वाराणसी: बीएचयू से संचालित सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) की कक्षा 11 प्रवेश परीक्षा के दौरान शुक्रवार को घोर अनियमितता सामने आई है. परीक्षा के दौरान एक ही रोल नंबर पर दो अलग-अलग अभ्यर्थियों के शामिल होने की पुष्टि ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना जांच पडताल के दो नाबालिग छात्रों को लंका थाने के हवाले कर दिया.
*परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल*
बताया जा रहा है कि उज्जवल कुमार के रोल नंबर पर कोई अन्य परीक्षा दे रहा था. इसी तरह दिव्यांशु सोनकर पुत्र रामजी सोनकर के नाम पर भी एक अलग छात्र परीक्षा केंद्र में बैठा मिला. इस खुलासे के बाद परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्ध छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई. उज्जवल के पिता मुन्ना ने बताया कि जब उनका पुत्र परीक्षा देने अपनी सीट पर गया तो वहां उसके रोल नंबर पर एक छात्रा बैठी थी. उसका भी रोल नंबर वहीं था जो उनके पुत्र का है. इसके बाद उसे फर्जी घोषित कर दिया और परीक्षा से बाहर कर दिया गया. उनके पुत्र का स्वास्थ्य समस्या भी है.
*मामले की जांच में जुटी पुलिस*
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों छात्रों को लंका थाने भेज दिया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गड़बड़ी संगठित स्तर पर हुई है या व्यक्तिगत स्तर की धोखाधड़ी है. घटना की सूचना मिलते ही अभिभावक थाने पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि यदि परीक्षा केंद्र पर पहचान और दस्तावेजों का सही तरीके से सत्यापन किया गया होता, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती.
परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रभावित छात्रों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करने की मांग की है. वहीं बीएचयू प्रशासन का कहना है कि इस मामले को लेकर बैठक की जा रही है, बाद में इस बारे में जानकारी दी जाएगी.
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