वाराणसी। बीएचयू के मधुबन पार्क में पिछले कई दिनों से धरना दे रहे संविदा कर्मचारियों से मिलने के लिए शनिवार को पुलिस की एक टीम पहुंची। पुलिस ने धरना स्थल पर जाकर कर्मचारियों से बातचीत की और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए धरना समाप्त करने की अपील की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने भी इस धरने का समर्थन किया था। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कर्मचारियों को चेतावनी दी थी कि वे धरना समाप्त कर काम पर लौटें।
शनिवार को पुलिस की टीम के पहुंचने के बाद धरना स्थल पर काफी हलचल रही। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने के बाद ही वे धरना समाप्त करेंगे। बीएचयू के मधुबन क्षेत्र में संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी काफी दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी मांगें हैं कि लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, प्रशासन द्वारा कनिष्ठ लिपिक के 199 पदों पर निकाली गई नई भर्ती का विरोध करने के साथ ही समय पर वेतन भुगतान और अन्य सुविधाओं की मांग की गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी नहीं किया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा, नई भर्ती की प्रक्रिया को लेकर भी कर्मचारियों में असंतोष है। उनका मानना है कि जब तक मौजूदा कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जाता, तब तक नई भर्ती नहीं होनी चाहिए।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर दृढ़ता दिखाई। उन्होंने कहा कि वे अपने हक के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। धरने में शामिल कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वे प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। पुलिस ने धरना स्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ाई है। धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई बार कर्मचारियों से बातचीत की, लेकिन कर्मचारियों ने अपनी मांगों पर अडिग रहने का निर्णय लिया है।
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