5/17/2026

Varanasi Lanka थाना क्षेत्र के नुवांव सब्जी मंडी के पास ओवरटेक और पास देने को लेकर हुए विवाद में कार सवार युवकों ने बाइक सवार युवक पर फायरिंग कर दी. गोली युवक के हाथ को छूते हुए निकल गई


वाराणसी: लंका थाना क्षेत्र के नुवांव सब्जी मंडी के समीप शनिवार देर रात ओवरटेक और पास देने को लेकर हुए विवाद में कार सवार युवकों ने बाइक सवार युवक पर फायरिंग कर दी. गोली युवक के हाथ को छूते हुए निकल गई, जिससे वह मामूली रूप से घायल हो गया, घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के अनुसार नुवांव निवासी अरुण कुमार सिंह अपने भतीजे पवन कुमार सिंह के साथ रात करीब 10 बजे कर्मनवीरपुर-सुसुवाही गए थे.

वहां से लौटते समय नुवांव सब्जी मंडी के पास पीछे से आ रही प्रयागराज नंबर की क्रेटा कार ने पास मांगते हुए ओवरटेक करने की कोशिश की, इसी बात को लेकर बाइक सवार और कार सवारों के बीच कहासुनी हो गई. आरोप है कि कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद कार सवारों ने बाइक रुकवाई, इसके बाद कार चला रहा युवक नीचे उतरा और पवन कुमार सिंह पर दो राउंड फायरिंग कर दी. गोली पवन के बाएं हाथ की कोहनी के पास छूते हुए निकल गई.

*फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस*

घटना के बाद हमलावर कार लेकर प्रयागराज की ओर फरार हो गए, बताया जा रहा है कि कार में चार युवक सवार थे, घायल पवन कुमार सिंह को तत्काल इलाज के लिए ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई. पवन के चाचा अरुण कुमार सिंह की तहरीर पर लंका पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, मौके से पुलिस को एक खोखा भी बरामद हुआ है.

*प्रभारी निरीक्षक लंका*

 राजकुमार शर्मा ने बताया कि घटना स्थल और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। कार की पहचान और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा.

गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन ने स्टॉल लगाकर किया आम नागरिकों की खिदमत


भीषण गर्मी में शीतल जल और शर्बत पिलाकर दिया राहत

 वाराणसी बढ़ती गर्मी और भारी तपिश को देखते हुए, दावत-ए-इस्लामी हिंद के वेलफेयर विभाग 'ग़रीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन' (GNRF) ने जनता की सेवा के लिए अलग-अलग जगहों पर पीने के साफ और ठंडे पानी के स्टॉल (सबील) लगाई है।

इस मुहिम का मकसद मुसाफिरों, मजदूरों और राहगीरों को कड़ी धूप में राह़त देना और उन्हें पानी की कमी से बचाना है। ये स्टॉल शहर और आसपास के जिलों के मुख्य इलाकों में लगाए गए हैं, जहां हर किसी के लिए ठंडे पानी की सुविधा बिल्कुल मुफ्त है।

इस मुहिम की खास बातें
सही जगह का चुनाव: ये स्टॉल बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजा़रों के पास लगाए गए हैं ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।

 *साफ-सफाई का ख्याल:*

 GNRF के सेवादार (वॉलंटियर्स) यह ध्यान रखते हैं कि पानी साफ और फिल्टर्ड हो ताकि लोगों की सेहत बनी रहे।

 *सेवा के लिए मौजूद: हर स्टॉल पर GNRF की टीम सुबह से शाम तक लोगों को पानी पिलाने के लिए मौजूद रहती है।*

दावतें इस्लामी इंडिया के डा. साजिद अत्तारी ने बताया कि "इस चिलचिलाती गर्मी में बाहर निकलने वाले लोगों के लिए पानी सबसे बड़ी ज़रूरत है। हमारा मक़सद इंसानियत की सेवा करना है ताकि कोई भी शख़्स प्यासा न रहे और पानी की कमी से वो बीमार न हो।"

आपको बता दें कि ग़रीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन (GNRF) पूरे देश में भलाई के कामों, मुसीबत में लोगों की मदद करने, मुफ्त इलाज और पेड़ लगाने जैसे कामों में हमेशा आगे रहता है। 

पडाव चौराहा पर हुए इस कैंप में डॉ मुफीद और शोएब और सलाहुद्दीन, मौलाना रेहान अशरफ, मौलाना हसनैन, मौलाना हुसैन, इरशाद, कारी बेलाल, शाहरुख, शाकिर आदि मौजूद थे।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने सत्र 2025-26 का परीक्षा शुल्क बकाया रखने वाले संबद्ध 33 महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।


वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने सत्र 2025-26 का परीक्षा शुल्क बकाया रखने वाले संबद्ध 33 महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वाराणसी और चंदौली के ऐसे 33 महाविद्यालयों को पत्र जारी करते हुए तीन कार्यदिवस के भीतर बकाया राशि जमा करने की चेतावनी दी है।

यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ, तो मई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं में इन कालेजों के 3,419 छात्र परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं। मामले की जड़ में पिछले सेमेस्टर की फीस का न जमा होना है। दरअसल, यूजी, पीजी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के इन छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर की फीस जमा नहीं की थी। चूंकि यह प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूरी होनी थी। पोर्टल पर उस समय शुल्क जमा करने की उचित सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

इस तकनीकी गड़बड़ी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मानवीय आधार पर छात्रों का साल खराब नहीं होने देने के लिए उन्हें प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी थी।

एडमिट कार्ड जारी हुए और बच्चों ने पेपर भी दे दिया, लेकिन कालेजों की तरफ से आरटीजीएस के जरिए इस परीक्षा शुल्क का भुगतान विश्वविद्यालय के खाते में अब तक नहीं किया गया। विवि प्रशासन के अनुसार, इन 33 कालेजों पर कुल 33.64 लाख रुपये की शुल्क राशि बकाया है। वर्तमान में दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरे जा रहे हैं और बीएड व एमपीएड जैसे कई पाठ्यक्रमों के फार्म भरे भी जा चुके हैं, जबकि कुछ पाठ्यक्रमों की पेडशीट अभी जारी नहीं की गई है।

इसी बीच, मई के अंतिम सप्ताह से दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर एक साल का यह बकाया सेमेस्टर शुल्क जमा नहीं किया गया, तो आगामी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) कतई निर्गत नहीं किए जाएंगे। यदि छात्र परीक्षा से वंचित होते हैं, तो इसकी पूर्ण और स्पष्ट जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन की होगी। विवि प्रशासन इसमें कोई ढील नहीं देगा।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने सत्र 2025-26 का परीक्षा शुल्क बकाया रखने वाले संबद्ध 33 महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।



वाराणसी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने सत्र 2025-26 का परीक्षा शुल्क बकाया रखने वाले संबद्ध 33 महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वाराणसी और चंदौली के ऐसे 33 महाविद्यालयों को पत्र जारी करते हुए तीन कार्यदिवस के भीतर बकाया राशि जमा करने की चेतावनी दी है।

यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ, तो मई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं में इन कालेजों के 3,419 छात्र परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं। मामले की जड़ में पिछले सेमेस्टर की फीस का न जमा होना है। दरअसल, यूजी, पीजी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के इन छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर की फीस जमा नहीं की थी। चूंकि यह प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूरी होनी थी। पोर्टल पर उस समय शुल्क जमा करने की उचित सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

इस तकनीकी गड़बड़ी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मानवीय आधार पर छात्रों का साल खराब नहीं होने देने के लिए उन्हें प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी थी।

एडमिट कार्ड जारी हुए और बच्चों ने पेपर भी दे दिया, लेकिन कालेजों की तरफ से आरटीजीएस के जरिए इस परीक्षा शुल्क का भुगतान विश्वविद्यालय के खाते में अब तक नहीं किया गया। विवि प्रशासन के अनुसार, इन 33 कालेजों पर कुल 33.64 लाख रुपये की शुल्क राशि बकाया है। वर्तमान में दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरे जा रहे हैं और बीएड व एमपीएड जैसे कई पाठ्यक्रमों के फार्म भरे भी जा चुके हैं, जबकि कुछ पाठ्यक्रमों की पेडशीट अभी जारी नहीं की गई है।

इसी बीच, मई के अंतिम सप्ताह से दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर एक साल का यह बकाया सेमेस्टर शुल्क जमा नहीं किया गया, तो आगामी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) कतई निर्गत नहीं किए जाएंगे। यदि छात्र परीक्षा से वंचित होते हैं, तो इसकी पूर्ण और स्पष्ट जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन की होगी। विवि प्रशासन इसमें कोई ढील नहीं देगा।

5/16/2026

DM ki अध्यक्षता में सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान सुनी गई फरियादियों की शिकायतें।

वाराणसी। आज जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार के अध्यक्षता में आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए शनिवार को तहसील सदर सभागार में "संपूर्ण समाधान दिवस" आयोजित हुआ।
 इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आये हुए फरियादियों के समस्याओं की गम्भीरतापूर्वक सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी संवेदनशीलता के साथ जनसमस्याओं का निस्तारण करते हुए गरीब व पीड़ित व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर न्याय दिलाया जाए।
 जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में है, इसलिए सभी अधिकारी रूचि लेकर गुणवत्तायुक्त ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
भूमि संबंधी मामलों में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर गुणवत्तापरक निस्तारण करें। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 185 शिकायती प्रार्थना पत्र पंजीकृत किये, जिसमें 13 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी, पुलिस विभाग एवं समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।