5/26/2026

बकरीद को लेकर पुलिस का फ्लैग मार्च, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी

वाराणसी। आगामी बकरीद पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। इसी क्रम में डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एडीसीपी लिपि नागायच, एसीपी अपूर्व पांडेय एवं कैंट थाना प्रभारी राज किशोर पाण्डेय ने समस्त चौकी प्रभारियों के साथ मिंट हाउस, नदेसर, अर्दली बाजार, पक्की बाजार और कचहरी समेत विभिन्न क्षेत्रों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

पुलिस अधिकारियों ने गश्त के दौरान बाजारों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में मौजूद लोगों से संवाद कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच भी की गई। अभियान के दौरान कई स्थानों पर वाहन चेकिंग चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वाराणसी में बाउंसरों का बढ़ता दबदबा अब आम लोगों के लिए डर और दहशत का कारण बनता जा रहा है


वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में बाउंसरों का बढ़ता दबदबा अब आम लोगों के लिए डर और दहशत का कारण बनता जा रहा है। ताज़ा मामला शिवपुर थाना क्षेत्र के शुद्धिपूर इलाके से सामने आया है, जहाँ एक प्रॉपर्टी विवाद में कथित तौर पर एक पक्ष दर्जनों बाउंसरों को लेकर मौके पर पहुंच गया। इलाके में अचानक भारी संख्या में पहुंचे बाउंसरों को देखकर स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई सूचना मिलते ही शिवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। वहीं अपुष्ट जानकारी के अनुसार विवाद और धक्का-मुक्की के दौरान एक महिला के घायल होने की भी खबर सामने आ रही है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में बाउंसरों का इस्तेमाल अब सुरक्षा से ज्यादा दबंगई और कब्जेदारी के लिए किया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में ये तथाकथित बाउंसर खुलेआम कानून हाथ में लेने का दुस्साहस कर रहे हैं?

बीते दिनों नमो घाट पर एक बच्चे की पीट-पीटकर हत्या के मामले में भी बाउंसरों की भूमिका सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश है। इसके बावजूद शहर में बिना सत्यापन और बिना जवाबदेही के बाउंसरों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

*अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि:*

• क्या वाराणसी में बाउंसरों का कोई पुलिस सत्यापन होता है?

• क्या इनके चरित्र और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जाती है?

• आखिर कितनी और जान जाने के बाद 
प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा?

जनता की मांग है कि कमिश्नरेट पुलिस तत्काल शहर में सक्रिय सभी बाउंसर एजेंसियों और निजी बाउंसरों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाए। बिना पुलिस वेरिफिकेशन और चरित्र प्रमाणन के किसी को भी बाउंसर के रूप में काम करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो “सुरक्षा” के नाम पर खड़े ये बाउंसर आने वाले समय में कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

एलएनटी की लापरवाही से हुकुलगंज प्यासा!जनता पूछ रही सवाल — आखिर कब तक लापरवाही की कीमत चुकाएंगे लोग?


वाराणसी के हुकुलगंज क्षेत्र में बिजली की भूमिगत केबिल डालने का कार्य स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। कार्यदायी संस्था एलएंडटी कम्पनी की ठेकेदार की लापरवाही के चलते मकबूल आलम रोड समेत हुकुलगंज की कई गलियों में पेयजल पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे पूरे इलाके में पानी का गम्भीर संकट खड़ा हो गया है।
आरोप है कि जेसीबी मशीन से खुदाई के दौरान कई जगहों पर पानी की मुख्य पाइप लाइन फोड़ दी गई, वहीं दर्जनों घरेलू कनेक्शन भी उखाड़ दिए गए। भीषण गर्मी में पिछले कई दिनों से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। वही क्षेत्रीय पार्षद बृजेश चन्द्र श्रीवास्तव का कहना यह था बीते लगभग 15 दिनों से कम्पनी की लापरवाही लगातार सामने आ रही है। प्रतिदिन किसी न किसी गली में पाइप लाइन फट रही है, लेकिन कम्पनी के ठेकेदार मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। कई स्थानों पर बिना सही मरम्मत किए ही गड्ढों को आनन-फानन में पाट दिया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी नन्हकू प्रजापति, राजन सिंह, सत्यनारायण यादव, निधि तिवारी और विजय यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कम्पनी के ठेकेदार मनीष सिंह शिकायत सुनने के बजाय बद्तमीजी पर उतर आते हैं। क्षेत्रीय लोगों में कम्पनी के खिलाफ भारी आक्रोश है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है।

काशी की बदलेगी तस्वीर करसड़ा में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगीमुक्ति,बायोमाइनिंग से बदलेगी तस्वीर



वाराणसी।काशी के लिए राहत भरी खबर है। करसड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में पिछले एक दशक से जमा कूड़े के पहाड़ से शहर को जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी। नगर निगम ने इसके निस्तारण की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत 28 अप्रैल को इस परियोजना का सूत्रपात किया गया था, जिसे आज धरातल पर उतारा जा रहा है। अगले डेढ़ वर्ष में यह स्थान कूड़े के ढेर के बजाय एक सघन वन के रूप में नजर आएगा ।
कहा कि करसड़ा डंपिंग ग्राउंड में पिछले दस वर्षों से करीब 12.64 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा है, जो आसपास के पर्यावरण और निवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ था। नगर निगम ने इस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से खत्म करने का जिम्मा उठाया है। इसके लिए 53.15 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे 'बायोमाइनिंग' प्रक्रिया के माध्यम से कूड़े को छांटकर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा। कूड़े के पहाड़ के पूरी तरह साफ होने के बाद, खाली होने वाली 25 एकड़ भूमि को बेकार नहीं छोड़ा जाएगा। निगम ने यहां जापान की प्रसिद्ध 'मियावाकी' तकनीक का उपयोग करके सघन जंगल विकसित करने की योजना बनाई है। इससे न केवल शहर का 'कार्बन फुटप्रिंट' कम होगा, बल्कि यह क्षेत्र एक पर्यावरण-अनुकूल हरित पट्टी के रूप में उभरेगा, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा। 

*आज नफरत, कल महसूस होगा सुकून : दयालु*

आयुष राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु'।ने कहा कि जो लोग आज इस कूड़े के पहाड़ से नफरत करते हैं, वही डेढ़ साल बाद यहां बने बगीचे में सुकून महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि आज बनारस में कूड़े से चारकोल और बिजली बनाने का कार्य भी सफलतापूर्वक हो रहा है। 

*एक सुरक्षित और स्वच्छ बनेगा धरोहर : पूनम मौर्या*

जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि फिलहाल यहां की हवा में दुर्गंध है, लेकिन इस परियोजना से आने वाली पीढ़ियों के लिए यह स्थान एक सुरक्षित और स्वच्छ धरोहर बनेगा।

*निगरानी ड्रोन के माध्यम से होगी निगरानी : हिमांशु नागपाल*

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर में प्रतिदिन औसतन 1200 से 1300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका वर्तमान में शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है। करसड़ा का यह प्रयास शहर को 'स्वच्छ काशी-सुंदर काशी' बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इको स्टैन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी द्वारा 'बायोमाइनिंग' तकनीक के जरिए कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए विशेष 'क्लीमैन मशीन' का उपयोग किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। कहा कि करसड़ा की यह हरित पट्टी न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय आबोहवा को भी शुद्ध करेगी। इसके अतिरिक्त इस प्रक्रिया सेनिगम को कार्बन क्रेडिट के माध्यम से लगभग 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की भी संभावना है। 
संचालन अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने किया। इस अवसर पर उपसभापति नरसिंह दास, सुरेश चौरसिया, प्रवीन राय, अमरदेव यादव, प्रमोद राय, कुसुम पटेल, सीमा वर्मा, मंजू कन्नौजिया, बेबी कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, अशोक कुमार मोर्या, रविंद्र क्रुमार सिंह, अजय बिंद, विवेक जायसवाल, हनुमान प्रसाद,  प्रमोद राय, मदन मोहन दुबे, शुभा वर्मा, मदन मोहन तिवारी, बलराम कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में पार्षद उपस्थित रहे।

ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर अब 28 मई (दिन-गुरुवार) को होगी सार्वजनिक अवकाश

  वाराणसी। सामान्य प्रशासन अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन की घोषित अवकाश की सूची में 27 मई, 2026 (दिन बुधवार) को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जिसकी तिथि चन्द्र दर्शन के आधार पर परिवर्तनीय थी। चूंकि उत्तर प्रदेश में 28 मई, 2026 को ईद-उल- अजहा (बकरीद) मनाई जाएगी, अतएव 27 मई, 2026 (दिन बुधवार) को घोषित ईद-उल- अजहा (बकरीद) के सार्वजनिक अवकाश को परिवर्तित करते हुए 28 मई, 2026 (दिन गुरुवार) को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का सार्वजनिक अवकाश घोषित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
उक्त लिये गये निर्णय के आलोक में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर 28 मई (दिन-गुरुवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।