6/16/2026

welcom बैक' अंदाज में खुलें परिषदीय स्कूल, बच्चों का फूल-मालाओं से किया स्वागत

*27 दिन बाद गूंजीं स्कूलों की घंटियां, तिलक और पुष्पवर्षा से हुआ बच्चों का स्वागत*

वाराणसी :- 27 दिनों के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार को परिषदीय विद्यालयों में एक बार फिर रौनक लौट आई। विद्यालय खुलते ही बच्चों की चहल-पहल से स्कूल परिसर गुलजार नजर आए। प्राथमिक विद्यालय चंद्रावती में पहले दिन बच्चों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों और आकर्षक पोस्टरों से सजाया गया था। शिक्षिका डॉ. सुमन कुमारी के नेतृत्व में स्कूल पहुंचे बच्चों का तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया गया। स्वागत के इस अनोखे अंदाज से बच्चे उत्साहित दिखाई दिए और उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।
खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने बताया कि विद्यालय खुलने से पहले सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे। साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर ली गई थी, जिससे बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

हालांकि पहले दिन विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। शिक्षकों के अनुसार तेज गर्मी और छुट्टियों के बाद कई बच्चे अभी अपने परिवारों के साथ बाहर हैं, जिसके चलते उपस्थिति प्रभावित हुई। अनुपस्थित विद्यार्थियों के अभिभावकों से फोन पर संपर्क किया जा रहा है और गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाकर विद्यालय खुलने की जानकारी दी जा रही है।

शिक्षकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बच्चों की संख्या सामान्य हो जाएगी। पहले दिन का उत्साहपूर्ण माहौल नए शैक्षणिक सत्र की सकारात्मक और प्रेरणादायक शुरुआत का संकेत दे गया।

मोहर्रम का चाँद नजर आया, इस्लामी नववर्ष 1448 हिजरी का आगाज़


मोहर्रम का चाँद नजर आने के साथ ही इस्लामी कैलेंडर के नए साल 1448 हिजरी की शुरुआत हो गई। चाँद दिखने की पुष्टि के बाद मुस्लिम समुदाय में नए हिजरी वर्ष का स्वागत किया गया। इसके साथ ही मोहर्रम माह की शुरुआत हो गई है, जिसे इस्लाम में बेहद सम्मान और महत्व का महीना माना जाता है।

मोहर्रम इस्लामी वर्ष का पहला महीना है। इसी महीने की 10 तारीख को यौमे आशूरा मनाया जाता है, जो हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। मोहर्रम के दौरान विभिन्न स्थानों पर मजलिस, जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

चाँद नजर आने के बाद मस्जिदों और इमामबाड़ों में नए हिजरी साल की मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। उलेमा ने लोगों से नए साल की शुरुआत अमन, भाईचारे और इंसानियत के संदेश के साथ करने की अपील की।

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को हिजरी नववर्ष की बधाई देते हुए देश और दुनिया में शांति, खुशहाली और तरक्की की दुआ की।

मोहर्रम का चाँद नज़र आया 26 जून को यौमे अशूरा

वाराणसी में मोहर्रम का चाँद दिखा,पहली मोहर्रम 17 जून से,चाँद दिखने के साथ ही  मजलिसों और जुलूसों की तैयारियां शुरू, अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिजरी सन 1448 का यह पहला महीना शिया मुसलमानों के लिए भारी गम का होता है। इसी महीने की 10 तारीख को पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों को इराक के कर्बला शहर में तीन दिन भूखा-प्यासा रख शहीद कर दिया गया था। इन शहीदों में उनका 6 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल था। सलमान हैदर ने बताया कि मोहर्रम का चाँद दिखने के साथ ही बनारस के दालमंडी, मदनपुरा, बजरडीहा, दोषीपुरा, प्रहलाद घाट और सरैया जैसे इलाकों में मजलिसों और जुलूसों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पूरे अदब और अकीदत के साथ सारे जुलूस निकाले जाएंगे। शहर में 1 से 12 मोहर्रम तक करीब 60 से ज्यादा जुलूस उठेंगे। इस बार इमाम हुसैन की शहादत का दिन (आशुरा) 26 जून को मनाया जाएगा।

*प्रमुख जुलूसों की तारीखें इस प्रकार रहेंगी:*

17 जून (पहली मोहर्रम): सुबह 7 बजे से मजलिसें शुरू होंगी। दोपहर 3 बजे लाट सरैया इमामबाड़े में अलम और दुलदुल का जुलूस निकलेगा।

18 जून (दूसरी मोहर्रम): शिवपुर में रात 8 बजे जुलूस उठेगा। दोपहर 2 बजे उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ के घर पर कदीमी मजलिस होगी।

19 जून (तीसरी मोहर्रम): सायं 5 बजे औसानगंज नवाब की ड्योढ़ी से और शिवाला से अलम का जुलूस निकलेगा।

20 जून (चौथी मोहर्रम): चौहट्टा लाल खाँ इमामबाड़ा से रात 8 बजे अलम व दुलदुल का जुलूस निकलेगा।

21 जून (पांचवीं मोहर्रम): गोविंदपुरा से अलम का जुलूस उठेगा, जिसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के परिजन शहनाई पर मातमी धुन बजाएंगे।

22 जून (छठवीं मोहर्रम): विश्व प्रसिद्ध 40 घंटे का दुलदुल जुलूस कच्ची सराय (दालमंडी) से शाम 5 बजे उठेगा, जो शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए 24 जून (8 मोहर्रम) की सुबह वापस आएगा।

24 जून (आठवीं मोहर्रम): चहमामा
 इमामबाड़े से रात 8:30 बजे अलम व तुर्बत का जुलूस निकलेगा।

25 जून (नवीं मोहर्रम): इमाम चौकों पर ताजिये रखे जाएंगे। रात में शिवाला से प्रसिद्ध दूल्हा का जुलूस निकलेगा और भोर में फातमान में अंगारों पर मातम होगा।

26 जून (दसवीं मोहर्रम - आशुरा): सुबह से शाम तक जंजीर और कमा का मातम करते हुए 26 अंजुमनों के जुलूस निकलेंगे जो लाट सरैया और फातमान जाकर खत्म होंगे। शाम को 'शामे गरीबां' की मजलिस होगी।

27 जून (ग्यारहवीं मोहर्रम): दिन में 11 बजे 'चुप का डंका' यानी लुटे हुए काफिले का जुलूस निकलेगा।

28 जून (बारहवीं मोहर्रम - तीजा): दोपहर बाद आलम और अखाड़े का जुलूस निकलेगा।

6/15/2026

वाराणसी में बेटे की सगाई से पहले पिता की हत्या, चारपाई पर सो रहे बुजुर्ग को बदमाशों ने मारी गोली

वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र स्थित बेनियाबाग में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब चारपाई पर सो रहे एक बुजुर्ग का खून से लथपथ शव मिला। मृतक की पहचान मिर्जापुर निवासी राजन के रूप में हुई है, जो अपने बेटे की आगामी सगाई समारोह में शामिल होने के लिए वाराणसी आए थे। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि राजन रविवार रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। सुबह जब परिजनों की नजर उन पर पड़ी तो उनके शरीर पर गोली लगने के निशान थे। चारपाई के पास से एक खाली कारतूस भी बरामद हुआ है। सूचना पर चौक थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जांच शुरू कर दी।

परिजनों के अनुसार, मृतक मिर्जापुर के नारायणपुर क्षेत्र के रहने वाले थे और 20 जून को होने वाली अपने बेटे की सगाई में शामिल होने के लिए कुछ दिन पहले ही बेनियाबाग आए थे। हैरानी की बात यह है कि घटना के समय उनका बेटा भी पास में सो रहा था, लेकिन उसे गोली चलने की आवाज तक सुनाई नहीं दी।

मृतक के बेटे राजू ने बताया कि दो दिन पहले भी कुछ लोग हथियार लेकर उसके पिता के पास पहुंचे थे। उस समय शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग निकले थे। परिवार का आरोप है कि उसी घटना का संबंध इस हत्या से हो सकता है। राजू का कहना है कि उसके पिता को कई गोलियां मारी गई हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि राजन की दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी मिर्जापुर में रहती है, जबकि दूसरी पत्नी बेनियाबाग में निवास करती है। बेटे की सगाई के चलते वह वाराणसी आए हुए थे और घर के समीप मंदिर के पास चारपाई डालकर सो रहे थे।

डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल बुजुर्ग को अस्पताल भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से एक खोखा बरामद हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हत्या के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की जा रही हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।

सोमवार सुबह 6 बजे बड़ी कार्रवाई दालमंडी में विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 5 अवैध मकानों पर चला बुलडोजर


Varanasi दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत वाराणसी विकास प्राधिकरण ने सोमवार सुबह 6 बजे बड़ी कार्रवाई की।

VDA की टीम ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर चिह्नित अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई से पहले VDA ने इलाके में मुनादी कराकर सभी मकानों को खाली करने की अपील की थी।

इसके बाद सोमवार को मकान नंबर CK-42/94-95, CK-43/145, CK-43/175-बी, D-50/204 और CK-43/123 पर बुलडोजर चलाया गया।

VDA अधिकारियों ने बताया कि दालमंडी को 17 मीटर चौड़ा करने की योजना है, कार्रवाई से पहले भी नोटिस देकर भवन स्वामियों को समय दिया गया था।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। ध्वस्तीकरण से परियोजना में तेजी आएगी। VDA का कहना है कि आगे भी चिह्नित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी।