5/29/2026

कालोनी में खेल रहे बच्चे को बाहरी कुत्ते ने काटा, इंजेक्शन लगवाने पहुंचे परिजन, धमकी से परिवार परेशान

 


वाराणसी के हुकुलगंज तिराहा स्थित गीतानगर कालोनी निवासी अंश यादव (13 वर्ष) पुत्र किशन यादव को शुक्रवार सुबह उस समय एक बाहरी आवारा कुत्ते ने काट लिया, जब वह कालोनी में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। बताया जा रहा है कि कुत्ते ने अचानक अंश के हाथ पर हमला कर दिया, जिससे बच्चा जोर-जोर से रोने लगा।बच्चे की आवाज सुनकर पहुंचे पिता किशन यादव ने बेटे को बचाने के लिए कुत्ते को डंडे से मारकर भगाने का प्रयास किया। परिजनों के अनुसार, कुछ देर बाद कुत्ते की मौत हो गई। इसके बाद अंश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया।परिजनों का आरोप है कि कालोनी निवासी प्रकाश आर्या नामक व्यक्ति ने उल्टा पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने कहा कि “अगर कुत्ता काटा था तो बच्चे को इंजेक्शन लगवाना चाहिए था, कुत्ते को क्यों मारा”, और इसी बात को लेकर 112 नंबर पर फोन कर दिया, जिससे पहले से परेशान परिवार और मानसिक दबाव में आ गया।पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और अनावश्यक दबाव से राहत दिलाने की मांग की है।

मनीष सिंह हत्याकांड पर गरजा प्रशासन! DM-CP से मिली पत्नी, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर एक्शन के संकेत से मचा हड़कंप


वाराणसी। मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर वाराणसी में माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। समर्थकों और करनी सेना के बढ़ते आक्रोश के बीच शुक्रवार को जिला मुख्यालय और कचहरी परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स समेत भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई और आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी गई।

इसी बीच मृतक मनीष सिंह के परिजनों ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें तो आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। राजस्व विभाग की ओर से कई आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा किए जाने की चर्चा भी तेज है।

उधर, करनी सेना द्वारा संभावित विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए कई नेताओं को नजरबंद किए जाने की चर्चाएं भी दिनभर चलती रहीं। जानकारी के मुताबिक लखनऊ में करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश रघुवंशी को हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार किया है।

कचहरी परिसर में भारी फोर्स की मौजूदगी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार होने और सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। अधिकारियों के अनुसार कचहरी पहले से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और वहां नियमित तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू रहती है। पुलिस का कहना है कि इस तैनाती का मनीष सिंह हत्याकांड से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है।

फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही है।

CM Yogi Relief Operation : यूपी में आंधी-बारिश का कहर, सीएम योगी ने राहत और मुआवजे के दिए सख्त आदेश



 UP: उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम ने ऐसा विकराल रूप दिखाया कि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने प्रदेशभर में भारी तबाही मचाई है। मऊ, लखनऊ, चित्रकूट समेत कई जिलों में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, मकानों की छतें उड़ गईं और खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। वहीं आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं।

प्रदेश में आई इस प्राकृतिक आपदा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हालात की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रभावित लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए।

*कई जिलों में तबाही का मंजर*

भीषण आंधी और तेज बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हालात बेहद खराब हो गए। राजधानी लखनऊ में देर रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई इलाकों में पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं और बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही।

मऊ जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने सबसे अधिक दहशत पैदा की। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे कई लोग इसकी चपेट में आ गए। चित्रकूट में भी तेज तूफान के चलते कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कई गांवों में टिन शेड और छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भारी बारिश और तूफान के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासनिक टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

*मुख्यमंत्री योगी ने जताया दुख*

प्राकृतिक आपदा से हुई मौतों और नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मृतकों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि हर हाल में अगले 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए। 

उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ कार्य करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल को इलाज में परेशानी न हो।

*युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य*

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सभी जिलों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। जहां पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से रास्ते बंद हो गए थे, वहां जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों की मदद से रास्ते साफ किए जा रहे हैं। कई जिलों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम पूरी रात चलता रहा। ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

*किसानों पर टूटा मौसम का कहर*

इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें तेज हवा और ओलावृष्टि से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई किसानों ने बताया कि गेहूं और दलहन की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और किसानों को शासन की नीति के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुट गई हैं। किसानों का कहना है कि पहले ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से परेशान थे, अब इस आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

*आकाशीय बिजली बनी मौत का कारण*

प्रदेश में कई जगह आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में रहना बेहद खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान घरों में सुरक्षित रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को सतर्क किया जा रहा है।मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी कुछ जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन की चिंता बनी हुई है।

*संवेदनशीलता और सख्ती दोनों का संदेश*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी आपदा को लेकर जहां संवेदनशीलता दिखाई है, वहीं अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर स्पष्ट कर दिया है कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में मौजूद रहें और प्रभावित लोगों तक हर जरूरी सहायता समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट ले रहे हैं।

*लोगों से सतर्क रहने की अपील*

प्रदेश सरकार और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। मौसम विभाग का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में जुटा हुआ है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पीड़ित को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रदेशभर में लोग अब मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।

नवनियुक्त भाजपा जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल को दी बधाई, आवास पर उमड़े कार्यकर्ता


*ढोल नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत, पूर्व प्रधान मनोज सिंह ने दिया पुष्प गुच्छ*

*वाराणसी:* भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल को शुक्रवार को उनके निज आवास पर कार्यकर्ताओं व नेताओं ने बधाई दी। प्रधानमंत्री के आदर्श गांव ककरहिया के पूर्व प्रधान एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज सिंह ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। 
इस दौरान जिलाध्यक्ष के आवास पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। ढोल नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया और मिठाई खिलाकर खुशी जताई। 
*पूर्व प्रधान मनोज सिंह* ने कहा कि राम सकल पटेल जमीनी कार्यकर्ता हैं और बूथ स्तर तक संगठन की नब्ज पहचानते हैं। उनके नेतृत्व में वाराणसी में भाजपा का संगठन और मजबूत होगा तथा प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान बढ़ेगा। हम सब मिलकर 2027 के लिए अभी से जुट जाएंगे।
वहीं *भाजपा पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री भानू शंकर पटेल* ने कहा कि जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल के अनुभव का लाभ पूरे जिले के पिछड़े वर्ग को मिलेगा। उनके मार्गदर्शन में संगठन गांव-गांव तक पहुंचेगा और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक ले जाने का काम तेज होगा। हम सभी कार्यकर्ता उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। प्रमोद पटेल, विपिन पांडेय, आलोक पांडेय सहित तमाम भाजपा नेताओं ने राम सकल पटेल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। नेताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा।

सफर हुआ महंगा किराया बढ़ते ही यात्रियों को झटका!टूरिज्म संगठन ने सरकार की टैक्स नीति को ठहराया जिम्मेदार


वाराणसी।बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम और प्रदेश सरकार की नई वन टाइम टैक्स नीति के विरोध के बीच वाराणसी में टैक्सी किराए में बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। वाराणसी टूरिज्म संगठन ने विभिन्न श्रेणी की टैक्सी गाड़ियों के किराए में 2 रुपये प्रति किलोमीटर तक वृद्धि करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा आर्थिक हालात में टैक्सी संचालकों के लिए पुराने किराए पर संचालन करना संभव नहीं रह गया था।

वाराणसी टूरिज्म संगठन के अध्यक्ष प्रणय रंजन सिंह ने बताया कि टैक्सी संचालक लंबे समय से महंगाई की मार झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग आठ वर्षों बाद किराए में संशोधन किया गया है। इससे पहले वर्ष 2018 में किराया बढ़ाया गया था, लेकिन उसके तुरंत बाद कोविड महामारी के कारण दो वर्षों तक टै्सियां लगभग बंद रहीं, जिससे संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और यहां पर्यटन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। बावजूद इसके टैक्सी संचालकों को राहत नहीं मिल सकी। संगठन के मुताबिक अयोध्या समेत प्रदेश के कई जिलों में पहले ही किराया बढ़ाया जा चुका है, इसलिए वाराणसी में भी यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।

*जानिए नया किराया*

*• स्विफ्ट डिजायर :* 11 रुपये से बढ़कर 13 रुपये प्रति किलोमीटर

*• अर्टिगा :* 14 रुपये से बढ़कर 16 रुपये प्रति किलोमीटर

*• इनोवा क्रिस्टा :* 18 रुपये से बढ़कर 20 रुपये प्रति किलोमीटर

*• टेंपो ट्रैवलर :* 28 रुपये से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलोमीटर

*• अन्य बड़ी गाड़ियां :* 35 रुपये प्रति किलोमीटर तय

संगठन ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम रनिंग किलोमीटर की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले की तरह लोकल यात्रा के लिए प्रतिदिन 200 किलोमीटर और आउटस्टेशन यात्रा के लिए 250 किलोमीटर की बिलिंग लागू रहेगी।

*वन टाइम टैक्स नीति पर फूटा गुस्सा*

प्रणय रंजन सिंह ने प्रदेश सरकार की नई वन टाइम टैक्स नीति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने नई और पुरानी सभी टैक्सी गाड़ियों पर एक साथ 15 वर्षों का रोड टैक्स जमा करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे टैक्सी संचालकों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 3 से 4 वर्ष पुरानी गाड़ियों पर भी तत्काल 1 से 2 लाख रुपये तक टैक्स जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। संगठन का कहना है कि एकमुश्त इतनी बड़ी रकम जमा करना अधिकांश टैक्सी मालिकों के लिए संभव नहीं है।

टूरिज्म संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस नीति पर जल्द पुनर्विचार नहीं किया तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।