5/06/2026

जिलों में स्मार्ट मीटर योजना के विरोध को देखते हुए सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं। प्रीपेड सिस्टम, पोस्टपेड की तरह करेंगे काम


लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में स्मार्ट मीटर योजना के विरोध को देखते हुए सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं। अब यह योजना ठंडे रास्ते में डाल दी गई है और प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदल दिया जाएगा। प्रदेश सरकार के इस कथन से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। प्रदेश में अब तक 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। लेकिन लगाने के साथ ही समस्याएं भी सामने आने लगीं। जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। सपा और आम आदमी पार्टी ने भी स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन किया।

*2027 में होने हैं विधानसभा चुनाव*

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। योगी सरकार भी अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी कर रही है। जिसमें स्मार्ट मीटर योजना बाधक बनने जा रही थी। इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हो रहा था। स्मार्ट मीटर में बैलेंस कम होते ही बिजली ऑटोमेटिक कट हो जाती थी। उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि मीटर भी तेज चल रहा है और बकाया जमा करने के बाद भी ऑटोमेटिक लाइट नहीं आती थी। इन तकनीकी खामियों को लेकर जबरदस्त विरोध हो रहा था।

*सोमवार को स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की घोषणा*

शुरुआत में स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही शिकायतों को सरकार ने राजनीति से प्रेरित बताया। लेकिन बाद में इस पर गंभीरता से मंथन हुआ, समीक्षा के लिए बैठकें की गई। इसके बाद बीते सोमवार को स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की घोषणा की गई। प्रदेश सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना को लागू करके हो रहे राजनीतिक नुकसान को नियंत्रित करना चाहती है।

*केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण स्मार्टमीटर की अनिवार्यता हटाई*

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद प्रदेश में अनिवार्य प्रीपेड प्रणाली के रूप में स्मार्ट मीटर योजना लागू की गई। पिछले डेढ़ साल से प्रदेश में बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। शुरुआत में उपभोक्ताओं ने भी सहयोग किया। लेकिन बाद में स्मार्ट मीटर में बड़ी खामियां निकल कर सामने आईं। इसके बाद केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 2026 में अधिसूचना जारी करके 'प्रीपेड मोड' की अनिवार्यता को हटा दिया।

*मानकों का पालन नहीं किया गया*

इधर प्रदेश में हो रहे विरोध को देखते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने भी समीक्षा शुरू की और बिजली कंपनियों से जवाब मांगा। ‌जिसमें माना गया कि मानकों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया और बताया गया कि स्मार्ट मीटर योजना को समाप्त नहीं किया गया है केवल अनिवार्य प्रीपेड व्यवस्था को हटाकर पोस्टपेड कर दिया गया है। अब स्मार्ट मीटर पहले की तरह ही काम करेंगे। ‌

बड़ागांव थाना क्षेत्र में मंगलवार को दहेज उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है विवाहिता को गर्म-तवे से दागा, छत से फेंकने का आरोप


वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में मंगलवार को दहेज उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है। इसमें एक विवाहिता को अतिरिक्त दहेज और चारपहिया वाहन की मांग को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप है। पीड़िता के जौनपुर निवासी पिता अजय कुमार पाण्डेय की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस को दी गई तहरीर में अजय पांडेय ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी चारू की शादी 26 फरवरी 2024 को बड़ागांव के पुवारी कला खुर्द निवासी राहुल दूबे से की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में कार की मांग को लेकर चारू को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता को कई बार पीटा गया और एक बार उसे छत से नीचे फेंकने का भी आरोप है।

पीड़िता के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। आरोप है कि उसे गर्म तवे से दागा गया और सिगरेट से जलाया जाता था। परिजनों ने यह भी बताया कि जब भी वे अपनी बेटी से मिलने ससुराल पहुंचे, उन्हें गाली देकर भगा दिया जाता था और पीड़िता का मोबाइल भी तोड़ दिया गया था।

यह मामला 1 मई को तब सामने आया जब पीड़िता के चाचा और चाची उसके ससुराल पहुंचे। उन्होंने चारू को घायल अवस्था में देखा। विरोध करने पर उन्हें भी अपमानित कर भगा दिया गया। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ससुराल पक्ष ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद बड़ागांव थाने की टीम ने हस्तक्षेप किया और पीड़िता को थाने लाकर परिजनों को सौंपा।

पीड़िता का इलाज पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में कराया गया। सिर की चोट के चलते सीटी स्कैन और अन्य जांचें की गईं। डॉक्टरों ने रीढ़ की चोट को देखते हुए एमआरआई (MRI) कराने की भी सलाह दी है।

- *" बड़ागांव के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है*

शहर में एलपीजी गैस बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। LPG बुकिंग के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड


वाराणसी: शहर में एलपीजी गैस बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महज 10 दिनों के भीतर ऐसे दो नए मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले 60 दिनों में अलग-अलग थाना क्षेत्रों और साइबर सेल में कुल 19 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

*फर्जी कॉल और लिंक से लोगों को बना रहे निशाना*

साइबर ठग गैस एजेंसी या कंपनी के नाम पर फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक भेजकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। गैस बुकिंग कंफर्म करने, सब्सिडी अपडेट या केवाईसी के बहाने लोगों से जानकारी हासिल कर उनके बैंक खातों से रकम उड़ा दी जा रही है।

पीड़ितों के अनुसार, कॉल करने वाले खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताकर पहले भरोसा जीतते हैं और फिर मोबाइल में एप डाउनलोड कराकर या लिंक के जरिए संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते ह

*19 मामलों में ठगी का प्रयास, कई लोग बच निकले*

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 19 शिकायतों में कई लोगों के साथ ठगी की कोशिश की गई, लेकिन समय रहते सतर्क रहने से वे नुकसान से बच गए और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

*दो मामलों में हजारों रुपये की ठगी*

लोहता निवासी निजामुद्दीन खान को 14 अप्रैल को अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने गैस बुकिंग अपडेट का झांसा देकर एक लिंक भेजा। लिंक पर जानकारी भरते ही उनके खाते से करीब 12 हजार रुपये निकल गए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर काशी विश्वनाथ एवं बाबा कालभैरव का किया दर्शन-पूजन किया

  
 वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी आए और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं बाबा कालभैरव मंदिर जाकर विधिवत् दर्शन पूजन किया। मुख्यमंत्री बड़ा लालपुर स्थित चांदमारी निवासी राजीव कृष्ण के आवास पर गए। जहां आयोजित शादी के अवसर पर उन्होंने परिवार जनों को बधाई दी। 

इस अवसर पर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

5/05/2026

बारिश से ठंडी हुई काशी, मौसम विभाग ने अगले 3 दिन जारी किया अलर्ट


वाराणसी :- धर्म नगरी काशी में सोमवार की शाम मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली। चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान लोगों को उस समय राहत मिली, जब शहर और ग्रामीण इलाकों में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ हुई तेज बारिश ने शहर की फिजा बदल दी और पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई।

वाराणसी में पिछले छह दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब बारिश हुई है। इससे पहले 29 अप्रैल को आई भीषण आंधी और बारिश ने गर्मी के तेवर नरम कर दिए थे। तब से ही नम पुरवा हवाओं और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सोमवार सुबह से ही धूप का असर कम था और हवा में नमी बनी हुई थी।

शाम करीब 6:30 बजे अचानक तेज आंधी शुरू हुई, जिसके बाद शहर के प्रमुख इलाकों जैसे लहुराबीर, सिगरा, महमूरगंज, नदेसर, चौकाघाट, लहरतारा, मंडुवाडीह और लंका में हल्की से तेज बारिश का दौर चला। करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर हुई इस बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।

बीएचयू के प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वायुमंडल में नमी और स्थानीय सिस्टम के सक्रिय होने के कारण अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आने वाले 72 घंटों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।