वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के अंतर्गत मंगलवार को विकास प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी की टीम ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 17 नए भवनों को ध्वस्त किया. इस कार्रवाई में तीन बुलडोजर और कई मजदूरों की टीम शामिल थी. ध्वस्तीकरण के दौरान किसी प्रकार का विरोध नहीं हुआ, जिससे प्रशासन को कार्रवाई में आसानी हुई.
सूत्रों के अनुसार, मुसाफिरखाना क्षेत्र में भवन स्वामियों को रजिस्ट्री के बाद 12 दिन का समय दिया गया था. निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आरंभ की. पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केके सिंह ने बताया कि अब तक दालमंडी चौड़ीकरण में लगभग 60% ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है. विभाग का लक्ष्य 31 मई तक इस पूरे अभियान को समाप्त करने का है. इस दौरान मदरसे पर भी हथौड़ा चला.
*दालमंडी क्षेत्र में यातायात समस्या को हल करना*
इस चौड़ीकरण अभियान का उद्देश्य दालमंडी क्षेत्र में
यातायात की समस्या को हल करना और क्षेत्र के विकास को गति देना है. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में सभी कानूनी पहलुओं का ध्यान रखा जाए. इसके साथ ही, प्रभावित भवन स्वामियों को उचित समय दिया गया ताकि वे अपनी संपत्तियों के संबंध में आवश्यक कदम उठा सकें.
दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे उनकी संपत्ति के लिए खतरा मानते हैं. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रक्रियाएँ पारदर्शिता के साथ की जाएंगी और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान किया जाएगा. इस अभियान के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियाँ कर ली हैं. 31 मई तक अभियान को पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं.
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