वाराणसी :- प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली कर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चेतगंज थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को चौकाघाट स्थित लकड़ी मंडी क्षेत्र से पकड़ा गया। उनके पास से कई फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र और परीक्षा से जुड़े संदिग्ध कागजात बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मधेपुरा निवासी दौलत कुमार और सुपौल निवासी नितीश कुमार के रूप में हुई है। नितीश कुमार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ में सामने आया कि दोनों मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देते थे और इसके बदले लाखों रुपये वसूलते थे।
जांच में पता चला कि गिरोह असली परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर को परीक्षा केंद्रों में बैठाने की व्यवस्था करता था। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड, एडिट किए गए प्रवेश पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे ताकि पहचान सत्यापन के दौरान किसी को शक न हो। पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों से इस नेटवर्क के कई और सदस्यों के बारे में अहम सुराग मिले हैं।
4 जून को खुला था फर्जीवाड़े का राज
दरअसल, 4 जून को आयोजित टीजीटी परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक परीक्षा केंद्र से दूसरे व्यक्ति की जगह परीक्षा दे रहे सॉल्वर को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच के आधार पर पुलिस लगातार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में यह कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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