6/12/2026

वाराणसी में GST अधिकारी के ससुराल में चोरी का खुलासा, 4 आरोपी 2 करोड़ के गहने संग अरेस्ट

 वाराणसी में 3 जून को जीएसटी अधिकारी के ससुराल में हुई करीब दो करोड़ की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसओजी और शिवपुर थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से चोरी किए गए हीरे, सोने व चांदी के गहने और कैश बरामद हुआ है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में लोगों के घरों में लगे 200 सीसीटीवी कैमरे खांगले तब जाकर आरोपियों का सुराग मिला। वहीं, चोरी की इस घटना के सफल अनावरण को लेकर टीम को एक लाख रुपए से पुरस्कृत किया गया है।

मेरठ में जीएसटी कमिश्नर के पद पर तैनात अधिकारी के ससुर के बंद पड़े मकान में चोरी का खुलासा हो गया है। मूल रूप से सासाराम (बिहार) के रहने वाले विनोद कुमार का मकान शिवपुर इलाके में है। वह 1 जून को पूरे परिवार के साथ चाचा की तेरही में शामिल होने के लिए बिहार गए थे। इसी दौरान उनके घर में घुसकर विशाल, रोहित पाल, यश सिंह और चित्रांश ऊर्फ चीकू ने चोरी की घटना को अंजाम दिया।

*एक आरोपी गिरफ्त से बाहर*

पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने इस मामले में विशाल को शुक्रवार की सुबह मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। वहीं, उसके तीन अन्य साथी रोहित पाल, अमन सेठ और यश सिंह को शिवपुर थाना क्षेत्र के गंगोत्री इंटरमीडिएट कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी वरुण प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में चित्रांश ऊर्फ चीकू फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।

डीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी छोटी-मोटी चोरियों को अंजाम दिया करते थे, जिनमें विशाल के ऊपर 15 मुकदमा और यश सिंह के ऊपर 11 मुकदमा दर्ज है। वहीं, अमन सेठ चोरी किए गए माल को गलाने का काम करता था और बाद में उसे ये लोग आपस में बांट लिया करते थे। उन्होंने बताया कि चित्रांश ऊर्फ चीकू इस पूरे मामले का सूत्रधार था और उसने इस घटना को अंजाम देने के लिए चंदौली से चोरी की गई बाइक उपलब्ध कराया था। वहीं, चोरी के बाद आरोपियों ने बाइक को ले जाकर मिर्जापुर में छोड़ दिया।

*क्या हुआ बरामद*

पुलिस ने बताया है कि इस पूरे मामले में करीब 900 ग्राम सोने की बरामदगी की गई है। इसके अलावा डायमंड की कान की दो बाली, चैन, अंगूठी और 4 लाख 27 हजार रुपए नगद भी बरामद हुए हैं। पुलिस को आरोपियों के पास से 315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने 200 सीसीटीवी कैमरों की मदद ली थी।

चेतगंज थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।


वाराणसी :- प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली कर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चेतगंज थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को चौकाघाट स्थित लकड़ी मंडी क्षेत्र से पकड़ा गया। उनके पास से कई फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र और परीक्षा से जुड़े संदिग्ध कागजात बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मधेपुरा निवासी दौलत कुमार और सुपौल निवासी नितीश कुमार के रूप में हुई है। नितीश कुमार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ में सामने आया कि दोनों मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देते थे और इसके बदले लाखों रुपये वसूलते थे।
जांच में पता चला कि गिरोह असली परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर को परीक्षा केंद्रों में बैठाने की व्यवस्था करता था। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड, एडिट किए गए प्रवेश पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे ताकि पहचान सत्यापन के दौरान किसी को शक न हो। पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों से इस नेटवर्क के कई और सदस्यों के बारे में अहम सुराग मिले हैं।

4 जून को खुला था फर्जीवाड़े का राज

दरअसल, 4 जून को आयोजित टीजीटी परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक परीक्षा केंद्र से दूसरे व्यक्ति की जगह परीक्षा दे रहे सॉल्वर को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच के आधार पर पुलिस लगातार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में यह कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

वाराणसी में मासूम को बहला-फुसलाकर अश्लील वीडियो दिखाने का आरोप, ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचा


वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में एक 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति पर 7 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। शुक्रवार सुबह हुई इस घटना के बाद परिजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उसके प्राइवेट पार्ट को छूने का प्रयास किया। बच्ची के शोर मचाने पर उसके परिजन मौके पर पहुंचे।

यह घटना शुक्रवार सुबह की है, जब 7 वर्षीय बच्ची अपने घर पर खेल रही थी। तभी गांव के एक अधेड़ व्यक्ति ने उसे अपने पास बुलाया और जबरन मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाने लगा। आरोप है कि उसने बच्ची के कपड़ों के भीतर हाथ डालकर उसके निजी अंग को छूने की कोशिश की।

इस दौरान बच्ची शोर मचाने लगी, बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और अश्लील हरकत करते हुए अधेड़ को देख लिया, गुस्साए परिजनों ने अधेड़ को पकड़ कर उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलने पर मिर्जामुराद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि डायल 112 पर छेड़खानी की सूचना मिली थी, जिसके संबंध में आरोपी को पकड़कर आगे की जांच की जा रही है।

नर्सिंग की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, अबॉर्शन पिल की आशंका निकली गलत


वाराणसी:- सारनाथ थाना क्षेत्र में नर्सिंग की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच में जिस अबॉर्शन पिल को मौत की वजह माना जा रहा था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार छात्रा की मौत अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) और उसके कारण आए शॉक से हुई।

पुलिस के मुताबिक, छात्रा के साथ बर्बरता पूर्ण तरीके से शारीरिक संबंध बनाए गए थे, जिससे उसके निजी अंगों में गंभीर चोटें आईं और लगातार खून बहने लगा। अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

*आरोपी समीर गिरफ्तार, सबूत मिटाने का भी आरोप*

मामले में मृतका के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपी मोहम्मद समीर को उसके जौनपुर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने और ब्लीडिंग शुरू होने के बाद आरोपी उसे मदद दिलाने के बजाय मौके से फरार हो गया। पुलिस का आरोप है कि उसने साक्ष्य छिपाने की नीयत से पीड़िता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले जाकर छिपा दिया था।

*एडीसीपी लिपि नाग्याच ने दी जानकारी*

एडीसीपी लिपि नाग्याच ने बताया कि छात्रा का शव मिलने के बाद सारनाथ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 318/26 दर्ज किया गया था। शुरुआती स्तर पर अबॉर्शन पिल के सेवन से मौत की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में न तो गर्भावस्था और न ही अबॉर्शन पिल के सेवन का कोई उल्लेख है। पोस्टमार्टम के निष्कर्षों के आधार पर मामले में दुष्कर्म और साक्ष्य मिटाने सहित अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस अब सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।

*बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर मिला था शव*

गौरतलब है कि जेएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रा सारनाथ क्षेत्र में रहकर एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। उसका शव बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर पड़ा मिला था। छात्रा के निजी अंगों से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। हॉस्टल में बिजली का काम करने पहुंचे एक इलेक्ट्रीशियन ने शव देखा और इसकी सूचना अन्य लोगों को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

शुरुआत में छात्रा को अबॉर्शन पिल खिलाए जाने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

काशी में शिया समुदाय की महिलाओं और युवतियों ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता नाजिया इलाही खान के कथित विवादित बयानों के विरोध में प्रदर्शन किया।


 वाराणसी में शुक्रवार को शिया समुदाय की महिलाओं और युवतियों ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता नाजिया इलाही खान के कथित विवादित बयानों के विरोध में प्रदर्शन किया।

महिलाओं ने अपने घरों में हाथों में तख्तियां लेकर नाजिया इलाही खान के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदेश सरकार से उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल तनवीर फातिमा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी आगमन के मद्देनजर शिया समुदाय की महिलाओं ने अपने घरों से शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाजिया इलाही खान मोहर्रम के जुलूसों को लेकर ऐसा माहौल बना रही हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मोहर्रम शिया मुसलमानों के लिए गम-ए-शहादत और श्रद्धा का अवसर है तथा इसे पूरी अकीदत के साथ मनाया जाता है। तनवीर फातिमा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।

उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मोहर्रम के जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक आयोजनों में तलवार, चेन या अन्य हथियारों का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए और कानून के अनुसार ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मोहर्रम के नाम पर होने वाली किसी भी कथित आपराधिक गतिविधि के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता भी जताई थी। नाजिया इलाही खान इससे पहले सड़कों पर नमाज को लेकर चल रही बहस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नाजिया इलाही खान इस्लाम में प्रचलित कुछ सामाजिक एवं धार्मिक प्रथाओं पर अपनी मुखर राय रखने के लिए जानी जाती हैं।

हालांकि, शिया समुदाय की ओर से लगाए गए आरोपों पर नाजिया इलाही खान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।