मोहर्रम का चाँद नजर आने के साथ ही इस्लामी कैलेंडर के नए साल 1448 हिजरी की शुरुआत हो गई। चाँद दिखने की पुष्टि के बाद मुस्लिम समुदाय में नए हिजरी वर्ष का स्वागत किया गया। इसके साथ ही मोहर्रम माह की शुरुआत हो गई है, जिसे इस्लाम में बेहद सम्मान और महत्व का महीना माना जाता है।
मोहर्रम इस्लामी वर्ष का पहला महीना है। इसी महीने की 10 तारीख को यौमे आशूरा मनाया जाता है, जो हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। मोहर्रम के दौरान विभिन्न स्थानों पर मजलिस, जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
चाँद नजर आने के बाद मस्जिदों और इमामबाड़ों में नए हिजरी साल की मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। उलेमा ने लोगों से नए साल की शुरुआत अमन, भाईचारे और इंसानियत के संदेश के साथ करने की अपील की।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को हिजरी नववर्ष की बधाई देते हुए देश और दुनिया में शांति, खुशहाली और तरक्की की दुआ की।
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