वाराणसी। धार्मिक और पर्यटन नगरी काशी में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को सारनाथ क्षेत्र की बुद्ध विहार आवासीय कॉलोनी में वीडीए की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 नामचीन होटलों को पूरी तरह सील कर दिया। इस कार्रवाई से शहर के होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।
*आवासीय नक्शे पर व्यावसायिक खेल*
वीडीए के अनुसार, सील किए गए अधिकांश होटलों ने मानचित्र की स्वीकृति 'आवासीय' उपयोग के लिए ली थी, लेकिन मौके पर वहां बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां (होटल) संचालित की जा रही थीं। कई भवन तो ऐसे थे जिनका कोई स्वीकृत मानचित्र ही नहीं था। जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कुछ संचालकों ने सराय एक्ट के तहत लाइसेंस लेने के लिए फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों का सहारा लिया था।
*ट्रैफिक और सुरक्षा बनी बड़ी वजह*
स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से इन होटलों के कारण होने वाली समस्याओं की शिकायत की थी। रिहायशी इलाके में होटलों के पास पार्किंग की व्यवस्था न होने से सड़कों पर जाम लग रहा था। साथ ही, सुरक्षा के मानकों की अनदेखी और बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही से कॉलोनी की शांति भंग हो रही थी।
*ये होटल हुए सील:*
प्राधिकरण ने जिन प्रमुख होटलों पर ताला जड़ा है, उनमें शामिल हैं:
• होटल किरन पैलेस, होटल A-ZURE, होटल Four Leaf
• होटल Vedic Roots, स्टे इन काशवी, होटल रियो बनारस
• होटल Zion Inn, होटल पार्क प्लाजा, होटल सिल्क सिटी
• होटल हॉलिडे इन, होटल स्कायर इन, Comfort in Banaras और ट्रस द्वारा संचालित एक नया होटल।
*नियमों का पालन अनिवार्य: VDA*
✨VDA ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 के तहत अब मानकों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। होटलों के लिए पर्याप्त पार्किंग, फायर सेफ्टी, और सड़क की न्यूनतम चौड़ाई का होना अनिवार्य है। "मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया अब बेहद सरल है। अगर मानक पूरे हैं, तो 7 दिनों के भीतर स्वीकृति दी जा रही है। लेकिन रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से होटल चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" — VDA प्रशासन
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