए सभी को धैर्य रखना चाहिए, न कि जल्दबाजी में निष्कर्ष निकाल लेना चाहिए." वाराणसी सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने बताया कि ज्वेलरी निर्माण कार्य घटने की आशंका है.

बनारस में सैकड़ों स्वर्णकार कारीगरों और दुकानदारों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. हालांकि प्रधानमंत्री ने देश की मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए केवल अपील की है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है. एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि बाजार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. महिलाएं शुरू से ही गहनों में निवेश करती रही हैं और करती रहेंगी.