वाराणसी जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की पहल और दूरदर्शी सोच से रामनगर स्थित बाल संरक्षण संस्थान के बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलने जा रही है। उनके प्रयासों से *काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुआ है, जिसके तहत संस्थान में रह रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्यक्रम चलाए जाएंगे। बीएचयू के कुलपति आवास पर आयोजित कार्यक्रम में जिला जज संजीव शुक्ला और कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की उपस्थिति में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और कुलसचिव प्रो. अरुण सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।* इस समझौते की अवधारणा और क्रियान्वयन में जिलाधिकारी की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि बाल संरक्षण संस्थानों में रहने वाले कई बच्चे जीवन की कठिन और विषम परिस्थितियों से गुजरकर यहां तक पहुंचते हैं। ऐसे बच्चों के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और बेहतर भविष्य निर्माण के लिए केवल पारंपरिक शिक्षा नहीं, बल्कि नई सोच और विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। इसी सोच के तहत बीएचयू जैसी प्रतिष्ठित संस्था को इस अभियान से जोड़ा गया है।
इस समझौते के तहत बच्चों को गणित, विज्ञान, कंप्यूटर शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य एवं पोषण, कला-संस्कृति, जीवन कौशल, डिजिटल एवं व्यवसायिक शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास जैसी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही बीएचयू के विशेषज्ञ बच्चों की नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता विकसित करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी चलाएंगे।
जिलाधिकारी की इस पहल को बाल संरक्षण संस्थानों के बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और बेहतर भविष्य देने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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