5/28/2026

बेनियाबाग बकरा मंडी विवाद: ठेके की अवधि खत्म होने से पहले बंद हुई मंडी, ठेकेदार ने लगाए गंभीर आरोप


वाराणसी:
बकरीद के मद्देनजर वाराणसी के बेनियाबाग स्थित राजनारायण स्मारक पार्क में आयोजित पारंपरिक बकरा मंडी इस बार विवादों में आ गई है। मंडी के ठेकेदार साजिद खान ने नगर निगम, स्मार्ट सिटी और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ठेके की अवधि समाप्त होने से तीन दिन पहले ही बिना किसी लिखित आदेश के मंडी को जबरन बंद करा दिया गया।

जानकारी के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी शासन के नियमों के तहत बकरा मंडी का आयोजन किया गया था। मंडी का ठेका 24 लाख 50 हजार रुपये में आवंटित किया गया था और इसकी अवधि 16 मई 2026 से 27 मई 2026 तक निर्धारित थी।

ठेकेदार साजिद खान का आरोप है कि प्रशासन ने शुरुआत से ही कार्य में बाधाएं उत्पन्न कीं। पहले एनओसी जारी करने में देरी हुई और 18 मई को अनुमति मिलने के बाद मंडी को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में करीब 5 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए गए। इसके बावजूद 25 मई की सुबह पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मंडी को बंद करा दिया।

साजिद खान ने कहा कि 18 मई से 24 मई तक मंडी शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हो रही थी और यहां वाराणसी समेत दूर-दराज के जिलों से व्यापारी और पशुपालक पहुंच रहे थे। उनका कहना है कि जब उन्होंने अधिकारियों से ठेका अवधि 27 मई तक होने की बात कही तो कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया गया। आरोप है कि मौखिक रूप से ‘सनातन धर्म को ठेस पहुंचने’ जैसी बातें कहकर मंडी बंद करा दी गई।

ठेकेदार ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन को मंडी के आयोजन पर किसी प्रकार की आपत्ति थी तो यह बात ठेका देने से पहले स्पष्ट की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरी ठेका राशि और टैक्स जमा करने के बावजूद समय से पहले मंडी बंद कराना गलत है और इससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

साजिद खान ने मांग की है कि समय से पहले निरस्त किए गए ठेके की राशि वापस की जाए और हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए।

इस कार्रवाई से न केवल ठेकेदार बल्कि दूर-दराज से आए पशुपालकों और छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। फिलहाल पूरे मामले में नगर निगम, स्मार्ट सिटी और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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