5/15/2026

हजरत सैयद सलार मसूद गॉजी रहमतुल्लाह अलैह ('गाजी मियां') की मजार से पलंग— पीढ़ी मेदनी की जुलूस



वाराणसी के सलारपुर बड़ी बाजार स्थित हजरत सैयद सलार मसूद गॉजी रहमतुल्लाह अलैह ('गाजी मियां') की मजार से पलंग— पीढ़ी मेदनी की जुलूस (शादी का सगुन) लेकर दरगाह कमेटी के पदाधिकारी व अकीदतमंद अपने—अपने साधनों से बहराइच के लिए रवाना हो गए। जुलूस में लोग पलंग पीढ़ी का सामान सिर पर लिये थे। वहीं लोगों के हाथ में पंखे भी थे।
इसके पहले आस्ताने (दरगाह ) से सुबह आठ बजे गाजी मियां के मेदिनी व पलंग पीढ़ी का जुलूस निकला, क्षेत्रीय हजारों अकीदतमंद पुरूष,महिलाएं व बच्चे पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। दरगाह कमेटी के गद्दीनशीन हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि सलारपुर बड़ीबाजार स्थित गाजी मियां के रौजे से निकलने वाला यह जुलूस सैकड़ों वर्ष पुराना है। जुलूस चौकाघाट, मकबूल आलम रोड, पुलिस लाइन चौराहा, अर्दलीबाजार, भोजूबीर होते हुए शिवपुर पहुंचा, जहां से आस्ताने के लोग अपने साधनों से बहराइच के लिए रवाना हुए।

5/14/2026

संकट


वाराणसी: अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया।



बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के 90 निर्धारित मानकों के आधार पर वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की चिकित्सा इकाइयों की समीक्षा की गई। पूर्वांचल के प्रतिष्ठित एसपीजी डिवीजनल हॉस्पिटल ने प्रदर्शन के मामले में अग्रणी स्थान प्राप्त किया।


अपर मुख्य सचिव ने वर्तमान तेल संकट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पेट्रोल-डीजल की बचत करने तथा अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।


बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, पोषण मेला, पोषण जागरूकता अभियान और जल संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को भोजन में वसा का कम उपयोग करने और संतुलित आहार के लिए डाइटिशियन से परामर्श लेने की सलाह भी दी गई।


बैठक में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ नरेंद्र देव शर्मा, सीएमओ डॉ राजेश प्रसाद, एसएसपीजी के सीएमएस डॉ बृजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे।

काशी में शुरू हुआ ‘नो फ्यूल डे’: अब हर शनिवार बिना पेट्रोल-डीजल चलेगा नगर निगम महापौर अशोक तिवारी का बड़ा संकल्प — “तेल संकट खत्म होने तक पैदल जाऊंगा दफ्तर”

 



  • मोहम्मद रिजवान

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत अभियान का असर अब काशी में भी दिखाई देने लगा है। वाराणसी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लेते हुए हर शनिवार को ‘नो फ्यूल डे’ मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर निगम के जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पेट्रोल और डीजल से चलने वाले निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे।


नगर निगम मुख्यालय में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में पार्षदों के साथ हुई बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया। निर्णय के अनुसार अब सभी पार्षद शनिवार को निगम कार्यालय आने-जाने के लिए पैदल, साइकिल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट या इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।

बैठक में महापौर अशोक तिवारी ने खुद उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की कि जब तक तेल संकट बना रहेगा, तब तक वह अपने घर से नगर निगम कार्यालय तक का सफर पैदल तय करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विदेशी मुद्रा बचाने और ईंधन की खपत कम करने के लिए किए गए आह्वान को देखते हुए नगर निगम ने यह पहल शुरू की है।

हालांकि, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों और अन्य जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है, क्योंकि नगर निगम आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आता है।

महापौर ने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करें। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

बैठक में सुरेश चौरसिया, श्याम आसरे मौर्य, अतुल पांडेय, मदन मोहन तिवारी, इर्देश कुमार, बलराम कन्नौजिया, अशोक मौर्या, प्रवीण राय, सुरेश गुप्ता योगी, मदन मोहन दुबे सहित कई पार्षद मौजूद रहे।

5/13/2026

यातायात पुलिस के चेकिंग अभियान को लेकर उत्तर प्रदेश चालक वेलफेयर सोसाइटी ने अपना समर्थन जताया है ऐसे अवैध संगठनों और लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.


वाराणसी: बनारस में चल रहे यातायात पुलिस के चेकिंग अभियान को लेकर उत्तर प्रदेश चालक वेलफेयर सोसाइटी ने अपना समर्थन जताया है. सोसाइटी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शहर में कुछ अवैध लोग यूनियन के नाम पर अवैध रूप से गाड़ियों का संचालन करा रहे हैं, जो पूरी तरह निंदनीय है. ऐसे अवैध संगठनों और लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष जुबैर खान “बागी” और जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव ने कहा कि वाराणसी कमिश्नरेट में संचालित सभी संगठनों के पंजीकरण और दस्तावेजों की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि असली और फर्जी संगठनों की पहचान हो सके.

सोसाइटी ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशन में यातायात पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यातायात पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भीषण गर्मी, बरसात और सर्दी में लगातार मेहनत कर शहर की यातायात व्यवस्था संभालते हैं. इसके बावजूद कई चौराहों पर उनके बैठने और आराम करने की उचित व्यवस्था नहीं है.

उत्तर प्रदेश चालक वेलफेयर सोसाइटी ने मांग की कि शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस कर्मियों के लिए बूथ बनाए जाएं, ताकि ड्यूटी के दौरान उन्हें कुछ राहत मिल सके. बयान में यह भी कहा गया कि कुछ तथाकथित लोग यातायात पुलिस पर बेबुनियाद आरोप लगाकर माहौल खराब करने और गुंडागर्दी करने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे लोगों की जांच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.

इस दौरान विनोद मोनकर, मुन्ना अहमद, जावेद अहमद, दिनेश समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी स्थित मालवीय प्रतिमा चौराहे के पास नगर निगम के सफाईकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर कचरा फेंककर किया प्रदर्शन


वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब  बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी स्थित मालवीय प्रतिमा चौराहे के पास नगर निगम के सफाईकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध जताने के लिए कर्मचारियों ने सड़क पर कूड़ा बिखेर दिया, जिससे इलाके में गंदगी फैल गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि वे रोज सुबह से शाम तक पूरे शहर को साफ रखने में जुटे रहते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।कर्मचारियों का कहना है कि जहां अन्य विभागों के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जा रहा है, वहीं सफाईकर्मियों के वेतन में कटौती की जा रही है। बढ़ती महंगाई के बीच कम वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे हर मौसम में शहर की सफाई व्यवस्था संभालते हैं और नगर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

इस दौरान सफाईकर्मियों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi का जिक्र करते हुए कहा कि वह कई मौकों पर सफाईकर्मियों का सम्मान कर चुके हैं, लेकिन उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ही उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई और वेतन वृद्धि नहीं की गई, तो वे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर देंगे।

प्रदर्शन के चलते Lanka क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा और स्थानीय लोगों को गंदगी व जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।