वाराणसी। दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के तहत 187 मकानों में से 65 मकानों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा नोटिस चस्पा किए जाने के बाद गुरुवार को नौ भवन स्वामी वीडीए कार्यालय पहुंचे। इन भवन स्वामियों ने अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मकान काफी पुराना है और उनका नक्शा पास नहीं है। इस मुद्दे पर नगर निगम के अधिकारियों और भवन स्वामियों के बीच बहस भी हुई, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका, जिसके बाद भवन स्वामी वापस लौट गए।
वीडीय का कहना है कि यदि भवन स्वामियों ने एक सप्ताह के भीतर अपने मकान का नक्शा प्रस्तुत नहीं किया, तो ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 187 में से 47 मकानों की रजिस्ट्री कर दी है और 33 करोड़ रुपये का मुआवजा भी बांट चुका है। इनमें से 15 मकान पहले ही जमींदोज हो चुके हैं, जबकि शेष मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया जारी है।
दालमंडी की सड़क को चौक थाने तक 17.5 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस कार्य में देरी और प्रगति की संतोषजनक स्थिति न होने पर शासन ने नाराजगी जताई है, जिसके बाद जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और वीडीए सक्रिय हो गए हैं। विकास प्राधिकरण ने आनन-फानन में दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए 65 मकानों पर नोटिस चस्पा किया और भवन स्वामियों को स्वीकृत मानचित्र लेकर कार्यालय बुलाया।
जिन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें डा. अकबर अली, गुलाम रजा, काजिम रजा, मासूम रजा, प्यारे हसन, सेक्रेटरी अंजुमन मस्लिम मुसाफिरखाना, वाफ मोहम्मद अली असगर, जौनत बीबी, और सविविल्लाह मौसमा शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि बरसात से पहले चौड़ीकरण की जद में आए मकानों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है। वीडीए ने 65 मकानों पर नोटिस चस्पा करने के साथ-साथ भवन स्वामियों से नक्शा पास करने की मांग की है।
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