6/13/2026

प्रदेश के वित्तमंत्री और जिले के प्रभारीमंत्री सुरेश खन्ना काशी की जनता से रूबरू हुए अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश*

*

वाराणसी :- प्रदेश के वित्तमंत्री और जिले के प्रभारीमंत्री सुरेश खन्ना शनिवार को जवाहर नगर स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पहुंचे। प्रभारी मंत्री के आने की सूचना पर फरियादी अपनी शिकायतों को लेकर पहुंचे थे।

मंत्री सुरेश खन्ना से करीब आधा दर्जन फरियादियों ने अपनी समस्याएं लिखित रूप से दी। जिस पर मंत्री ने संबधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शिवपुर के रहने वाले विनय दुबे ने शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया कि उनका चयन एडेड विद्यालय प्रतापगढ़ में हुआ।

बताया क‍ि विद्यालय द्वारा उनको ज्वाइन नहीं करवाया जा रहा है। सामनेघाट के रहने वाले शिवकुमार ने इजरायल जाने के लिए अपना पासपोर्ट रिन्यूवल करवाने के लिए पत्र दिया। बजरडीहा तेलियाना के हाफिज ने बारिश के पहले पूरे क्षेत्र की सीवर सफाई करवाने की मांग की।

प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में विकास कार्यों तथा प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य की समीक्षा बैठक आहूत*

  वाराणसी। प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जनपद वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में जनपद में गतिमान विभिन्न परियोजनाओं तथा प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में जिले के योगदान को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार द्वारा विभिन्न योजनाएं तथा वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में जिले के योगदान की जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से रखी गयी। 
     मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार ने 2024-25 के आंकडों के आधार पर जनपद वाराणसी के आंकडों को प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में जिले की जनसंख्या 44.10 लाख (2026 अनुमानित) है। जिले की वर्तमान जीडीपी 56,900 करोड़ (प्रचलित भावों पर) तथा 31,961 करोड़ (स्थायी भावों पर) है तथा वार्षिक विकास दर 10.4% है, जनपद का राज्य जीडीपी में योगदान 1.88% है तथा प्रति व्यक्ति आय 114685 रुपये तथा सीडी रेशियो 58.53% है। प्राथमिक सेक्टर का जनपद जीडीपी में योगदान 9.17%, द्वितीयक सेक्टर का 23.92% तथा तृतीयक सेक्टर का 66.90% योगदान है। सीडीओ द्वारा बताया गया कि जिले का तृतीयक सेक्टर का वर्तमान आंकड़ा पैंतीस हजार करोड़ का है जिसको बढ़ाकर एक लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है। पर्यटकों की संख्या में 42 प्रतिशत तथा होटल उद्योग में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 1411 होटल वर्तमान में हैं वाराणसी में। पर्यटन नीति के तहत 4017 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। 2024-2025 में 8 करोड़ जो बढ़कर 2025-26 में 17 करोड़ पर्यटकों का काशी आगमन हुआ है उसी के दृष्टिगत लगातार होटलों के बड़े निवेशक यहां निवेश कर रहे जिसमें 60 से 200 कमरों का उनका इंफ्रास्ट्रक्चर आकार होगा।
          प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्राथमिक सेक्टर में अभी और कार्य करने की जरूरत है। फसल से पहले लक्ष्य तथा फसल के बाद उनका मूल्यांकन अवश्य करें। ब्लॉक से जिले स्तर पर सभी को इसपर कार्य करने की जरूरत है। वाराणसी को रोल मॉडल के रूप में देखते हैं इसलिए हमें और कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने उपनिदेशक कृषि को सबसे ज्यादे कार्य करने को निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि 63 टेलों तक लगातार पानी पहुंचाने का कार्य हो रहा। उन्होंने एक करोड़ लोगों को जैविक खेती के तरफ ले जाने हेतु प्रयासित करने को कहा। किसानों की जैविक उत्पादों को बेचने हेतु भी लगातार बैठकें तथा प्रयास हो रहीं हैं। सिंचाई की व्यवस्था लगातार दुरुस्त की जाए। उर्वरक की उपलब्धता पर कृषि विभाग द्वारा पर्याप्त उपलब्धता की बात कही गई। प्रभारी मंत्री ने पशुधन विभाग को पॉल्ट्री फॉर्म की संख्या बढ़ाने, हरा चारा का क्षेत्र बढ़ाने, भेड़, बकरी पालन में वृधि करने को निर्देशित किया। उन्होंने कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य करने तथा विशेष रुचि लेकर कार्य करने को कहा। मत्स्य विभाग द्वारा बताया गया कि मछलियों के आयात पर जिले में काफी रोक लगा है, पिंडरा तहसील में पांगेसियस का उत्पादन बड़े स्तर पर हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी को मत्स्य विभाग की लगातार मॉनिटरिंग करने को निर्देशित किया। अवैध मिट्टी खनन हेतु लगातार कार्रवाई की जानी चाहिए। 
      प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में जनपद के निर्धारित लक्ष्य 159200 करोड़ के सापेक्ष वर्तमान में जीडीपी 56900 करोड़ को लगभग तीन गुना तक आगे ले जाना होगा जिसके लिये लक्ष्य को टाइम फ्रेम में बिन्दुवार ठोस योजना बनाकर प्राप्त करना होगा। कृषि के बीजों तथा सिंचाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि कृषि उपज को उच्चस्तर पर ले जाया जा सके। प्रभारी मंत्री ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की जीडीपी में योगदान को गुणात्मक रूप से बढ़ाने हेतु जोर दिया। प्रभारी मंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी को कृषि तथा अन्य सम्बन्धित प्राइमरी क्षेत्रों को बढ़ावा देने हेतु लगातार प्रति महीने विभागवार बैठक करने हेतु निर्देशित किया ताकि 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिले। उन्होंने सामयिक लक्ष्य देते हुए ब्लॉक स्तर पर बीडीओ की बैठक लगातार करने को कहा। मत्स्य पालन की विभिन्न योजनाओं के बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार की जरूरत है ताकि कृषि से संबद्ध क्षेत्रों को नयी ऊचाईयां दी जा सकें जो हमारे जीडीपी को उचित योगदान दे। मत्स्य विभाग की योजनाओं के प्रचार - प्रसार हेतु जिला पंचायत अध्यक्ष के स्तर पर सभी जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों की एक बैठक कराने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने जनपद के वर्तमान आकड़ों में तीन गुना बढ़ोत्तरी करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि, पशुधन, वानिकी, मत्स्य में विशेष प्रयास किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को गति देने हेतु तात्कालिक एवं दीर्घकालिक लक्ष्य तैयार करने तथा माइक्रोप्लानिंग कर कृषि एवं आनुषंगिक क्षेत्रों पर फोकस करने के निर्देश भी दिये। प्रति हेक्टेयर या प्रति एकड़ अच्छी पैदावार वाले किसानों को वार्षिक रूप से कृषि विभाग/मंडी समिति द्वारा पुरस्कृत करने की शुरुआत करें। प्रभारी मंत्री ने पशुओं में नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान योजना को बढावा देने की जरूरत बताया जिसके लिए प्रति महीने लक्ष्य निर्धारण करके समीक्षा करने को निर्देशित किया। दुग्ध कलेक्शन सेंटर को बड़े स्तर पर बढ़ाने की जरूरत है। प्रभारी मंत्री के समक्ष डीडी कृषि, मत्स्य, दुग्ध, वनीकरण, एआर सहकारिता ने अपने कार्यों को प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करते हुए अपने वर्तमान तथा अगले तीन वर्षों के टारगेट को प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया गया। 
         मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट योजना का उचित प्रचार-प्रसार करके लोगों को उसका लाभ देना सुनिश्चित करें। प्रभारी मंत्री ने उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं को हुनर प्राप्त लोगों में बढावा देने को निर्देशित किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ कौशल विकास के लक्ष्यों को साझा करने हेतु निर्देशित किया ताकि जरूरतमंदों का भला होना सुनिश्चित हो सके। दलहन, तिलहन की फसलों पर भी विशेष फोकस की आवश्यकता है। प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी को विभिन्न उद्योगों की सिक यूनिट की स्वतः समीक्षा कर उनके रिवाईबल पर ध्यान देने को निर्देशित किया। अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की जरुरत है, सभी लोग इसमें अपना योगदान देना सुनिश्चित करें। सरकार की प्राथमिकता रोज़गार देने की है। सबसे ज्यादे फोकस इसी पर है। योजनाओं को जमीन पर उतारते हुए समुचित परिणाम देना सुनिश्चित करें। प्राथमिक सेक्टर को बढ़ाने हेतु राजकीय कृषि प्रक्षेत्र पर सीड पार्क की स्थापना, फसलों के बीज मिनीकिट का कृषकों के मध्य निःशुल्क वितरण, कृषि उत्पादों का निर्यात, एग्रीटेक स्टार्टअप, गोदाम, शीतगृह की स्थापना, कृत्रिम गर्भाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। द्वितीयक सेक्टर में संगठित तथा असंगठित विनिर्माण तथा पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों, विद्युत, गैस तथा जल एवं अन्य उपयोगी सेवायें से बढ़ावा दिया जा रहा है। तृतीयक सेक्टर के विकास हेतु पर्यटन उद्योग, मेडिकल टूरिज्म, होम स्टे, गंगा नदी में क्रूज तथा इलेक्ट्रिक नावों का संचालन आदि से उचित आवागमन आदि से सेवा सेक्टर को और गति दी गयी है।
       बैठक के अंत में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार द्वारा प्रभारी मंत्री के समक्ष धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि माननीय मंत्री जी के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने तथा प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की बनाने में जनपद का समुचित योगदान सुनिश्चित किया जाएगा। 
       प्रभारी मंत्री ने कहा कि नगर आयुक्त शहरी क्षेत्रों में तथा डीएफओ ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण अभियान पर विशेष ध्यान दें तथा कोई भी पौधा बिना सुरक्षा के न लगे इसपर ध्यान देना है। सभी लोग एक वृक्ष जरूर लगाएं। पौधरोपण के तरफ सभी को प्रेरित करें। विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने ट्रिगार्ड पर बजट देने का सुझाव दिया ताकि पौधों को बचाने में मदद मिले। रेशम उत्पादन बढ़ाने हेतु सभी संभव प्रयास करने को रेशम विभाग को निर्देशित किया गया। द्वितीयक सेक्टर में 130233 एमएसएमई इकाइयां हैं जिसमें 19992 करोड़ का निवेश हुआ है जिससे 5.81 लाख रोजगार मिले हैं। 312 पंजीकृत कारखाने हैं तथा 15295 करोड़ का क्लस्टर निवेश है। सीएम उद्यमी योजना में 300 युवाओं को लाभांवित किया गया है। इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता हेतु हिंदुजा ग्रुप के साथ सरकार ने एमओयू किया है। प्रोजेक्ट गंगा को लोगों में प्रचारित करते हुए लगातार कैंपों का आयोजन करने के निर्देश दिए। सप्ताह में एक दिन कम से कम पेट्रोलियम पदार्थों के उपयोग से बचाएं। प्रभारी मंत्री द्वारा इससे पहले प्रधानमंत्री के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सरकार की उपलब्धियों पर भी सभी का ध्यान खींचा गया जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब से सत्ता संभाली है तब से लगातार चैन ऑफ इवेंट्स हो रहे। उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हम कह सकते हैं कि मोदी है तो मुमकिन है। हम सब का सौभाग्य है कि ऐसे नेतृत्व के साथ हमें कार्य करने का मौका मिला है। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने सभी वर्ग जिसमें किसान, महिला, गरीब, विद्यार्थी सभी की चिंता करते हुए सबके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन करने का कार्य किया। उन्होंने इस दिशा में सेल्फ अटेस्टेशन का सुविधा दी। उन्होंने 11 दिसंबर 2014 को यूएन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बात की जिसका संयुक्त राष्ट्र ने मंजूरी भी दी। उन्होंने श्रीअन्न को भी यूएन के माध्यम से वैश्विक मान्यता दिलाई। पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक दर्जा दिलाया। स्वच्छता अभियान ने जन जन को उनके तरफ आकर्षित किये। स्मार्ट सिटी बनाने में भी बड़ा कार्य हुआ। भारत का सम्मान विश्व पटल पर बड़े पैमाने पर हुआ जिसके फलस्वरूप ही लगभग 30 से ज्यादे देशों में अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया। खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, उत्तरप्रदेश में 2017 में 557 लाख मैट्रिक टन के सापेक्ष आज 773 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हो रहा। महिलाओं हेतु मातृत्व वंदना योजना चलाई। उत्तर प्रदेश में लगभग 60 लाख लोगों को इसका लाभ मिला है। सुकन्या समृद्धि योजना तथा कन्या सुमंगला योजना से बेटियों को लाभांवित किया जा रहा। 8.06 करोड़ महिलाएं स्वयं समूह से जुड़ी हैं। बीसी सखियों को 116 करोड़ का लाभांश अभी तक मिल चुका है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से प्रदेश में अब तक 5.54 लाख बेटियों का विवाह इस योजना से किया गया। 2020 से नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परक तथा बौद्धिक विकास शिक्षा दी जा रही है। 140 लाख किसानों को 340 लाख से अधिक नीम कोटेड यूरिया दी गई। 7.72 किसानों को किसान क्रेडिट योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। आयुष्मान योजना से 45 करोड़ से अधिक लोगों को लाभांवित किया गया है। 5.37 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया गया है। जन नियत भी हो, नीति भी हो तथा निर्णय लेने की क्षमता हो तो जरूर जीवन में सफलता मिलती है। आज एक्सप्रेसवे एक हजार किलोमीटर से बढ़कर 6500 किलोमीटर हुआ है। आज भारत 33 करोड़ से अधिक मोबाइल फोन स्वत: बनाता है। पेट्रोल में 85 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाने को मंजूरी मिली। 7.85 भारत की विकास दर पिछले क्वार्टर में थी। भारत सभी वर्गों में आत्मनिर्भर हो इसी दिशा में हम लगातार अपने कार्य नीतियों को बनाकर कर रहे। धारा 370 हटाने तथा सुप्रीम कोर्ट में मंदिर निर्माण भी प्रधानमंत्री के कार्यकालों में हुआ, ये हमारे प्रयासों को दर्शाता है। काशी में विगत 12 वर्षों में 36 हजार करोड़ की 536 योजनाओं को पूरा करके लोकार्पित कराया गया। विकास के माध्यम से लोगों की मानसिकता बदली है। पिछले 12 वर्षों में वाराणसी के विकास पर एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

  बैठक से पूर्व प्रभारी मंत्री द्वारा रविंद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई की गई तथा संबंधित को उचित कार्रवाई हेतु दूरभाष पर निर्देशित भी किया गया।
       बैठक में एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक त्रिभुवन राम, विधायक डॉ सुनिल पटेल, जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

काशी को रेल और सड़क यातायात को नई रफ्तार देने वाली महत्वाकांक्षी सिग्नेचर ब्रिज परियोजना 4 ट्रैक पर ट्रेनें, सड़क बनेगी 6 लेन


वाराणसी। वाराणसी के रेल और सड़क यातायात को नई रफ्तार देने वाली महत्वाकांक्षी सिग्नेचर ब्रिज परियोजना अब आकार लेने लगी है। उत्तर रेलवे के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने शुक्रवार को काशी रेलवे स्टेशन से व्यासनगर तक चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और बताया कि सिग्नेचर ब्रिज के डिजाइन का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। डीआरएम ने कहा कि काशी और कैंट रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। सिग्नेचर ब्रिज बनने के बाद इस रूट पर चार रेलवे ट्रैक से ट्रेनों का संचालन होगा, जिससे रेल यातायात अधिक सुगम, तेज और व्यवस्थित बनेगा। परियोजना के तहत रेलवे ट्रैक के दोनों ओर पिलर बनाकर उनके ऊपर सड़क का निर्माण किया जाएगा। योजना के अनुसार 
काशी से व्यासनगर तक चार रेल लाइनें और छह लेन की सड़क

विकसित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार ब्रिज का डिजाइन तैयार करते समय रेलवे ट्रैक, सड़क और आसपास की संरचनाओं को ध्यान में रखा गया है। फाउंडेशन डिजाइन का कार्य भी अंतिम चरण में है और जल्द ही निर्माण कार्य को और गति दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने काशी स्टेशन, कैंट स्टेशन, व्यासनगर और जौनपुर मार्ग तक चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। कई स्थानों पर भूमि संबंधी कार्य अंतिम चरण में हैं, जबकि अंडरपास और बाउंड्री वॉल का निर्माण तेजी से जारी है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी में रेल और सड़क कनेक्टिविटी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

BHU में विद्युत बस सेवा पर छात्रों ने जताई चिंता, कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन निःशुल्क सेवा की मांग

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में हाल ही में शुरू की गई विद्युत बस सेवा को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्र नेता आशुतोष सिंह "यीशु" के नेतृत्व में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने नई परिवहन व्यवस्था पर सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

*छात्रों की मुख्य मांगें और चिंताएं*

 सुरक्षा मानकों का खुलासा: छात्रों ने वर्ष 2013 में परिसर में हुई बस दुर्घटना का हवाला देते हुए प्रशासन से नई बस सेवा के लिए अपनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानकों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

 *निःशुल्क सेवा की मांग*

ज्ञापन में मांग की गई है कि विश्वविद्यालय के पहचान पत्र धारक छात्रों और कर्मचारियों के लिए यह बस सेवा पूरी तरह निःशुल्क होनी चाहिए। छात्रों का तर्क है कि परिसर में पहले से ही परिवहन व्यवस्था मौजूद है, ऐसे में किराया आधारित नई व्यवस्था उचित नहीं है।

 *पारदर्शिता और जवाबदेही*

छात्रों ने मांग की है कि बस संचालन करने वाली बाहरी एजेंसी की भूमिका, जवाबदेही और सेवा के नियमों को स्पष्ट किया जाए ताकि किसी भी तरह की भ्रांति न रहे।

*"छात्र-हित सर्वोपरि"*

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ छात्र नेता आशुतोष सिंह "यीशु" ने कहा, "हम पर्यावरण के अनुकूल आधुनिक सुविधाओं के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विश्वविद्यालय में लागू होने वाली कोई भी व्यवस्था छात्र-हित और सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरनी चाहिए।" उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले अपनी आधिकारिक गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से विद्युत वाहनों में बदलकर एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि बीएचयू एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है और किसी भी योजना को लागू करने से पहले उसके दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करना आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने वालों में केतन माधव, धीरज सिंह, संतोष त्रिपाठी, छोटू और मयंक प्रताप सहित कई अन्य छात्र शामिल थे

*काशी के घाट पर NDRF बनी फरिश्ता, डूबते श्रद्धालु को किया रेस्क्यू*

वाराणसी :- काशी के घाटों पर तैनात राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की सतर्कता से शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। वाराही घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक युवक अचानक गहरे पानी में पहुंच गया और डूबने लगा। मौके पर मौजूद एनडीआरएफ की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 8:40 बजे वाराही घाट पर ड्यूटी कर रही 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम की नजर गंगा में संघर्ष कर रहे एक युवक पर पड़ी। युवक तेज धारा में फंसकर खुद को संभाल नहीं पा रहा था और लगातार डूबता जा रहा था।

स्थिति को भांपते हुए एनडीआरएफ के जवान बिना देरी किए नदी में उतरे और राहत एवं बचाव उपकरणों की सहायता से युवक तक पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने लाइफ बॉय के जरिए उसे सुरक्षित पकड़कर किनारे तक पहुंचाया।

बचाए गए युवक की पहचान बिहार के गोपालगंज निवासी 28 वर्षीय पुनीत शर्मा के रूप में हुई है। समय रहते किए गए इस अभियान के चलते युवक को सुरक्षित बचा लिया गया और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने एनडीआरएफ के जवानों की तत्परता और साहस की सराहना की। वहीं एनडीआरएफ अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि गंगा या अन्य जलाशयों में स्नान करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा निर्धारित सीमाओं से आगे न जाएं।

एनडीआरएफ के अधिकारियों ने विशेष रूप से मानसून के मद्देनजर चेतावनी देते हुए कहा कि नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है, ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।