5/08/2026

PWD दालमंडी में 43 मकानों का ध्वस्तीकरण कल :- दुकानदारों और मकान मालिकों को अगले चंद घंटों में अपना बचा सामान निकालकर दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया


वाराणसी के व्यापार केंद्र दालमंडी पर अब बुलडोजर की रफ्तार बढ़ेगी। एक-दो करके टूट रहे मकानों के बाद अब 43 मकानों पर हथौड़ा गूंजेगा। इन मकानों में शनिवार से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

इसके लिए गुरुवार रात ही पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने मुनादी शुरू कर दी। दुकानदारों और मकान मालिकों को अगले चंद घंटों में अपना बचा सामान निकालकर दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दालमंडी की गलियों में चक्रमण किया। इसके साथ ही कई भवन स्वामी अपने मकान को खाली करते नजर आए। बताय गया कि सीएम योगी ने वाराणसी दौरे के पर काम में रफ्तार के निर्देश दिए हैं।

उधर, दूसरी तरफ करीब 10 हजार दुकानदार और कारोबारियों से जुड़े पूर्वांचल के सबसे बड़े मार्केट दालमंडी की सड़क के चौड़ीकरण का विरोध भी जारी है। लोग गुस्सा इसलिए भी हैं, क्योंकि यहां की 6 मस्जिदें भी टूटने वाली हैं। हालांकि इसे सबसे बाद में तोड़ने की योजना है।

*अफसरों ने मकान नंबरों बोलकर दिया अल्टीमेटम*

गुरुवार की रात PWD के अफसर दालमंडी की गलियों में पुलिस टीम के साथ पहुंचे। पहले शनिवार से टूटने वाले मकानों की जानकारी दी। निर्धारित मकानों के नंबर बोलकर मुनादी शुरू की, इसके बाद एक-एक करके सभी मकानों के बाहर जाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की प्रारंभिक सूचना दी।

सभी को उनके दुकान और मकान अगले 24 घंटे में हर हाल में खाली करने की बात कही, ऐसा नहीं करने पर एक्शन की चेतावनी दी। बताया कि टीम आने के बाद कोई भी सामान निकाला नहीं जा सकेगा। ध्वस्तीकरण के साथ टीम का पूरा अधिकार रहेगा।

*220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क*

नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 220 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए।

पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, करीब 300 घरों की नपाई हो चुकी है। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन होगा।

उसके बाद नोटिस दी जाएगी और सभी के अकाउंट में मुआवजा भेजा जाएगा। वाराणसी पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में दालमंडी चौड़ीकरण पर भी अधिकारियों से बात की थी, इसके बाद प्रोजेक्ट में तेजी आ गई है।

सिंधौरा-चांदमारी अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान पुलिस और चैन स्नैचर के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने से शातिर बादल साहनी गिरफ्तार


वाराणसी। क्षेत्र के रिंग रोड सिंधौरा-चांदमारी अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान पुलिस और चैन स्नैचर बादल साहनी के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से बादल घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।  

प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा अपनी टीम के साथ देर रात रिंग रोड पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी बिना नंबर प्लेट की टीवीएस अपाचे बाइक पर सवार एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पीछा करने पर आरोपी ने कानूडीह-सरसवां लिंक मार्ग पर बाइक से नियंत्रण खो दिया और बाइक फिसलकर गिर गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी।  

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने 9 एमएम पिस्टल से एक राउंड और उपनिरीक्षक गौरव सिंह ने दो राउंड फायर किए। कुछ देर बाद आरोपी झाड़ियों के पास दाहिने पैर में गोली लगे घायल अवस्था में मिला।  

घायल युवक की पहचान बादल साहनी पुत्र अनिल साहनी, निवासी किरहिया, थाना भेलूपुर के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से एक अवैध .15 बोर तमंचा, एक फायरशुदा खोखा, एक जिंदा कारतूस और लूट के ₹3630 नकद बरामद हुए। साथ ही बिना नंबर प्लेट की टीवीएस अपाचे बाइक भी जब्त की गई। ई-चालान ऐप से जांच में बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर UP65CM9869 निकला, जो रोहनिया निवासी राम बहल गुप्ता के नाम दर्ज है।  

पूछताछ में बादल ने कबूल किया कि उसने अपने साथी अमन यादव के साथ मिलकर 30 अप्रैल 2026 को विश्वनाथपुरी कॉलोनी, शिवपुर में एक महिला से चैन स्नैचिंग की थी। लूटी गई चैन अमन ने किसी ज्वैलर्स को बेच दी थी, जिसमें से बादल को ₹7000 मिले थे। वह रकम शराब और गांजे में खर्च कर चुका है। बरामद ₹3630 उसी लूट के पैसे का हिस्सा है।  P

बादल ने बताया कि दोनों आरोपी बिना नंबर प्लेट की बाइक से वारदात करते थे ताकि पुलिस ट्रेस न कर सके। वह और अमन आज क्षेत्र में एक और लूट की रेकी करने निकले थे।  

पुलिस ने मौके को सील कर फोरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटवाए। घायल बादल को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। फरार साथी अमन यादव और चैन खरीदने वाले ज्वैलर्स की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। आरोपी के खिलाफ धारा 309(4), 317(2), 109(1) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जन समस्या : चार महीने से उखड़ी पड़ी गलियां, खुद चंदा कर मरम्मत कराने को मजबूर लोग


वाराणसी, वार्ड नंबर 23 के सिर क्षेत्र में सीवर पाइप लाइन बिछाने के नाम पर दिसंबर माह में खोदी गई गलियों का हाल बदहाल बना हुआ है। आरोप है कि विभाग द्वारा गलियों को खोदकर केवल सीवर पाइप रख दिया गया, लेकिन उसके बाद मरम्मत कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और क्षेत्रीय पार्षद को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी गलियों में रोड़े और मलबा पड़ा हुआ है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।
शादी-विवाह के सीजन में हालात और भी खराब हो गए हैं। स्थानीय निवासी परेशान होकर अब खुद पैसे लगाकर गलियों की मरम्मत कराने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यदि विभाग के पास बजट नहीं था तो सही-सलामत गलियों को तोड़ा ही क्यों गया। अधूरा कार्य छोड़ देने से क्षेत्रवासियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द समस्या का समाधान कर गलियों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

सिगरा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मिली अनियमितताएं, निर्माण एजेंसी पर ₹5 लाख का जुर्माना


वाराणसी। शहर के सिगरा क्षेत्र में निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर नगर निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शुक्रवार को परियोजना स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया, जहां गुणवत्ता और तय मानकों की अनदेखी पाए जाने पर कार्यदायी संस्था पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया।

निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने निर्माण स्थल की व्यवस्थाओं और कार्य की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। मौके पर मौजूद अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए महापौर ने साफ कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने तकनीकी निरीक्षण के बाद तत्काल प्रभाव से संबंधित संस्था पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कॉम्प्लेक्स के लेआउट और निर्माण प्रगति की भी समीक्षा की गई।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि सिगरा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शहर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है और इसे आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अभियंता समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वाराणसी में बड़ा अभियान चलाया घी-तेल कारोबारियों पर बड़ी रेड, 40 दुकानों की जांच में 20 ब्रांड के नमूने सीज


वाराणसी: मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों पर शिकंजा कसते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वाराणसी में बड़ा अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के आदेश और जिलाधिकारी वाराणसी के निर्देश पर 6 और 7 मई 2026 को जिले के कई इलाकों में घी और खाद्य तेल की विशेष जांच की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विशेश्वरगंज, मच्छोदरी, गोला दीनानाथ, सेवापुरी, गोदौलिया, शिवपुर, पहड़िया, चेतगंज, जगतगंज, कछवा रोड और गायघाट समेत विभिन्न क्षेत्रों में कुल 40 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 20 स्थानों पर छापेमारी* कर विभिन्न कंपनियों के घी और खाद्य तेल के 20 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।

जिन ब्रांडों के नमूने लिए गए उनमें *न्यूट्रिला रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, राग गोल्ड पामोलिन ऑयल, अनिक घी, फॉर्च्यून सोयाबीन ऑयल, डालडा, कच्ची घानी सरसों तेल, ब्रिटानिया घी, मदर डेयरी घी, धारा ऑयल, सफोला एक्टिव, पतंजलि घी, फर्स्ट क्रॉप सनफ्लावर ऑयल, महाकोश ऑयल* समेत कई अन्य उत्पाद शामिल हैं। अभियान का उद्देश्य अन्य राज्यों में निर्मित और विदेशों से आयातित खाद्य तेल एवं घी की गुणवत्ता की जांच कर उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इस विशेष अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय एवं अभिहित अधिकारी कौशलेन्द्र शर्मा ने किया। उनके निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित समेत कई खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। विभाग ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी नमूने में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।