वाराणसी में पुरुषोत्तम मास के दौरान भीषण गर्मी के बावजूद आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लगभग 41 डिग्री तापमान में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। प्रमुख देवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और गर्मी से बचाव के लिए प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी भी जारी की है।
पुरुषोत्तम मास में रविवार को काशी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 41 डिग्री सेल्सियस की तपती धूप के बावजूद मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख देवालयों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। एक दिन में काशी में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मंदिरों में हाजिरी लगाई।
*काशी विश्वनाथ मंदिर,*
कालभैरव, अन्नपूर्णा मंदिर, विशालाक्षी, गौरी केदारेश्वर मंदिर और दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पुरुषोत्तम मास और रविवार की छुट्टी के कारण यह भीड़ मंदिरों से लेकर पर्यटन स्थलों तक फैली हुई थी। विश्वनाथ मंदिर में ललिता घाट के रास्ते सीढ़ियों पर भी लोग कतारबद्ध नजर आए।
कालभैरव मंदिर में श्रद्धालु 200 मीटर तक लंबी लाइन में लगे रहे। अत्यधिक भीड़ होने पर कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं को चौखंभा के रास्ते भी दर्शन कराए गए। शाम के समय गंगा आरती के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। नमो घाट भी शाम को पर्यटकों से खचाखच भरा रहा।
पिछले दिनों विश्वनाथ मंदिर में दर्शन की कतार में खड़े एक श्रद्धालु की गर्मी से तबीयत खराब हो गई थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना को देखते हुए चिकित्सकों ने श्रद्धालुओं से गर्मी में एहतियात बरतने की अपील की है। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. बृजेश कुमार ने कहा कि सेहत का ध्यान रखते हुए ही मंदिरों में दर्शन-पूजन करें। श्रद्धालुओं को पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
*श्रद्धालुओं के लिए सलाह*
शरीर में पानी की कमी न होने दें, प्यास लगने का इंतजार न करें। अपने साथ पानी की बोतल हमेशा रखें।
धूप में पानी में थोड़ा नमक-चीनी या ओआरएस का घोल मिलाकर पिएं।
दर्शन के लिए जाते समय हल्के रंग के, ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें। इससे शरीर को हवा मिलती रहती है।
सिर को ढकने के लिए गमछा, टोपी या छाते का इस्तेमाल करें। आंखों के बचाव के लिए सनग्लासेस (धूप का चश्मा) पहनें।
दोपहर की धूप से बचें। कोशिश करें कि मंदिरों में दर्शन सुबह जल्दी या शाम को करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच की तेज धूप में लाइन में खड़े होने से बचें।
दर्शन के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ सकता है, इसलिए खाली पेट घर से न निकलें।
गर्मी में बाहर का कटा हुआ फल या खुला हुआ खाना खाने से बचें, इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
यदि आप बीपी, शुगर या किसी अन्य बीमारी के मरीज हैं, तो अपनी नियमित दवाएं समय पर लें और उन्हें साथ रखना न भूलें।
*लक्षणों को पहचानें*
अगर चक्कर आने, अत्यधिक थकान, घबराहट या बहुत ज्यादा पसीना आने जैसी स्थिति बने तो तुरंत किसी छायादार जगह पर बैठ जाएं। पानी पीएं और जरूरत पड़ने पर नजदीकी मेडिकल कैंप या डॉक्टर से संपर्क करें।
No comments:
Post a Comment