5/09/2026

करोड़ों की धोखाधड़ी कर युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला आरोपी गिरफ्तार


थाना कैंट पुलिस ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर एक युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सूरज कुमार (32) निवासी इंद्रा चौक, बेतिया (पश्चिमी चंपारण, बिहार) को मंगलवार दोपहर फुलवरिया क्षेत्र स्थित डीएम कंपाउंड के पास से गिरफ्तार किया गया।मामला 16 अप्रैल 2026 का है, जब वादिनी ने थाना कैंट में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बहन को आरोपीगण द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली। इस संबंध में सूरज कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि मामले में एक अन्य आरोपी विष्णु जायसवाल को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।इस कार्रवाई में थाना कैंट प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र के नेतृत्व में उपनिरीक्षक शान्तनु मिश्रा आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से इस बार समय से अधिकतम विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिल सकी है। स्कॉलरशिप सीधे छात्रों के खातों में भेजी गई है।


वाराणसी। नैक से 'ए' ग्रेड मिलने के बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अब यूपी कॉलेज के छात्रों को भी मिलने लगा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कॉलेज के सामान्य, ओबीसी, एससी-एसटी और माइनॉरिटी वर्ग के कुल 3813 विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि भेजी जा चुकी है।यह राशि लगभग 3.48 करोड़ रुपये है। इसे कॉलेज के लिए रिकॉर्ड बताया जा रहा है। कॉलेज के स्कॉलरशिप विभाग के अनुसार सत्र 2025-26 में आवेदन करने वाले 86 प्रतिशत विद्यार्थियों को अब तक स्कॉलरशिप प्राप्त हो चुकी है। 170 छात्र ऐसे हैं, जिनके बैंक खाते आधार से लिंक न होने या नाम में त्रुटि के कारण उनकी छात्रवृत्ति रुकी हुई है, जिसे अगली किस्त में जारी किए जाने की संभावना है। कॉलेज से अग्रसारित कुल 4430 आवेदनों में 3813 को छात्रवृत्ति मिल गई है, जबकि विभागों से 447 आवेदन खारिज कर दिए गए.

*छात्रवृत्ति वितरण*

आंकड़ों को देखें तो कॉलेज को सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए समाज कल्याण विभाग से 1 करोड़ 25 लाख 15 हजार 67 रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है। वहीं, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से ओबीसी छात्रों के लिए 1 करोड़ 86 लाख 44 हजार 415 रुपये जारी किए गए हैं। एससीएसटी और माइनॉरिटी वर्ग के छात्रों को 37.20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिली है। इस प्रकार सभी वर्गों के छात्रों को कुल 3 करोड़ 48 लाख 79 हजार 509 रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है।

*मुख्यमंत्री का बयान*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से इस बार समय से अधिकतम विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिल सकी है। स्कॉलरशिप सीधे छात्रों के खातों में भेजी गई है। महाविद्यालय का स्टाफ विद्यार्थियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहता है।

एसीपी विदुष सक्सेना के निर्देशन में गठित टीम ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी दस्तावेजों के दम पर कराते थे जमानत


वाराणसी। फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न मुकदमों में आरोपियों की जमानत कराने वाले गिरोह का वाराणसी साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

 एसीपी विदुष सक्सेना के निर्देशन में गठित टीम ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, प्रधान के लेटर पैड और यहां तक कि थाना मुगलसराय की फर्जी मोहर लगे लेटर पैड का इस्तेमाल कर अलग-अलग मुकदमों में जमानत कराने का काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक इन आरोपियों ने कितने लोगों की फर्जी जमानत कराई है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। साइबर थाना पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Banaras Hindu University मालवीय जी की प्रतिमा पर जूता पहनकर माल्यार्पण का मामला, सोशल मीडिया पर उठे सवाल


वाराणसी। बनारस   हिन्दू यूनिवर्सिटी  के उडप्पा सभागार में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह के दौरान एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में आईएमएस बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर राकेश चंद्र वर्मा जूता पहनकर महामना मदन मोहन मालवीया की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि समारोह में कई शिक्षाविद, छात्र और गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य महाराणा प्रताप जयंती को श्रद्धापूर्वक मनाना था, लेकिन मालवीय जी की प्रतिमा पर जूता पहनकर माल्यार्पण करने की तस्वीर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

कई लोगों का कहना है कि महामना मालवीय जी केवल बीएचयू के संस्थापक ही नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा और संस्कृति के महान प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमा के सामने मर्यादा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था। लोगों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर बैठे शिक्षकों और अधिकारियों को अपने आचरण से समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य था या अनजाने में हुई गलती, इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर कई छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।

हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन या संबंधित प्रोफेसर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक और सांस्कृतिक आयोजनों में परंपराओं और सम्मानजनक व्यवहार का पालन कितना आवश्यक है।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और शैक्षणिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

वाराणसी राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय। चालू वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया



वाराणसी। चालू वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोक अदालत भारत के संबंध में कोई नया विषय नहीं है। लोग आदिकाल से ही पंचायत व्यवस्था या इससे पूर्व की व्यवस्थाओं में, आपसी बातचीत व परस्पर सामंजस्य से समझौते तक पहुंचते का प्रयास करते रहें हैं। 

*सन्1987 के अधिनियम के द्वारा हमारी उसी व्यवस्था को विधिक पहचान दे दी गयी।*

 जिला जज संजीव शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा माध्यम बनकर उभरा है, जिससे हम अपना समय गवायें बिना गंभीर से गंभीर मामलों में निस्तारण तक पहुंच सकते हैं। पारिवारिक मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार समाज की ईकाई है, ऐसी स्थिति में न्यायालय की भूमिका पारिवारिक समरसता बनाने के परिप्रेक्ष्य में बहुत महत्वपूर्ण है। जिला जज ने कहा कि न्यायालय का कार्य वास्तव में परिवारों को जोड़ना है न कि तोड़ना
है  राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय से कुल 33807 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें कुल मिलाकर 2,96,86,619.81 मात्र धनराशि की बसूली की गयी तथा प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा कुल 438354 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमे

 रू-17,52,54,475.00 मात्र की धनराशि की वसूली हेतु समझौता हुआ। न्यायालय तथा प्रशासन के सभी विभागों से कुल मिलाकर 4,72,161 वादों का निस्तारण हुआ जिसमें कुल रू0-20,49,41,094.81 मात्र का वसूली किया गया।

 कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय- अनिरूद्ध कुमार तिवारी, पीठासीन अधिकारी, मोटर दावा एवं दावा अधिकरण-रामकेश, बनारस बार के अध्यक्ष-विनोद कुमार शुक्ला व सेन्ट्रल बार के अध्यक्ष- प्रेम प्रकाश गौतम एवं अपर जिला जज/राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी (न्यायिक)-आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी/राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी (प्रशासनिक )-अजीत कुमार, यूनियन बैंक के एलडीएम-अविनाश अग्रवाल व राजीव मुकुल पाण्डेय पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया के जी०एम०-बी०एन० सिंह तथा सभी न्यायिक अधिकारीगण व बैंक के कर्मचारीगण उपस्थित रहें।