5/23/2026

Hajj 2026 :- इसरा की दुआ ख्वानी में हाजियों संग मुल्क की तरक्की की दुआएं


हज का अय्याम शुरू होने में अब गिनती के दिन रह गए है। इसे देखते हुए हज के लिए सक्रिय रहने वाली संस्था इसरा (ISSRA) वाराणसी द्वारा इज्तेमाई दुआख्वानी का प्रोग्राम 

 जुमा को वाराणसी सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में किया गया।


वाराणसी में इज्तेमाई दुआख्वानी का मुख्य केन्द्र मुगलिया शाही जामा मस्जिद बादशाह बाग में सारी दुनिया से मक्क-ए-मुकर्रमा पहुंचे हुए हज जायरीन की सेहत व हज बखैरियत मुकम्मल होने और मुल्क में अमनों अमान खुशहाली के लिए इज्तेमाई दुआख्वानी की गई। मौलाना हसीन अहमद हबीबी की सदारत व इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां के संयोजन में बाद नमाज जुमा यह पूर्व घोषित कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। ऐसे ही अपनी अपनी मस्जिदों में पेश इमामों ने पूर्वांचल के जिलों में एक साथ सारी दुनिया से पहुंचे हुए हज जायरीन की सेहत बखैरियत हज मुकम्मल होने व कुबूल होने एवं अपने मुल्क सकुशल वापसी की इज्तेमाई दुआ की गई। साथ ही साथ अपने मुल्क में अमनो-अमान व खुशहाली के लिए भी इज्तेमाई दुआ अल्लाह तआला की वरगाह में हाथ उठाकर की गई। अल्लाह तआला से खुसुसी तौर से दुआ की गई कि मुल्क में अमनो-अमान, आपसी भाईचारे को बरकरार रखते हुए पूरी सादगी के साथ सारे त्योहार सकुशल सम्पन्न हो ताकि गंगा-जमुनी तहजीब के लिए मशहूर शहर बनारस की अपनी खासियत बरकरार रहे और अल्लाह तआला हम सबकों को ऐसी सद्बुद्धि दें कि हम अपने-अपने कर्तव्यों को समझते हुए प्रशासन का पूर्ण सहयोग दें। जिससे बनारस सहित पूरे उ.प्र. व देश में अमनो अमान व खुशहाली कायम रहे। इन जिलों में इज्तेमाई दुआ के इस प्रोग्राम को कामयाब बनाने के लिए हर जिले में इसरा (ISSRA) ने अपने प्रतिनिधियों को नियुक्त किया था। जिन्होंने इस दुआ के प्रोग्राम को काययाब बनाने में अपना प्रशंसनीय सहयोग प्रदान कर सफल बनाया। उनमें क्रमश बनारस में हाजी सुल्तान, अलहम अंसारी, मो. शाहरूख इम्तियाज अहमद, हाजी नौशाद, मो. फिरोज, मुख्तार अहमद, सेराज, तथा अलहन, जौनपुर से डॉ. शकील, फैजान खलील, गाजीपुर से मकसूद अंसारी, हाजी नसीम, इमरान अनवार अहमद, बलिया में डॉ. बदरेआलम, डा. मो. अरशद असारी, मऊ से डॉ. सरफराज, सलीम अहमद, चंदौली से मो. शाहीद, मो. नफीस, पप्पू, सोनभद्र से हाजी रिजवान, नफीस, महताब आलम व हाजी ताहिर भदोही से इजहार खान बाबू, गोरखपुर से सलाउ‌द्दीन, मो. नदीम, पप्पू, मो. नदीम, इलाहाबाद से मोहम्मद अजहरूद्दीन व महफूज सिद्दीकी, प्रतापगढ़ से महमूद खान, कौशाम्बी में दाउद अहमद, मिर्जापुर में गुलाम रब्बानी, कुशीनगर में हाजी लियाकत अली, सिद्धार्थनगर में मोहम्मद अली, महराजगंज में अहमद हुसैन आदि शामिल थे।
मुख्य मस्जिदें जहां हुई दुआख्वानी

मस्जिद दायम खां पक्की बाजार के पेश इमाम मौलाना नसीर, मस्जिद हाता उल्फत बीबी के पेश इमाम मौलाना इल्यास कादरी, गफूरी मस्जिद कचहरी के पेश इमाम हाफिज इरफान, मस्जिद लाटशाही बाबा के पेश हाफिज हबीबुर्रहमान, मुगलिया शाही मस्जिद बादशाह बाग के पेश इमाम मौलाना हसीन हबीबी, जहांगीरी मस्जिद हरहुआ बाजार के पेश इमाम हाफिज गुलाम रसूल, नूरी मस्जिद नरिया वाराणसी, तारा मस्जिद कुड़ी मौलाना नुरुददीन, जामा मजिस्द कूड़ी बाजार मौलाना जलील, बड़ी जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना जियाउल हक, ईदगाह चोलापुर के पेश इमाम हाफिज जमालुद्दीन, मस्जिद मीरा शाह बाबा हबीबपुरा, चेतगंज के पेश इमाम मौलाना मुहम्मद नईम, मस्जिद काले खां के पेश इमाम मौलाना हाजी अब्दुल हादी खां, मस्जिद लाल सहतूत औरंगाबाद के पेश इमाम हाजी अश्फाक, छोटी मस्जिद पानी टंकी के पेश इमाम मौलाना निजामुद्दीन, जुमा मस्जिद सदर बाजार के पेश इमाम रूखसार अहमद, जामा मस्जिद राजा बाजार के पेश इमाम मौलाना मजहरूल हक, जामा मस्जिद खाजापुरा गड़ही के पेश इमाम हाजी मौलाना युनूस, मस्जिद आशिक माशूक सिगरा के पेश इमाम मौलाना कमालुद्दीन, जामा मस्जिद काश्मीरीगज खोजवा के पेश इमाम मौलाना मुहम्मद वाहिद रजा, मस्जिद जलालीपुरा के पेश इमाम मौलाना मुहम्मद उमर, बड़ी मस्जिद छत्ता तले के पेश इमाम मौलाना कारी साजिद, मस्जिद पिपलानी कटरा के पेश इमाम मौलाना इस्लामुद्दीन।

धानापुर चन्दौली के जुमा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज इलियास शम्श, जामा मस्जिद चकिया चंदौली के पेश इमाम, बडी जामा मस्जिद बड़गवां चंदौली के पेश इमाम हाफिज मकबूल, जुमा मस्जिद सतपोखरी दुलहीपुर के पेश इमाम जैनुल आब्दीन, जामा मस्जिद चहनियों कारी ऐनुल हक, जुमा मस्जिद बडागाव के पेश इमाम हाजी सेराजुद्दीन, नगरा बलिया मदीना मस्जिद के पेश इमाम मौलाना नसीम, बडी मस्जिद गुदड़ी बाजार बलिया के पेश इमाम मौलाना अजहर, मस्जिद विशुनीपुर के पेश इमाम कारी नौशाद अहमद, बड़ी मस्जिद उमरगंज के पेश इमाम मौलाना आजम, जामा मस्जिद बेल्थरा रोड के पेश इमाम मौलाना मंजूर, मस्जिद कामिल शाह रहमतुल्ला अलैह के पेश इमाम वलिदपुर, मऊ में शाही मस्जिद कोपागंज के पेश इमाम मौलाना मोहम्मद नजीर शाह, जौनपुर में शाही बड़ी मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मौलाना फैसल, जामा मस्जिद बदरूल इस्लाम शाहगंज जौनपुर के पेश इमाम मौलाना हमजा, जामा मस्जिद मोहम्मदाबाद आजमगढ़ के पेश इमाम हाफिज शाहजहां, जुमा मस्जिद महराजगंज मौलाना मोइनुद्दीन, अस्करगंज, गोखपुर के पेश इमाम मौलाना अनीस, जामा मस्जिद कुशीनगर के पेश इमाम हाजी लियाकत अली, मस्जिद स्टेशन रोड प्रतापगढ़ के पेश इमाम मौलाना रियाजुल हसन कासमी, जुमा मस्जिद ओबरा के पेश इमाम कारी मोहम्मद असलम, भदोही, जामा मस्जिद कल्लन शाह तकिया के पेश इमाम हाफिज अच्छे, गाजीपुर जामा मस्जिद आदि पूर्वांचल के सभी मस्जिदों में एक साथ पूरे मुल्क में खुशहाली एवं अमनो अमान की दुआख्वानी हुई।

दुआख्वानी के मौके पर अलहम अंसारी, मो इम्तियाज, मो. शाहरूख, हाजी नौशाद, सेराज अहमद, मुख्तार मोहममद फिरोज, सेराज अहमद आजाद, मौलाना शाबान, मोहम्मद असलम, मोहम्मद युसूफ, रेयाज, निजाम, हाजी शमसुद्दीन, हाजी करीमुद्दीन, मो. शफीक, राजू, हाजी शुऐब, तथा इसरा के पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण मौजूद थे

वाराणसी में युवक पर प्राणघातक वार, झगड़ा छुड़ाने पहुंचा था पीड़ित; एक आरोपी गिरफ्त में


लंका थाना क्षेत्र के नरिया स्थित शराब की दुकान पर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट की घटना घटित हुई। इस दौरान साकेत नगर के निवासी चंद्रमा पटेल और उनके साथी बीच-बचाव के लिए पहुंचे।

चंद्रमा का आरोप है कि इसी बीच उन पर हमला कर दिया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

मारपीट की घटना को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत लंका पुलिस को सूचना दी। मौके पर थाना प्रभारी निरीक्षक लंका, राजकुमार शर्मा, पुलिस बल के साथ पहुंचे और एक युवक को हिरासत में लिया। पकड़ा गया युवक काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एमए का छात्र है और मूल रूप से गाजीपुर का निवासी है। वह विश्वविद्यालय परिसर के बाहर रहता है।

थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मारपीट का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पकड़े गए युवक के शराब के नशे में होने की जानकारी मिली है और झगड़ा शराब की दुकान के पास ही हुआ है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मारपीट करने वाले बीएचयू के छात्र रहे हैं। गंभीर रूप से घायल चंद्रमा के भाई चंद्रशेखर ने लंका थाने पर आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने जानलेवा हमला और प्राणघातक चोट की धाराओं में आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं अक्सर होती हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपितों की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चंद्रमा पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है, और उनके परिवार के सदस्य उनकी शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं।

बकरीद पर वाराणसी पुलिस हाई अलर्ट: ड्रोन, CCTV और QRT टीमों के साथ चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर


वाराणसी, 22 मई।* आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। *अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा* ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों का व्यापक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों, पुलिस पिकेट और क्यूआरटी (Quick Response Team) की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।

पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए कहा है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म पर अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अपर पुलिस आयुक्त ने नगर निगम, विद्युत विभाग और जल संस्थान के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, यातायात और बैरिकेडिंग की व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन प्लान भी लागू किया जाएगा।

पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी, सार्वजनिक स्थानों पर अवशेष फेंकने, धार्मिक भावनाएं भड़काने या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता भी लगातार चेकिंग करेगा।

इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को हिस्ट्रीशीटरों, अराजक तत्वों और पूर्व में विवाद पैदा करने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को लगातार भ्रमणशील रहकर आमजन से संवाद स्थापित करने और सुरक्षा का भरोसा दिलाने को कहा गया है।

कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने जनता से अपील की है कि बकरीद का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाएं, किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल-112 या स्थानीय पुलिस को दें।

मायोपिया अवेयरनेस वीक: बढ़ती वैश्विक दृष्टि चुनौती दुनिया भर में तेजी से बढ़ती हुई एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन चुकी है — खासकर बच्चों और युवाओं में


मायोपिया (निकट दृष्टिदोष / Nearsightedness) अब केवल एक सामान्य आँखों की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह दुनिया भर में तेजी से बढ़ती हुई एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन चुकी है — खासकर बच्चों और युवाओं में।

बढ़ते स्क्रीन टाइम, लगातार नज़दीक से काम करने की आदत और बाहरी गतिविधियों में कमी के कारण मायोपिया के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।

🔍 जल्दी जागरूकता क्यों ज़रूरी है?

समय पर पहचान और सही प्रबंधन से मायोपिया की बढ़ती समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है तथा भविष्य में होने वाली गंभीर आँखों की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है, जैसे:

• रेटिना डिटैचमेंट
• ग्लूकोमा
• मायोपिक मैक्युलर डिजनरेशन
• समय से पहले मोतियाबिंद

*✅ बचाव के महत्वपूर्ण उपाय*

✔ 20-20-20 नियम अपनाएँ
(हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर 20 सेकंड तक देखें)

✔ बच्चों को रोज़ाना आउटडोर गतिविधियों के लिए प्रेरित करें

✔ पढ़ते समय सही दूरी और सही पोस्चर बनाए रखें

✔ अनावश्यक स्क्रीन टाइम कम करें

✔ नियमित रूप से सम्पूर्ण आँखों की जाँच करवाएँ

*👓 आई केयर प्रोफेशनल्स और हेल्थकेयर समुदाय की भूमिका*

हम सभी की जिम्मेदारी है कि परिवारों और समाज को स्वस्थ विज़ुअल आदतों तथा समय पर आँखों की जाँच के महत्व के बारे में जागरूक करें।

*आज की छोटी-छोटी अच्छी आदतें भविष्य की दृष्टि को सुरक्षित बना सकती हैं।*

💙 आइए, इस Myopia Awareness Week पर मिलकर जागरूकता फैलाएँ और स्वस्थ आँखों व बेहतर दृष्टि के लिए कदम बढ़ाएँ।

बिहार से बाबा दरबार पहुंचे तेज प्रताप यादव बाबा दरबार में हाजिरी लगाई और बाबा का आशीर्वाद मांगा।


वाराणसी। बिहार से बाबा दरबार पहुंचे तेज प्रताप यादव, जो कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जनशक्ति जनता दल हैं, ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई और बाबा का आशीर्वाद मांगा। शनिवार दोपहर, जब वह बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे, तो सुरक्षा व्यवस्था के बीच विधि विधान से उन्हें मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन पूजन कराया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।

तेज प्रताप यादव ने बाबा विश्वनाथ से देश-प्रदेश में सुख-शांति और जनता के कल्याण की कामना की। उन्होंने परिवार के साथ काल भैरव मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। मंदिर के पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया, जिससे तेज प्रताप यादव ने बाबा कालभैरव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह हमेशा से बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा रखते हैं और उनके आशीर्वाद से ही समाज में सुख-शांति की स्थापना संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों पर जाकर आशीर्वाद लेना उनके लिए एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे उन्हें मानसिक शांति मिलती है।

तेज प्रताप यादव की इस यात्रा ने उनके समर्थकों में उत्साह का संचार किया है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में भी बाबा के आशीर्वाद को महत्वपूर्ण माना है। इस दौरान उनके साथ कई समर्थक भी मौजूद थे, जिन्होंने उनकी यात्रा को सफल बनाने में योगदान दिया। तेज प्रताप यादव की काशी यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाया, बल्कि उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को भी उजागर किया।