वाराणसी। बदलते बनारस में विकास, संस्कृति और अध्यात्म का एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। वाराणसी नगर निगम शहर के मध्य में 20 एकड़ क्षेत्र में एक भव्य आध्यात्मिक एवं सामुदायिक पार्क विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना का मुख्य आकर्षण 130 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग होगा, जो उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में स्थापित किया जाएगा।
करीब 104 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाली इस परियोजना का उद्देश्य काशी की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ना है। पार्क को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यह शहर की नई पहचान बन सके।
विशाल शिवलिंग के चारों ओर आकर्षक पाथवे, घनी हरियाली और अत्याधुनिक लाइट एवं लेजर शो की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां आध्यात्मिक अनुभव के साथ आधुनिक सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।
परियोजना के तहत बच्चों के लिए हाईटेक झूले, ओपन आर्ट गैलरी, गजीबो, आधुनिक फूड कोर्ट और मनोरंजन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं काशी की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए विशेष आर्ट गैलरी बनाई जाएगी, जहां बनारस के प्रसिद्ध संगीतकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी।
स्थानीय हस्तशिल्प और बनारसी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को नया मंच मिलेगा।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के अनुसार पार्क में देशी-विदेशी फूलों की विशेष बगिया विकसित की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य और प्रकृति प्रेमियों के लिए 1000 मीटर लंबा वॉक-वे भी बनाया जाएगा।
यह परियोजना भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की लगभग 20 एकड़ खाली भूमि पर विकसित की जाएगी। नगर निगम के अनुसार परियोजना को शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
काशी की आध्यात्मिक पहचान और आधुनिक विकास को एक साथ प्रस्तुत करने वाली यह परियोजना भविष्य में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकती है।