चन्दौली: मख़दूमाबाद लौंदा स्थित हज़रत मख़दूम सदरुद्दीन चिरागे हिन्द ज़फ़राबादी (रहमतुल्लाह अलैहि) की कोट पर शनिवार को 652वाँ उर्स-ए-पाक अक़ीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। 'जश्ने चिरागां' के इस मुबारक मौके पर भारी संख्या में अक़ीदतमंदों ने शिरकत की।
अंजुमने मख़दूम चिरागे हिन्द के सरपरस्ती में मुनअक़िद प्रोग्राम की शुरुआत सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरान खानी से हुई। इसके बाद मगरीब की नमाज के उपरांत 150 चिरागां से रोशन किए गए, जहाँ हाफ़िज़ नवाज़ सईदी ने फातिहा और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी। ईशा की नमाज के बाद 'जश्ने ईद मिलादुन्नबी' (सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम) का शानदार आयोजन किया गया।
मजहबी जलसे में देश के विभिन्न हिस्सों से आए उलेमा और शायरों ने शिरकत की जिसमे सदारत मौलाना नवाज़ अहमद सईदी (बड़सरा, ग़ाज़ीपुर), निज़ामत हज़रत मौलाना ग़ुलाम वारिस (बलिया) "मुकर्रिर-ए-ख़ुसूसी" ख़तीबुलहिंद हज़रत मौलाना हाफ़िज़ व क़ारी मोहम्मद फ़ारूक़ खां नक्शबंदी (अदरी, मऊ), नातिया कलाम बुलबुले बाग़े मदीना क़ारी बेलाल रिज़वी (बलिया), हाफ़िज़ व क़ारी मुहम्मद अहमद अशहर (मुबारकपुर, आजमगढ़) और मोहम्मद शाहिद रज़ा क़ादरी रहे। सभी मेहमानों का फूल-मालाओं और साफे के साथ गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया।
अंजुमने मख़दूम चिरागे हिन्द के सरपरस्ती में मुनअक़िद इस प्रोग्राम में मुख्य रूप से नदीम अहमद साबरी, ख़ुर्शीद प्रधान, हाजी अंसार अहमद, फ़िरोज़ अहमद एडवोकेट, हाजी रियाजुद्दीन अज्जू, वसीम मिल्की मोहम्मद इंसाफ़, फरहान अहमद, फ़ैज़ान अहमद, हाजी नूरुल हक़, अशरफ़ ज़माल राजू, अब्दुल कुद्दुस, डॉ तारीक अली, अज़ीम अहमद पिंटू, कमेटी के सदर हाजी एहतेशाम अली, नायब सदर मोजिब अहमद मिल्की, मोहम्मद आज़म, सेकेट्री सारिक अली और ख़ज़ांची साक़िब समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जायरीन मौजूद रहे।
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