5/24/2026

काशी विश्वनाथ मन्दिर में स्पर्श दर्शन कराने के नाम पर ठगी करने वाले दलालों को पुलिस ने किया सलाखों के पीछे

वाराणसी। काशी विश्वनाथ मन्दिर में स्पर्श दर्शन कराने के नाम पर ठगी करने वाले दलालों को पुलिस ने सलाखों के पीछे रवि‍वार को भेज दिया है। वाराणसी के एसीपी ने नए रंगरूटों की इसमें मदद ली ता‍क‍ि दलाल स्‍थानीय पु‍ल‍िस और इनमें फर्क ना कर सकें।इस कार्रवाई से तमाम चेहरे सामने आ गए।

श्री काशी विश्वनाथ धाम, जो न केवल देश बल्कि विदेशों से भी आने वाले भक्तों के आकर्षण का केंद्र है, यहाँ प्रतिदिन सुबह 4 से 5 बजे और शाम 4 से 5 बजे तक निशुल्क स्पर्श दर्शन की व्यवस्था की जाती है। लेकिन कुछ अवैध दलाल इस अवसर का लाभ उठाकर भक्तों से पैसे मांगते थे, उन्हें सुगम दर्शन का झांसा देकर ठगते थे। इस संबंध में वाराणसी कमिश्‍नरेट के दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इन शिकायतों के आधार पर एसीपी ने एक विशेष ऑपरेशन की योजना बनाई। आज वाराणसी पुलिस ने चौक थाना क्षेत्र से 22 और दशाश्वमेध थाना क्षेत्र से तीन सहित कुल 25 अवैध दलालों को गिरफ्तार किया। एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि भोर में पुलिस के नए रंगरूट, जिनमें महिला सिपाही भी शामिल थीं, को दर्शनार्थी के रूप में श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 पर तैनात किया गया था। जब अवैध दलाल उन्हें स्पर्श दर्शन का झांसा देकर पैसे मांग रहे थे, तब उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इससे पहले भी इस मामले में कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। एसीपी ने बताया कि भक्तों से अवैध धन उगाही की शिकायतें पहले भी मिली थीं। इस जागरूकता के लिए मंदिर से लेकर नंदी चौक और मैदागिन तक पुलिस ने दलालों से सावधान रहने के लिए बोर्ड लगाए थे। इस कार्रवाई के बाद कई भक्तों ने बोर्ड पर दिए गए नंबर पर फोन कर अवैध दलालों की सूचना दी थी। पिछले कुछ समय में चौक और दशाश्वमेघ थाने में क्रमशः 26 और 22 दलालों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से इस सिण्डिकेट ने दर्शन के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेना बंद कर दिया था। लेकिन हाल ही में जब ये दलाल फिर से सक्रिय हो गए और शिकायतें मिलीं, तो आज 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार, अब तक कुल 73 अवैध दलालों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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