6/17/2026

चांद के दीदार संग ग़म का महीना मोहर्रम शुरू, पहला जुलूस आज


दो माह 8 दिन ग़म का अय्याम, नहीं मनेगी खुशियां

कर्बला के शहीदों की याद में निकलेगा जुलूस होगी मजलिसें
शिया ख़्वातीन ने तोड़ी चूड़ियां, हटाया साजो श्रृंगार, पहना काला लिवास

वाराणसी :- 29 जिलहिज्जा को चांद का दीदार हो गया। चांद देखे जाने के साथ ही इस्लामी नये साल माहे मोहर्रम का आगाज़ हो गया। चांद देखे जाने का ऐलान सदर काजी-ए-शहर, ‘काजी-ए-शहर’ व इश्तेमाई रुइयते हेलाल कमेटी समेत तमाम चांद कमेटियों ने किया। ऐलान में कहा गया कि आज (16 जून) को मोहर्रम का चांद दिखाई दिया है। इसलिए मुहर्रम की 01 तारीख 17 जून को होगी और यौमे आशूरा 26 जून 2026 को मनाया जाएगा। उधर चांद के दीदार संग शिया अजाखाने सजा दिए गए। मजलिसे इस्तेकबालिया बनारस समेत पूर्वांचल के चंदौली, जौनपुर, मऊ, आजमगढ, बलिया, गोरखपुर व गाजीपुर आदि शहरों में शुरू हो गई।

दरअसल मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक साल का पहला महीना है। इसी महीने के साथ इस्लामिक नए साल की शुरुआत होती है। वैसे तो ये एक महीना है लेकिन इस महीने में मुसलमान खास तौर पर शिया मुसलमान पैगंबर मोहम्मद (स.) के नवासे इमाम हुसैन समेत कर्बला में शहीद हुए 72 वीरों की शहादत का गम मनाते हैं। सन 61 हिजरी (680 ईस्वी) में इराक के कर्बला में पैगंबर मोहम्मद (स.) के नवासे इमाम हुसैन को उनके 72 साथियों के साथ यजीदी सेना ने शहीद कर दिया था। मुहर्रम में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का शिया मुस्लिम गम मनाते हैं।
सुन्नी मस्जिदों में एक से दस मुहर्रम तक शहादतनामा व तकरीर होती है तो शिया मुसलमान इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र करते हैं। उनका गम मनाने के लिए मजलिसें करते हैं। मजलिसों में इमाम हुसैन की शहादत बयान की जाती है। मजलिस में तकरीर (स्पीच) करने के लिए ईरान से भी इंडिया में आलिम (धर्मगुरू) आते हैं और जिस इंसानियत के पैगाम के लिए इमाम हुसैन ने शहादत दी थी उसके बारे में लोगों को विस्तार से बताया जाता है। उधर लोगों ने एक दूसरे को इस्लामिक नये साल की मुबारकबाद दी। सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक और व्हाट्स एप पर इस्लामी हिजरी नये साल की मुबारकबाद लोग अपने अजीजों से शेयर कर रहे थे। हालांकि यह महीना अदब और एहतराम का भी है इसलिए नया साल बेहद सादगी के साथ मनाया जाता है।

*शहर भर में हुई इस्तेकबालिया मजलिसे*

आज मोहर्रम के चांद होते ही हर तरफ फिजा गमगीन हो गई। या हुसैन या हुसैन...की सदाएं फिजा में गूंजने लगी। हर तरफ इस्तकबाले अज़ा की मजलिसे हुईं व इमामबाड़ों में शमां रोशन किया गया और शरबत पर कर्बला के शहीदों की नजर हुई। शहर भर की 28 अंजुमनों ने नोहाख्वानी और मातम का आगाज़ किया। इस दौरान मजलिस में बताया गया कि यह वह महीना है कि जिसमें इमाम हुसैन ने अपने 71 साथियों के साथ इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बानी पेश की।

*इंसानियत के लिए मिसाल है शहादत-ए-हुसैन*

इस्लाम की तारीख में मुहर्रम बड़े ही अकीदत, एहतेराम के साथ मनाया जाता है।
 इंसानियत के लिए शहादत-ए-हुसैन एक मिसाल है। मुहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद तनवीर फातेमा ने कहा कि मुहर्रम पर 2 महीना 8 दिन ग़म मनाया जाता है। यही नहीं पूरे दो माह 8 दिन शिया समुदाय के लोग किसी भी खुशी में शरीक नहीं होते। चांद दिखाई देने के साथ ही इमाम बारगाह, अजाखानो, घरों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया।

फातेमा ने कहा कि इमाम हुसैन ने जो इन्सानियत की राह दिखाई है ,वही हक पर चलने की नेक राह है। इमाम हुसैन ने जुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने का पैगाम दिया, हुसैन ने जालिम का साथ नहीं दिया। इसीलिए आपको अपने 72 साथियों के साथ इतनी बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी, लेकिन यही कुर्बानी दीन को बचा ले गई, और उसी कुर्बानी की वजह से इंसानियत दुनिया में अभी भी जिंदा है। इमाम हुसैन का बलिदान सत्य, न्याय, धार्मिकता महान प्रेरणा है।

*मोहर्रम के वाराणसी में प्रमुख जुलूस*

हज़रत अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने पत्रकारों को जुलूस की डिटेल बताई। उन्होंने कहा कि बनारस शहर में कई जगह जुलूसों के रास्तों की परेशानियां हैं और प्रशासन से अपील की जाती है कि वह रास्तों की दुश्वारियां को दूर कराएं और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। उन्होंने बताया कि

17 जून (पहली मोहर्रम): सुबह 7 बजे से मजलिसें शुरू होंगी। दोपहर 3 बजे लाट सरैया इमामबाड़े में अलम और दुलदुल का जुलूस निकलेगा।

18 जून (दूसरी मोहर्रम): शिवपुर में रात 8 बजे जुलूस उठेगा। दोपहर 2 बजे उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ के घर पर कदीमी मजलिस होगी।

19 जून (तीसरी मोहर्रम): सायं 5 बजे औसानगंज नवाब की ड्योढ़ी से और शिवाला से अलम का जुलूस निकलेगा।

20 जून (चौथी मोहर्रम): चौहट्टा लाल खाँ इमामबाड़ा से रात 8 बजे अलम व दुलदुल का जुलूस निकलेगा।

21 जून (पांचवीं मोहर्रम): गोविंदपुरा से अलम का जुलूस उठेगा, जिसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के परिजन शहनाई पर मातमी धुन बजाएंगे।

22 जून (छठवीं मोहर्रम): विश्व प्रसिद्ध 40 घंटे का दुलदुल जुलूस कच्ची सराय (दालमंडी) से शाम 5 बजे उठेगा, जो शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए 24 जून (8 मोहर्रम) की सुबह वापस आएगा।

24 जून (आठवीं मोहर्रम): चहमामा इमामबाड़े से रात 8:30 बजे अलम व तुर्बत का जुलूस निकलेगा।

25 जून (नवीं मोहर्रम): इमाम चौकों पर ताजिये रखे जाएंगे। रात में शिवाला से प्रसिद्ध दूल्हा का जुलूस निकलेगा और भोर में फातमान में अंगारों पर मातम होगा।

26 जून (दसवीं मोहर्रम - आशुरा): सुबह से शाम तक जंजीर और कमा का मातम करते हुए 26 अंजुमनों के जुलूस निकलेंगे जो लाट सरैया और फातमान जाकर खत्म होंगे। शाम को 'शामे गरीबां' की मजलिस होगी।

27 जून (ग्यारहवीं मोहर्रम): दिन में 11 बजे 'चुप का डंका' यानी लुटे हुए काफिले का जुलूस निकलेगा।
28 जून (बारहवीं मोहर्रम - तीजा): दोपहर बाद आलम और अखाड़े का जुलूस निकलेगा।

संस्कृति मंत्रालय ने लिया चोलापुर शहीद स्मारक का संज्ञान, संग्रहालय निर्माण की उम्मीद बढ़ी

 वाराणसी। चोलापुर थाना परिसर में वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान शहीद हुए पांच अमर सेनानियों की स्मृतियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने चोलापुर शहीद स्मारक से जुड़े प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया गया कि चोलापुर में शहीदों की याद में भव्य संग्रहालय निर्माण की मांग को लेकर संस्कृति मंत्रालय को पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह के द्वारा विस्तृत पत्र भेजा गया था। मंत्रालय के सी एंड एम अनुभाग ने पत्र संख्या CM-22/26/2026-C&M के तहत प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए इसे संग्रहालय विभाग (म्यूजियम सेक्शन) को अग्रसारित कर दिया है।
यह पहल 17 अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तिरंगा फहराते समय ब्रिटिश हुकूमत की गोलियों का शिकार हुए राम नरेश उपाध्याय, पंचम राम, श्रीराम उर्फ बच्चू पटेल, चौथी राजभर और निरहू पटेल की शहादत को राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इसे चोलापुर और पूर्वांचल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में यहां भव्य संग्रहालय, शहीद पथ और राष्ट्रीय ध्वज स्थल विकसित किया जाएगा, जिससे स्वतंत्रता संग्राम के इस गौरवशाली अध्याय को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

मुहर्रम का त्यौहार-नहीं होगी कोई नई परंपरा की शुरुआत-पुलिस आयुक्तशांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा मुहर्रम का त्यौहार- ज़िलाधिकारी


वाराणसी। आगामी मोहर्रम त्यौहार को सकुशल संपन्न कराने को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक धर्मगुरुओं/इमामों/ताजियेदारों और सिविल डिफेंस के सदस्यों के साथ बुधवार को पुलिस आयुक्त मोहित
 अग्रवाल एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने इसमें एक-एक कर सभी शान्ति समिति के सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी और पूरी ज़िम्मेदारी के साथ समाधान कराने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये। साथ ही समिति के सदस्यों को सुरक्षा व अन्य व्यवस्था के दृष्टिगत जरूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को ताजिये वालें स्थानों का भ्रमण कर वहाँ पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति के सदस्यों से कहा कि कोई भी ताजिए के साथ अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन न करें। डीजे की आवाज भी सामान्य रखें।
जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले एक साल के सभी त्यौहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं।कहा कि सभी जनपदवासी आगामी मोहर्रम के त्यौहार सहित अन्य त्यौहारों को भी परम्परागत,पूरे हर्षोल्लास व शांतिपूर्ण ढंग से मनाएंगे। कहा कि कोई ऐसा कार्य न किया जाए, जिससे किसी की भावना को ठेस पहुँचे। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से कहा ताजिये की ऊँचाई निर्धारित मानक के अनुसार ही होनी चाहिए,ये आप सभी सुनिश्चित करेंगे।कहा कि सभी की आस्था का सम्मान हो और कोई नई परंपरा की शुरुआत न हो। जुलूस के लिए पारंपरिक मार्गों के अनुसार ही आयोजन करने की बात कही गई। उन्होंने अपर नगर आयुक्त को सीवर और नालों व ताजियें वाले स्थानों की बेहतर साफ सफाई और चूने के छिड़काव तथा ग्रामीण क्षेत्रो में इस व्यवस्था के लिए डीपीआरओ को निर्देशित किया। उन्होंने नगर निगम और पंचायतीराज के अधिकारियों को बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत पीने के पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित कराने के साथ ही खराब पड़े आरो प्लांट/हैण्डपम्प का प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने व जरुरत वाले स्थानों पर पानी टैंकर की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विद्युत वितरण खण्ड के सभी एक्सईएन को यह सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया कि विभिन्न स्थानों पर विद्युत पोल्स,बिजली के बॉक्स एवं लटके तार ना हो और त्यौहार के दृष्टिगत निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को ताजिया निकलने वाले स्थानों की सड़कों और गलियों के गड्ढों को भरने का निर्देश दिया।सीवेज,पेड़ों की छटाई और प्रकाश व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि गरिमा के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से ही त्यौहार मनाया जाए। तकनीक का जमाना है, कोई ये न सोचे की अपराध करके बच जाएगा। आज कल चारों तरफ़ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सभी सुरक्षाकर्मियों के हाथों में मोबाइल है ही।उन्होंने सभी शांति समिति के सदस्यों से कहा कि कोई भी फर्जी या भ्रामक खबर की सूचना मिलने पर उसकी तत्काल सूचना जिला प्रशासन या अपने पास के थाने में अवश्य दें, जिसका संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके, जिससे जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बना रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट ना करें।उन्होंने थानों में होने वाली शांति समिति की बैठकों में पिछले वर्षों के चिन्हित स्थानों के बारे में सावधानी बरतने का निर्देश दिया। कहा कि सोशल मीडिया और ड्रोन कैमरा के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। 
 बैठक में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना, एडीएम सिटी पंकज कुमार, डीसीपी गौरव वंशवालव नीतू कादयान, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा सहित जनपद के सभी मस्जिदों के इमाम मौजूद थे।

वाराणसी सिगरा पुलिस का बड़ा एक्शन: रोडवेज बस स्टैंड से 37 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार


वाराणसी। कमिश्नरेट पुलिस द्वारा अपराध एवं अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिगरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड के पास छापेमारी कर करीब 37 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब के साथ तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न ब्रांडों की 33 पाउच और 153 पाउच व बोतलें बरामद की गई हैं।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव वंशावल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर तथा सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के दौरान थाना सिगरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त लड्डु कुमार, कौशल कुमार* और चन्देश्वर पासवान को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त लड्डु कुमार के कब्जे से *33 पाउच अंग्रेजी शराब (करीब 6 लीटर)* बरामद हुई, जबकि कौशल कुमार और चन्देश्वर पासवान के कब्जे से *30.99 लीटर विभिन्न ब्रांडों की अंग्रेजी शराब* बरामद की गई। इस संबंध में थाना सिगरा में *मु0अ0सं0 0254/2026 एवं 0255/2026* के तहत *धारा 60 आबकारी अधिनियम* में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

*सराहनीय पुलिस टीम*

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक *शिवाकान्त मिश्रा,* उपनिरीक्षक *प्रशान्त कुमार* बन्धु, हेड कांस्टेबल *जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रेम कुमार द्विवेदी, दिनेश कुमार,* कांस्टेबल *अजीत कुमार, कर्मजीत यादव* एवं *गोविन्द कुमार* की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

6/16/2026

मंगलवार सुबह विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया।अवैध निर्माण पर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई, 12 भवनों पर चला बुलडोजर


वाराणसी। शहर के ऐतिहासिक और व्यस्त कारोबारी क्षेत्र दालमंडी में मंगलवार सुबह विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। सुबह करीब 6 बजे से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में कुल 12 भवनों पर कार्रवाई की गई।

विकास प्राधिकरण की टीम ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत दालमंडी क्षेत्र में पहुंचकर उन भवनों को चिन्हित किया, जिनके खिलाफ निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की शिकायतें और जांच रिपोर्ट पहले से मौजूद थीं। टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित भवन स्वामियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। सुबह-सुबह शुरू हुई कार्रवाई से दालमंडी क्षेत्र में खलबली मच गई। स्थानीय लोगों और कारोबारियों के बीच कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी रही।

अधिकारियों ने बताया कि शहर में सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने और अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। विकास प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया कि नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।