वाराणसी :- भीषण गर्मी वाले मई महीने की शुरुआत फरवरी के मौसम जैसी हुई। बादल और प्रदूषण का स्तर घटने से धूप चमकीली हो गई, फिर भी शुक्रवार को पारा 33.8 डिग्री के पार नहीं जा सका। यह सामान्य से भी 6.6 डिग्री तक नीचे रहा। जबकि पिछले पांच साल में मई की शुरुआत 36 डिग्री से लेकर 44 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हुई।
काशी का न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को बारिश का सिलसिला थमते ही काशी की हवा में करीब 71 अंकों का सुधार आ गया और एक्यूआई 119 से घटकर 48 यानी येलो जोन से ग्रीन जोन में आ गया। मौसम साफ होने से धूप की तीव्रता तो बढ़ी, मगर धरती ठंडी होने के चलते तापमान बहुत ऊपर नहीं जा सका।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चार मई से प्रदेश में आंधी और तूफान के साथ बारिश होने की संभावना बन गई है। इसकी चेतावनी भी जारी कर दी गई है। इसके चलते तापमान में 6 से 8 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। वहीं मई के शुरुआती 10 दिनों तक लू चलने की संभावना न के बराबर है।
*लू सामान्य से ज्यादा दिनों तक चल सकती है*
डॉ. सिंह ने बताया कि मई में प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से ज्यादा रहने के आसार हैं, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य रहने की संभावना है। मई के दौरान प्रदेश के पूर्वी, मध्यवर्ती, तराई और दक्षिणी भाग में औसत मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि अप्रैल के शुरुआती और अंतिम चरण में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते चार दिन तक ओलावृष्टि और बारिश हुई। यह बारिश अप्रैल के मासिक औसत से भी ज्यादा रही। काशी में अप्रैल में बारिश का औसत 6.2 मिमी है, जबकि इस बार तीन बार मिलाकर 30 मिमी तक बरसात हो चुकी है।
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