6/04/2026

काशी में होगा मुख्य आकर्षण 130 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग होगा, जो उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में स्थापित किया जाएगा।

वाराणसी। बदलते बनारस में विकास, संस्कृति और अध्यात्म का एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। वाराणसी नगर निगम शहर के मध्य में 20 एकड़ क्षेत्र में एक भव्य आध्यात्मिक एवं सामुदायिक पार्क विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना का मुख्य आकर्षण 130 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग होगा, जो उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में स्थापित किया जाएगा।

करीब 104 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाली इस परियोजना का उद्देश्य काशी की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ना है। पार्क को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यह शहर की नई पहचान बन सके।

विशाल शिवलिंग के चारों ओर आकर्षक पाथवे, घनी हरियाली और अत्याधुनिक लाइट एवं लेजर शो की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां आध्यात्मिक अनुभव के साथ आधुनिक सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।

परियोजना के तहत बच्चों के लिए हाईटेक झूले, ओपन आर्ट गैलरी, गजीबो, आधुनिक फूड कोर्ट और मनोरंजन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं काशी की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए विशेष आर्ट गैलरी बनाई जाएगी, जहां बनारस के प्रसिद्ध संगीतकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी।

स्थानीय हस्तशिल्प और बनारसी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को नया मंच मिलेगा।

नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के अनुसार पार्क में देशी-विदेशी फूलों की विशेष बगिया विकसित की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य और प्रकृति प्रेमियों के लिए 1000 मीटर लंबा वॉक-वे भी बनाया जाएगा।

यह परियोजना भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की लगभग 20 एकड़ खाली भूमि पर विकसित की जाएगी। नगर निगम के अनुसार परियोजना को शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

काशी की आध्यात्मिक पहचान और आधुनिक विकास को एक साथ प्रस्तुत करने वाली यह परियोजना भविष्य में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकती है।

*जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अग्निशमन विभाग ने गुरुवार को सख्त रुख अपनाया होटल क्लार्क समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच, नोटिस जारी करने के निर्देश*


वाराणसी। जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अग्निशमन विभाग ने गुरुवार को सख्त रुख अपनाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) वाराणसी ने शहर के प्रतिष्ठित होटल क्लार्क सहित अन्य होटलों का औचक निरीक्षण कर अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों में कमियां पाई गईं। फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, उनके संचालन की स्थिति, आपातकालीन निकास मार्गों तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की गहन जांच की गई।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने जिन होटलों में सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं, उनके प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अग्निशमन अधिकारियों को ऐसे होटल प्रबंधकों को नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया गया।

अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग द्वारा आगे भी निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी मानकों का पूर्ण पालन करना अनिवार्य है।

*Up police पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल: कई ACP बदले, विदुष सक्सेना और अतुल अंजान त्रिपाठी समेत अधिकारियों का जिले से तबादला*


वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेशभर के 206 पीपीएस (प्रांतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस व्यापक स्थानांतरण सूची में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के कई सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) भी शामिल हैं, जिनकी तैनाती अब अन्य जिलों और कमिश्नरेटों में की गई है। जारी आदेश के अनुसार, ACP विदुष सक्सेना को वाराणसी से स्थानांतरित कर पुलिस उपाधीक्षक शाहजहांपुर बनाया गया है। वहीं ACP अतुल अंजान त्रिपाठी को कमिश्नरेट आगरा भेजा गया है।

इसी क्रम में ACP प्रतीक कुमार को वाराणसी से पुलिस उपाधीक्षक अयोध्या के पद पर तैनात किया गया है। जबकि राजेश कुमार सिंह, जो पहले मुख्यमंत्री सुरक्षा, लखनऊ से वाराणसी कमिश्नरेट के लिए स्थानांतरणाधीन थे, अब उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ नियुक्त किया गया है। इसके अलावा ACP (सुरक्षा) अंजनी कुमार राय को *पुलिस उपाधीक्षक, सचिवालय सुरक्षा लखनऊ तथा ACP अजय कुमार श्रीवास्तव को पुलिस उपाधीक्षक कुशीनगर के पद पर भेजा गया है। सरकार के इस बड़े प्रशासनिक कदम को पुलिस विभाग में कार्यकुशलता बढ़ाने और अनुभवी अधिकारियों की विभिन्न इकाइयों में बेहतर तैनाती सुनिश्चित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वाराणसी कमिश्नरेट से कई अधिकारियों के तबादले के बाद अब नई तैनातियों को लेकर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक, सभी स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेशभर में हुए इस बड़े फेरबदल पर पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं।

*BRICS की बैठक, पारंपरिक तरीके से हुआ स्वागत, काशी के जीआई प्रोडक्ट्स की लगाई गई प्रदर्शनी*


BRICS summit in varanasi: ब्रिक्स देशों की संस्कृति कार्य समूह (BRICS Culture Working Group) की दूसरी बैठक वाराणसी में शुरू हो चुकी है। यहां होटल ताज पहुंचे ब्रिक्स देश के सदस्यों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट से लेकर होटल ताज तक विभिन्न चौराहा पर काशी की संस्कृति की झलक दिखाने की कोशिश की और इस दौरान काफी संख्या में लोग डिलीगेट्स का स्वागत करते नजर आए। जी-20 समिट के बाद वारामसी में अब ब्रिक्स समूह की बैठक आयोजित की गई है।

*भारत कर रहा मेजबानी*
होटल ताज में गुरुवार को दो दिवसीय ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक की शुरुआत हो चुकी है। इस बैठक से पहले विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों का काशी में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने संबोधन से बैठक की शुरुआत की। दरअसल, भारत ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक की मेजबानी कर रहा है और यह आयोजन 5 और 6 जून को वाराणसी मे होटल ताज में किया जाना है।

*होटल ताज में लगाई गई प्रदर्शनी*

बताया जा रहा है कि इस बैठक में भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील और ईरान के प्रतिनिधि शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंचे हैं, जबकि इथियोपिया और मिस्त्र देश के प्रतिनिधि हाइब्रिड माध्यम से बैठक में जुड़ेंगे। वहीं, होटल ताज में मेहमानों के खास आकर्षण के लिए काशी के जीआई उत्पाद और ओडीओपी (One District one Product) उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। बताया जा रहा है कि इससे बनारस के शिल्पियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इसके साथ ही विदेशों में भी उनके खिलौने और आर्ट की डिमांड बढ़ेगी।

*एयरपोर्ट से होटल तक स्वागत*

मेहमानों का लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद खास अंदाज में स्वागत किया गया। काशी के लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसके बाद रास्ते में छात्र-छात्राओं ने भी हाथों में ब्रिक्स देशों के झंडे लिए मेहमानों का अभिनंदन किया।जिला प्रशासन ने मेहमानों के लिए खास तौर पर भारतीय संस्कृति की झलक को प्रस्तुत करने की पूरी तैयारी की हुई है। वहीं, होटल ताज में काशी की गुलाबी मीनाकारी, सिल्क उत्पाद, कालीन जैसे पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शनी लगाई गई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान विदेशी मेहमान गंगा विहार भी करेंगे और यहां की संस्कृति का भी अवलोकन करेंगे।

6/03/2026

उच्च न्यायालय के यथास्थिति आदेश के उल्लंघन का आरोप, एफआईआर दर्ज कराने की मांग

वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बराई डोमनपुर गांव निवासी सुरेश चौहान ने अपनी भूमि को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थी का कहना है कि मौजा बराई स्थित आराजी संख्या 280, 459 एवं 98 से संबंधित मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है।
सुरेश चौहान के अनुसार उक्त भूमि विवाद को लेकर माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट संख्या 17314/1999, समशेर बनाम डी.डी.सी. लंबित है, जिसमें न्यायालय द्वारा 23 अप्रैल 1999 को यथास्थिति बनाए रखने तथा क्रय-विक्रय पर रोक लगाने का आदेश पारित किया गया था।
प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद कुछ लोगों द्वारा विवादित भूमि का क्रय-विक्रय कर उसकी प्रकृति बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इससे न्यायालय के आदेश का उल्लंघन हो रहा है तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
सुरेश चौहान ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
प्रार्थी ने कहा कि विवादित भूमि शहर के निकट स्थित होने के कारण भूमाफियाओं की नजर उस पर बनी रहती है और समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।