6/06/2026

इंस्टाग्राम का विज्ञापन बना जाल! वाराणसी के कारोबारी से लाखों की ठगी, 'कस्टम विभाग' का डर दिखाकर साइबर गिरोह ने लगाया चूना


वाराणसी। सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा करना अब भारी पड़ सकता है। वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र में एक कारोबारी को इंस्टाग्राम पर गारमेंट्स का विज्ञापन देखना इतना महंगा पड़ गया कि साइबर ठगों ने उसे लाखों रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने पहले ऑर्डर, फिर रिफंड और आखिर में कस्टम विभाग का डर दिखाकर शातिर तरीके से रकम ऐंठ ली।

*इंस्टाग्राम पर दिखा विज्ञापन, शुरू हुआ ठगी का खेल*

राजातालाब निवासी और मूल रूप से कानपुर देहात के रहने वाले *कारोबारी सर्वेश कुमार* ने इंस्टाग्राम पर *"कबीर गारमेंट्स"* का विज्ञापन देखा। बेहतर व्यापारिक लाभ की उम्मीद में उन्होंने कंपनी से संपर्क कर माल का ऑर्डर दे दिया। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह पूरा नेटवर्क साइबर ठगों का है।

*पहले ऑर्डर, फिर अतिरिक्त माल और रिफंड का झांसा*

ठगों ने सबसे पहले ऑर्डर बुकिंग के नाम पर 32,600 रुपये जमा कराए। दो दिन बाद फोन कर बताया कि गलती से 58 हजार रुपये का माल भेज दिया गया है, इसलिए अतिरिक्त राशि और डिलीवरी शुल्क के नाम पर 26,400 रुपयेऔर मांग लिए।

इसके बाद ठगों ने नया खेल खेला। उन्होंने कहा कि पुराना ऑर्डर ही भेजा गया है और अतिरिक्त राशि वापस की जाएगी। कारोबारी के खाते में 39 हजार रुपये भेजे गए, लेकिन कुछ देर बाद फोन कर कहा गया कि गलती से 35 हजार रुपये ज्यादा ट्रांसफर हो गए हैं। ईमानदारी दिखाते हुए सर्वेश ने वह रकम वापस कर दी।

 *कस्टम विभाग' का डर दिखाकर मांगे 70 हजार रुपये*

जब कई दिनों तक माल नहीं पहुंचा तो ठगों ने अपना आखिरी दांव चला। फोन कर कहा गया कि उनका सामान कस्टम विभाग में फंस गया हैऔर उसे छुड़ाने के लिए 70 हजार रुपये की पेनाल्टी जमा करनी होगी। बार-बार पैसे मांगने पर कारोबारी को शक हुआ और तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं।

 *साइबर थाने में मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस*

पीड़ित की शिकायत पर वाराणसी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

*सावधान! सोशल मीडिया के विज्ञापनों पर भरोसा करने से पहले करें जांच*

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलने वाले फर्जी विज्ञापनों के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। किसी भी ऑनलाइन ऑर्डर से पहले कंपनी की वैधता, वेबसाइट, जीएसटी नंबर और ग्राहक समीक्षा की जांच जरूर करें।

*"एक क्लिक का लालच, लाखों का नुकसान बन सकता है!"*

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