6/09/2026

मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा बाजारों के प्रस्तावित स्थानांतरण पर जमीयतुल कुरैश ने किया गुस्से का इजहार


 वाराणसी में मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा बाजारों के प्रस्तावित स्थानांतरण पर ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश ने गुस्से का इजहार किया है। (यूथ विंग) के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद तौफीक कुरैशी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि वाराणसी नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा व्यापार से जुड़ी दुकानों और बाजारों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव अफसोसजनक है। किसी भी विकास योजना को लागू करने से पहले उससे प्रभावित व्यापारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और उनके परिवारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यकारिणी द्वारा मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा बाजारों को रामनगर, सुजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर जैसे बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। यदि यह निर्णय बिना व्यापक विचार-विमर्श, पर्याप्त तैयारी और व्यापारियों के पुनर्वास की ठोस व्यवस्था के लागू किया जाता है तो इससे हजारों लोगों के रोजगार और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
हाजी तौफीक कुरैशी ने कहा कि नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में लगभग 350 से 400 मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा विक्रेताओं की दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों से केवल दुकानदार ही नहीं बल्कि कसाई, सफाई कर्मचारी, परिवहन कर्मी, लोडिंग-अनलोडिंग श्रमिक, फ्रीजर एवं कोल्ड स्टोरेज से जुड़े कर्मचारी, थोक व्यापारी तथा अन्य सहायक व्यवसायों से जुड़े हजारों परिवार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। इसलिए यह विषय केवल दुकानों के स्थानांतरण का नहीं बल्कि हजारों परिवारों के आर्थिक भविष्य का प्रश्न है।
उन्होंने कहा कि मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा व्यापार वर्षों से शहर की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस व्यापार से जुड़े लोगों ने नियमों का पालन करते हुए अपने व्यवसाय को स्थापित किया है और नगर निगम को नियमित शुल्क एवं करों का भुगतान भी किया है। ऐसे में व्यापारियों को बिना विश्वास में लिए और उनकी सहमति के बिना किसी भी प्रकार का एकतरफा निर्णय न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
हाजी तौफीक कुरैशी ने मांग की कि यदि नगर निगम बाजारों को स्थानांतरित करना चाहती है तो सबसे पहले प्रस्तावित स्थलों पर आधुनिक और पूर्ण विकसित बाजार तैयार किए जाएं। वहां पक्की दुकानें, स्वच्छ पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था, सीवर एवं जल निकासी, कचरा निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था, शौचालय, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन सुविधाएं, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जांच केंद्र तथा ग्राहकों के लिए सुगम पहुंच सुनिश्चित की जाए। केवल भूमि चिन्हित कर देना या अस्थायी व्यवस्था कर देना व्यापारियों के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नई मंडियों का निर्माण कब तक पूरा होगा, दुकानों का आवंटन किन मानकों के आधार पर किया जाएगा, वर्तमान दुकानदारों को क्या प्राथमिकता दी जाएगी और स्थानांतरण की अवधि में व्यापारियों को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी। जब तक इन सभी प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जाता, तब तक किसी भी प्रकार की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि बाजारों को शहर से बहुत दूर स्थापित किया जाता है तो आम नागरिकों के लिए वहां पहुंचना कठिन होगा। इससे ग्राहकों की संख्या में कमी आएगी और व्यापारियों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसी स्थिति में अनेक छोटे दुकानदार आर्थिक रूप से टूट सकते हैं और उनके सामने बेरोजगारी का संकट उत्पन्न हो सकता है। इसलिए स्थानांतरण से पहले व्यापारिक व्यवहार्यता, ग्राहक पहुंच और सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता का विस्तृत अध्ययन कराया जाना चाहिए।
हाजी तौफीक कुरैशी ने नगर निगम की बैठक में पार्षद गुलशन अली द्वारा उठाए गए उस महत्वपूर्ण मुद्दे का भी समर्थन किया जिसमें श्रावण मास सहित विभिन्न अवसरों पर व्यापारियों को होने वाले आर्थिक नुकसान की चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि पहले से ही व्यापारिक चुनौतियों, बढ़ती महंगाई, लाइसेंस संबंधी जटिलताओं और घटती क्रय शक्ति के कारण व्यापारी वर्ग दबाव में है। ऐसे समय में बिना उचित पुनर्वास योजना के स्थानांतरण का निर्णय उनकी कठिनाइयों को और बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को वैध व्यवसाय करने तथा सम्मानपूर्वक जीवनयापन करने का अधिकार प्रदान करता है। इसलिए प्रशासन का दायित्व है कि स्वच्छता, नगर विकास और सौंदर्यीकरण की योजनाओं के साथ-साथ नागरिकों के रोजगार और आजीविका के अधिकार का भी सम्मान करे। विकास का अर्थ किसी वर्ग के रोजगार को संकट में डालना नहीं बल्कि सभी हितधारकों को साथ लेकर आगे बढ़ना है।
ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश मांग करती है कि प्रस्ताव को लागू करने से पूर्व मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा व्यापारियों, कुरैशी समाज के प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडलों तथा संबंधित अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए। सभी पक्षों के सुझावों और सहमति के आधार पर ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए।
संगठन यह भी मांग करता है कि जब तक नई जगहों पर सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित होकर बाजार पूरी तरह संचालित करने योग्य न हो जाएं, तब तक किसी भी दुकानदार को हटाने, दुकान सील करने या व्यापार बंद कराने जैसी कोई कार्रवाई न की जाए। व्यापारियों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना किसी प्रकार का दबाव बनाना न केवल अनुचित होगा बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका पर सीधा आघात होगा।
अंत में हाजी मोहम्मद तौफीक कुरैशी ने कहा कि कुरैशी समाज कानून, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखता है। समाज स्वच्छता, विकास और बेहतर नगर व्यवस्था का समर्थन करता है, लेकिन विकास के नाम पर मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा व्यापार से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रशासन को ऐसा संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान निकालना चाहिए जिससे शहर का विकास भी हो और व्यापारियों तथा श्रमिकों के अधिकार एवं रोजगार भी सुरक्षित रहें।

UP Board 10th-12th रिजल्ट: अभी तक क्यों नहीं आई मार्कशीट, नाम में सुधार कैसे कराएं; जानिए


वाराणसी: यूपी बोर्ड के नतीजे भले ही समय से आ गए हों लेकिन स्टूडेंट को नतीजे के बाद अपने रिजल्ट का इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि संशोधन की प्रक्रिया जारी है जिसमें वक्त लगेगा. माना जा रहा है कि जून के अंत तक मार्कशीट जारी हो सकेगी. वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध करीब 10 जिलों से 4697 आवेदन आए हैं. किसी में छात्र के नाम में मिस्टेक है, तो किसी में माता-पिता के नाम में गलती हुई. कुछ ऐसे छात्र भी हैं जिनके रिजल्ट में जेंडर चेंज हो गए हैं. अब इसमें सुधार के लिए आवेदन आए हैं.

बता दें, सबसे अधिक संशोधन (STUDENT NAME) के 1275 आवेदन आए हैं. इसके अलावा पिता का नाम बदलवाने के लिए 1139, माता का नाम बदलवाने के लिए 974, जन्मतिथि बदलवाने के लिए 786 आवेदन आए हैं. इसी तरह 92 ऐसे छात्र और छात्राएं हैं जिनके जेंडर ही गलत चढ़ गए हैं. 431 लोगों के फोटों में बदलाव हुए हैं.

यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के छात्रों का परीक्षा परिणाम 23 अप्रैल को जारी कर दिया था. इनमें कई छात्रों की आनलाइन मार्कशीट में गलतियां पाई गई थीं. इन्हें संशोधित कराने के लिए बोर्ड ने छात्रों से आवेदन मांगे थे. सभी जिलों के DIOS की तरफ से तय समय सीमा में आवेदन भरवाए गए. बीते 12 मई को अंतिम आवेदन जमा किए गए थे. यही कारण है कि जून के अंत तक मार्कशीट आने की संभावना है.

संशोधन के लिए सबसे ज्यादा आवेदन आजमगढ़ जिले से आए हैं. यहां से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 905 आवेदन हैं. इनमें हाईस्कूल के 696 और इंटरमीडिएट के 209 आवेदन हैं. ऐसे ही बलिया से दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 766 और गाजीपुर से 702 आवेदन हैं. सबसे कम वाराणसी से 237 और सोनभद्र से 207 आवेदन हैं.

माध्यमिक शिक्षा परिषद, वाराणसी के क्षेत्रीय अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि जिलों के DIOS से संशोधन के लिए आवेदन मंगाके बोर्ड की साइट पर अपलोड कर दिए गए हैं. संशोधन के बाद मार्कशीट जारी की जाएगी. इस महीने के अंत तक मार्कशीट जारी होने की संभावना है. किसी भी मार्कशीट में कोई गलती न हो इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है.

वाराणसी सह‍ित सह‍ित पूर्वांचल में बादलों ने डाला डेरा, मौसम व‍िभाग ने भी र‍िवाइज किया अलर्ट


वाराणसी। पूर्वांचल सह‍ित वाराणसी में मौसम का रुख लगातार बादलों की ओर हो चला है। माना जा रहा है कि अब पूरी तरह से प्री मानसूनी सक्र‍ियता का रुख हो सकता है। जबक‍ि आर्द्रता में इजाफा और लोकल हीट‍िंंग बादलों की सक्र‍ियता कराएगा ज‍िसकी वजह से बादलों की आवाजाही होगी और बूंदाबांदी का रुख भी रह सकता है। मौसम व‍िभाग ने बादलों की आवाजाही इस पूरे सप्‍ताह तक बने रहने का अनुमान जताया है। इसके साथ ही प्री मानसूनी सक्र‍ियता का दौर लोगों को राहत देगा। 

मानसूर दक्ष‍िण पश्‍च‍िम और पूर्वोत्‍तर की ओर से उत्‍तर प्रदेश की ओर धीरे धीरे बढ़ रहा है। माना जा रहा है क‍ि आने वाले दस द‍िनों में मानसून उत्‍तर प्रदेश की दहलीज पर सोनभद्र के रास्‍ते दस्‍तक देने लगेगा। सोनभद्र में भी स्‍थानीय लोग खोड़वा पहाड़ की ओर टकटकी लगाकर बादलों की आमद की राह देखकर मानसून की आहट ले रहे हैं। हालांक‍ि इस माह दो द‍िन बूंदाबांदी के बाद अब लोकल हीट‍िंग के साथ बादलों की आवाजाही का दौर भी हो रहा है।  

मंगलवार की सुबह वातावरण का रुख बादलों की ओर बना रहा, द‍िन चढ़ने के बाद भी वातावरण में बादलों की सक्र‍ियता का असर बना रहा। हालांक‍ि दोपहर में धूप ख‍िलने पर गर्म हवाएं चलने का अनुमान है। ल‍िहाजा द‍िन में मौसम का रुख म‍िला जुला रह सकता है। मौसम व‍िभाग की ओर से आने वाले दि‍नों में बादलों की आवाजाही का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही रात का तापमान भी बढ़ सकता है। इसके साथ ही वातावरण का रुख बदलों की ओर रहने के साथ ही उमस का दौर लोगों को पसीना- पसीना कर सकता है।  

बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 43.3°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 2.9 ड‍िग्री अध‍िक रहा। न्‍यूनतम तापमान 26.4°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 1.0 ड‍िग्री कम रहा। वहीं आर्द्रता न्‍यूनतम 34% और अध‍िकतम 46% दर्ज की गई। मौसम व‍िभाग की ओर से जारी र‍िपोर्ट के अनुसार आने वाले द‍िनों में मौसम का रुख बादलों की ओर ही रहने का अनुमान जाह‍िर किया गया है। वातावरण में ठंडी पुरवा हवाओं का भी रुख रहेगा और उमस का दौर भी बार‍िश के बाद हो सकता है।

काशी में एयर शो: अक्तूबर में नमो घाट पर गूंजेगी जेट विमानों की गर्जना, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज होंगे दर्शक

प्रयागराज के बाद काशी में अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में एयर शो नमो घाट पर होगा। एयरफोर्स के अधिकारी लगातार बाबतपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अधिकारियों से संपर्क में हैं। योजनाएं तैयार हैं। एयर शो में सूर्यकिरण जेट वाराणसी एयरपोर्ट से ही उड़ान भरेंगे। इनके अलावा अन्य जेट वाराणसी से सटे अलग-अलग जिलों के एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। वाराणसी एयरपोर्ट पर अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं।

वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का विस्तार किया जा रहा है। विस्तार के बाद यह एयरपोर्ट पूरे पूर्वांचल का सबसे बड़ा, सबसे आधुनिक, सबसे अलौकिक और सबसे अद्भुत रूप के लिए जाना जाएगा। इस बार अक्तूबर में वायु सेना एयर शो कराएगी। नमो घाट पर इस शो को कराने की योजना है। घाट और एयरपोर्ट पर तैयारियां चल रही हैं। 

20 अक्तूबर से सूर्यकिरण जेट के 9 एयरक्राफ्ट वाराणसी आ जाएंगे। पांच दिन अभ्यास होगा। पांचों दिन इन एयरक्राफ्ट को वाराणसी एयरपोर्ट पर हैंगर में ही खड़ा किया जाएगा। पार्किंग एरिया को अक्तूबर के पहले तैयार कर दिया जाएगा। निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि इस शो में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र समेत देश के कई दिग्गज हो सकते हैं।

*एयर शो की यह होगी खासियत*

एयर शो में भारतीय वायुसेना के जांबाज साहस-शौर्य और पराक्रम का परिचय देंगे। इसमें सेना के घातक लड़ाकू विमानों की गर्जन लोगों को सुनाई देगी। शो करीब ढाई घंटे का हो सकता है। इसमें एक साथ वायु सेना के कई जेट एक साथ हवा में करतब करते देखे जाएंगे। अलग-अलग एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बावजूद इनकी टाइमिंग में कोई फर्क नहीं होगा। टाइम मैनेजमेंट ही इस शो को खास बनाएगा।

*राफेल समेत 50 से अधिक विमान दिखाएंगे अपनी ताकत*

वाराणसी में होने वाले एयर शो में राफेल समेत 50 से अधिक विमान ताकत दिखाएंगे। इनमें ट्विन सीटर तेजस, सी-295, रुद्रा हेलीकॉप्टर, डकोटा आदि जैसे विमानों के भी शामिल होने की उम्मीद है। इन्हीं में से सूर्य किरण के 9 एयरक्राफ्ट भी होंगे जो शो के 5 दिन पहले वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और अभ्यास करेंगे।

वाराणसी में घर जा रहे दुकानदार को अज्ञात बदमाशों ने मारी गोली, इलाज के दौरान तोड़ द‍िया दम

(रोहनिया) वाराणसी :- थाना क्षेत्र के सौरभ विहार कालोनी अवलेशपुर में बाइक से घर जा रहे दुकानदार जितेंद्र पटेल, निवासी अवलेशपुर, को अज्ञात बाइक सवारों ने पीछे से कमर के पास गोली मार दी। गोली लगने के बाद घायल जितेंद्र पटेल बाइक चलाकर अपने घर पहुंचे, जहां उन्होंने स्वजनों को जानकारी दी।

घायल जितेंद्र को लेकर स्वजन अवलेशपुर स्थित सनराइज अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डाक्टर ने उन्हें भर्ती नहीं लिया। इसके बाद उन्हें चितईपुर स्थित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गोली लगने के कारण वहां भी भर्ती नहीं किया गया।

इसके बाद घायल के स्वजन मनोनीत पार्षद कमलेश पाल को सूचना दी। कमलेश पाल ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही घायल को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान सुबह चार बजे उनकी मौत हो गई। कमलेश पाल और पुलिस ने बताया कि रात में घायल की हालत ठीक थी। सीटी स्कैन के बाद डाक्टर ने उन्हें खतरे से बाहर बताया था। अचानक हुई मौत से स्वजनों में कोहराम मच गया।

मृतक जितेंद्र पटेल तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और वे काफी मिलनसार व्यक्ति रहे। जितेंद्र और उनकी पत्नी अवलेशपुर में वर्सोवा अस्पताल के सामने लकी जनरल स्टोर चलाते थे। घटना उस समय हुई जब वे रात साढ़े 10 बजे दुकान बंद करके घर जा रहे थे। मृतक की पत्नी दो दिन पहले मायके गई थीं और उनके दो बच्चे भी हैं।

चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राजपूत ने बताया कि दुकानदार से काफी देर तक बात भी हुई थी और किसी तरह की कोई रंजिश नहीं है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से पुलिस जांच में जुटी है। गोली लगने की सूचना पर देर रात डीसीपी प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक रोहनिया राजू सिंह और पुलिस टीम ने पास में लगे सीसीटीवी कैमरे से जांच की और स्वजनों से पूछताछ भी की।

इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि वे जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करें और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें। जितेंद्र पटेल की हत्या ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।